बीएचयू प्रशासन के दबाव में गवाह, अदालत ने गवाही रद्द करने का आदेश मांगा
आईआईटी बीएचयू की छात्रा के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म मामले में बचाव पक्ष ने कहा कि बीएचयू प्रशासन के दबाव के कारण एक गवाह सही तथ्य नहीं बता पाएगा। इसलिए अदालत से गवाही का अवसर समाप्त करने की प्रार्थना की गई और अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 29 सितंबर निर्धारित की गई।

सौजन्य से:- amarujala.com
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सामूहिक दुष्कर्म का मामला: बीएचयू प्रशासन के दबाव में गवाह, अदालत से गवाही का मौका निरस्त करने का अनुरोध
Thu, 24 Sep 2026 12:11 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Thu, 24 Sep 2026 12:11 PM IST
सार
आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान बचाव साक्ष्य के लिए तलब किए गए गवाहों में से एक अदालत में उपस्थित हुआ। बचाव पक्ष ने कहा कि बीएचयू प्रशासन के दबाव के कारण गवाह सही तथ्य रखने की स्थिति में नहीं है।
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विस्तार
आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में बुधवार को फास्टट्रैक (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। आरोपी कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल की ओर से बचाव साक्ष्य के लिए तलब किए गए गवाहों में से एक अदालत में उपस्थित हुआ।
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बचाव पक्ष ने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि बीएचयू प्रशासन के दबाव के कारण गवाह सही तथ्य रखने की स्थिति में नहीं है। इसके चलते दोनों गवाहों की गवाही का अवसर समाप्त करने की मांग की गई। अदालत ने अवसर समाप्त कर अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 29 सितंबर की तारीख नियत की है।
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पिछली सुनवाई में कुणाल पांडेय और सक्षम पटेल की ओर से सफाई साक्ष्य के लिए तत्कालीन आईआईटी पोस्ट, बीएचयू में तैनात सुरक्षाकर्मी संतोष कुमार त्रिपाठी और सौरभ सिंह को गवाही के लिए तलब करने की मांग की गई थी। अदालत ने दोनों को बयान के लिए तलब किया था। बुधवार को बचाव पक्ष की ओर से ही दोनों की गवाही का अवसर समाप्त करने का अनुरोध किया गया। सुनवाई के दौरान तीनों आरोपित अपने अधिवक्ताओं के साथ उपस्थित रहे।
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अभियोजन के अनुसार, दो नवंबर 2023 की रात बीएचयू परिसर में आईआईटी की छात्रा के साथ बाइक सवार तीन आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता की तहरीर पर लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज हुआ था। विवेचना के दौरान सुंदरपुर निवासी कुणाल पांडेय, जीवधिपुर-बजरडीहा निवासी आनंद उर्फ अभिषेक चौहान और सक्षम पटेल के नाम प्रकाश में आए थे। इसके बाद तीनों को मामले में आरोपी बनाया गया।
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