एलपीजी सिलेंडर रीफिल के लिए आधार‑बायोमेट्रिक अनिवार्यता पर हाई कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा
दिल्ली हाई कोर्ट ने LPG रीफिल बुकिंग के लिये आधार‑बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य करने वाले सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से लिखित जवाब देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने बताया कि यह नियम 3.16 करोड़ उपभोक्ताओं को प्रभावित कर सकता है और बुजुर्ग, दिव्यांग व बिना आधार वाले नागरिकों को असमानता व संविधानिक अधिकारों का उल्लंघन कर सकता है।

सौजन्य से:- Navbharat Times
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को अनिवार्य बनाने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी सहित नियंत्रित खुदरा बिक्री मूल्य पर ‘रीफिल’ बुक कराने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (बीएए) को अनिवार्य करने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र का रुख पूछा है।
पीठ ने केंद्र सरकार से कही ये बात
चीफ जस्टिस डी के उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने केंद्र सरकार के वकील से सोमवार को इस मामले में निर्देश लेकर आने को कहा। पीठ ने मौखिक टिप्पणी में कहा, ‘‘इस देश में हर किसी के पास आधार नहीं है। वे भी एलपीजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।’’
किस याचिका की सुनवाई कर रहा था कोर्ट
अदालत वकील पुलकित लूथरा की ओर से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी। लूथरा 75 प्रतिशत स्थायी दृष्टिबाधिता से पीड़ित हैं और उन्होंने दावा किया कि अनिवार्य बीएए प्रक्रिया उनके जैसे दृष्टिबाधित लोगों के लिए गंभीर कठिनाई पैदा करती है।
क्या था पूरा मामला
याचिका में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) के 17 सितंबर के उस पत्र को चुनौती दी गई है, जो इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) को भेजा गया था।
इस प्रेस विज्ञप्ति को भी दी गई चुनौती
याचिका में 19 सितंबर की उस प्रेस विज्ञप्ति को भी चुनौती दी गई है, जिसमें बीएए पूरा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के एलपीजी रीफिल को रोकने और ‘‘इच्छुक नहीं या सक्षम नहीं’’ उपभोक्ताओं को उपलब्धता के आधार पर पांच किलोग्राम या 10 किलोग्राम के सिलेंडर में बाजार मूल्य पर एलपीजी उपलब्ध कराने की बात कही गई थी।
याचिका में किया गया दावा
याचिका में दावा किया गया है कि इस आदेश से 3.16 करोड़ उपभोक्ता प्रभावित होंगे। इसमें कहा गया है कि इस अनिवार्यता को पर्याप्त कानूनी आधार प्राप्त नहीं है, क्योंकि यह आधार अधिनियम, 2016 के तहत अनुमत दायरे से आगे जाती है। इसमें इसे मनमाना, असंगत और संविधान के अनुच्छेद-14 तथा 21 का उल्लंघन बताया गया है।
मामलों से निपटने में पर्याप्त नहीं
याचिका में कहा गया है कि यह व्यवस्था उन मामलों से निपटने में पर्याप्त नहीं है, जहां उपभोक्ता अपने नियंत्रण से बाहर के कारणों से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा नहीं कर पाते हैं, जैसे बुजुर्ग, दिव्यांग व्यक्ति और उम्र या अन्य शारीरिक सीमाओं का सामना कर रहे लोग।
बाजार मूल्य पर खरीदना होगा सिलेंडर
याचिका में कहा गया, ‘‘ऐसे उपभोक्ताओं को केवल इस कारण 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की आपूर्ति रोक दी जाएगी कि वे बीएए कराने के इच्छुक नहीं हैं या ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं। इन 3.16 करोड़ उपभोक्ताओं को अपनी पसंद का इस्तेमाल करने या आधार के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण नहीं करा पाने की कीमत यह चुकानी होगी कि उन्हें 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी और उन्हें बाजार मूल्य पर पांच किलोग्राम या 10 किलोग्राम वाला सिलेंडर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।’
लेखक के बारे मेंदीपांशुदीपांशु वर्तमान में 'नवभारत टाइम्स ऑनलाइन' में कंसल्टेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ. भीम राव अंबेडकर कॉलेज से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन और आईआईएमसी (IIMC) दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। मीडिया इंडस्ट्री में एक साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपांशु ने अपने करियर की शुरुआत साल 2025 में 'NDTV इंडिया' से की थी।उन्हें डिजिटल न्यूज रूम की तेज रफ्तार और ब्रेकिंग न्यूज कल्चर की अच्छी समझ है। दीपांशु की मुख्य रुचि राजनीति और क्राइम खबरों में है। वह बिहार चुनाव 2025, बजट 2026 और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों को कवर कर चुके हैं। इसके अलावा वह यूटिलिटी, लोकल, जंगल न्यूज और गुड न्यूज जैसी खबरों पर भी लगातार काम करते हैं।सोशल मीडिया और गूगल ट्रेंड्स पर उनकी खास नजर रहती है। वह इंटरनेट पर वायरल हो रहे मुद्दों और पाठकों की पसंद को समझकर खबरों को बहुत सरल, सटीक और असरदार तरीके से पेश करते हैं।... और पढ़ें
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