होममुकदमेइलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर सख्त किया, कोई भी मंच भारतीय कानून से नहीं बच सकता
मुकदमे

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर सख्त किया, कोई भी मंच भारतीय कानून से नहीं बच सकता

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया मंच को भारतीय कानूनों के दायरे में आने के लिए मजबूर करने के साक्ष्य पेश किए, किसी भी सोशल मीडिया मंच को भारतीय कानून से नहीं बच सकता है

8 जुलाई 2026 को 08:58 am बजे
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर सख्त किया, कोई भी मंच भारतीय कानून से नहीं बच सकता

सौजन्य से:- Amar Ujala

हाईकोर्ट की टिप्पणी : कोई भी सोशल मीडिया मंच भारतीय कानून से ऊपर नहीं, यह है पूरा मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कोई भी सोशल मीडिया मंच भारतीय कानून और जांच एजेंसियों के प्रति जवाबदेही से नहीं बच सकता है। कानून का दायरा इतना व्यापक है कि किसी नियम का उल्लंघन होने पर दोषियों को न्याय के कठघरे तक ला सकता है।

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कोई भी सोशल मीडिया मंच भारतीय कानून और जांच एजेंसियों के प्रति जवाबदेही से नहीं बच सकता है। कानून का दायरा इतना व्यापक है कि किसी नियम का उल्लंघन होने पर दोषियों को न्याय के कठघरे तक ला सकता है।

यह तल्ख टिप्पणी न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में एक्स (पूर्व में ट्विटर) के अधिकारियों के जांच में सहयोग नहीं करने पर की। एक व्यक्ति ने गाजियाबाद के इंद्रापुरम थाने में दर्ज मामले की निष्पक्ष और जल्द जांच पूरी कराने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी।

जांच अधिकारी ने हलफनामे के माध्यम से बताया कि एक्स ने उस खाते का यूआरएल, पहचान संबंधी विवरण, आईपी पता उपलब्ध नहीं कराया जिससे याची के कथित अश्लील वीडियो और तस्वीरें साझा की गई थीं। इससे जांच आगे नहीं बढ़ सकी और अतिरिक्त समय की आवश्यकता पड़ी।

कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया मंच के अधिकारियों का पुलिस जांच में सहयोग न करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रथम दृष्टया यह हलफनामा पुलिस व्यवस्था की विफलता स्वीकार करने जैसा प्रतीत होता है। एक ओर एक्स के अधिकारियों ने जांच में बाधा उत्पन्न की, वहीं दूसरी ओर पुलिस भी अपने वैधानिक दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर सकी।

जांच की धीमी प्रगति पर असंतोष जताते हुए कोर्ट ने गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। पूछा है कि एक्स के अधिकारियों का सहयोग सुनिश्चित करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए। कोर्ट ने आदेश की एक प्रति उत्तर प्रदेश के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को भेजने का आदेश दिया। अब 12 अगस्त को सुनवाई होगी।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट में धर्मांतरित मुस्लिमों के आरक्षण पर तमिलनाडु सरकार की अपील, मद्रास HC के फैसले को चुनौती
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट में धर्मांतरित मुस्लिमों के आरक्षण पर तमिलनाडु सरकार की अपील, मद्रास HC के फैसले को चुनौती

तमिलनाडु सरकार ने इस्लाम धर्मांतरण पर उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
मुकदमे

तमिलनाडु सरकार ने इस्लाम धर्मांतरण पर उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

तमिलनाडु ने उच्चतम न्यायालय में आरक्षण मामला दर्ज किया
मुकदमे

तमिलनाडु ने उच्चतम न्यायालय में आरक्षण मामला दर्ज किया

सड़क दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति के परिवार को 31.43 लाख रुपये का मुआवजा
मुकदमे

सड़क दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति के परिवार को 31.43 लाख रुपये का मुआवजा

बारिश के बीच भी शास्त्रीनगर में महिलाओं का धरना जारी, 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
मुकदमे

बारिश के बीच भी शास्त्रीनगर में महिलाओं का धरना जारी, 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

गर्भवती IPS अधिकारियों को प्रशिक्षण से रोकने वाले नियम पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
मुकदमे

गर्भवती IPS अधिकारियों को प्रशिक्षण से रोकने वाले नियम पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के लिए विशेष अदालत अगस्त में होगी
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के लिए विशेष अदालत अगस्त में होगी

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट: गुजरात हाईकोर्ट ने दी मुहर, दोषियों के परिवार सुप्रीम कोर्ट जाने की कर रहे तैयारी
मुकदमे

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट: गुजरात हाईकोर्ट ने दी मुहर, दोषियों के परिवार सुप्रीम कोर्ट जाने की कर रहे तैयारी

ताज़ा ख़बरें