राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक ऋण विवादों का समाधान
आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकिंग और ऋण संबंधी लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर विवादों का समाधान सुलह-समझौते के माध्यम से करने के निर्देश दिए हैं। लोक अदालत में प्राथमिकता के आधार पर मामले प्रस्तुत करने को कहा गया है।

सौजन्य से:- livehindustan.com
राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकिंग प्रकरणों के निस्तारण पर जोर
12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकिंग और ऋण संबंधी लंबित मामलों के निस्तारण हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बैंक अधिकारियों के साथ बैठक की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे विवादों का समाधान सुलह-समझौते के माध्यम से करें और लोक अदालत में प्राथमिकता के आधार पर मामले प्रस्तुत करें।
बलरामपुर, संवाददाता। आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकिंग एवं ऋण संबंधी लंबित प्रकरणों के अधिकाधिक निस्तारण को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रविवार को बैंक अधिकारियों के साथ बैठक की गई। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष उत्कर्ष चतुर्वेदी के निर्देश पर सचिव यशपाल वर्मा ने विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधकों व प्रतिनिधियों की बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, ग्रामीण बैंक समेत विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोक अदालत में निस्तारण योग्य ऋण वसूली, बैंक ऋण व अन्य बैंकिंग संबंधी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया जाए।
उन्होंने कहा कि संबंधित ऋण खाताधारकों और पक्षकारों से संपर्क कर उन्हें आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के माध्यम से विवाद का समाधान करने के लिए प्रेरित किया जाए। पात्र मामलों में व्यावहारिक व सुलहपरक दृष्टिकोण अपनाते हुए उचित समझौता प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। सचिव यशपाल वर्मा ने कहा कि लोक अदालत लंबित मामलों के निस्तारण के साथ बैंक और ऋणग्राही के बीच संवाद व समाधान का प्रभावी माध्यम है। समझौते के माध्यम से पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है, वहीं बैंकों की लंबित वसूली प्रक्रिया में भी तेजी आती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की कि न्यायालय में लंबित बैंक ऋण अथवा अन्य बैंकिंग विवादों का राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर सरल और त्वरित समाधान प्राप्त करें।
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