अकाल तख्त की समिति ने कानून विरोधी आपत्तियों के समाधान के लिए पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी
अकाल तख्त की विशेषज्ञ समिति ने पंजाब सरकार से धार्मिक अपमान विरोधी कानून पर अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। सरकार ने उठाई गई आपत्तियों पर जवाब नहीं दिया है। समिति ने सरकार से विचार-विमर्श के लिए एक महीने का समय दिया था।

सौजन्य से:- Hindustan
पंजाब में बेअदबी कानून पर अकाल तख्त की समिति ने मांगी अनुपालन रिपोर्ट
अमृतसर में अकाल तख्त की विशेषज्ञ समिति ने पंजाब सरकार से धार्मिक अपमान विरोधी कानून पर अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। समिति ने सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था द्वारा उठाए गए आपत्तियों का समाधान नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने सरकार को इस समस्या का समाधान करने के लिए एक महीने का समय दिया था।
अमृतसर, एजेंसी। पंजाब में धार्मिक अपमान विरोधी (बेअदबी) प्रस्तावित कानून को लेकर अकाल तख्त की विशेषज्ञ समिति ने पंजाब सरकार से अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। समिति ने पंजाब सरकार से कहा है कि इस कानून पर कोई चर्चा करने से पहले सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर जवाब दे। अकाल तख्त की यह समिति प्रस्तावित ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ से जुड़े मुद्दों पर पंजाब सरकार से चर्चा के लिए बनाई गई है। अकाल तख्त सचिवालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि सरकार ने 29 जुलाई को सरकार की ओर से जो जवाब पेश किया था, उसमें अकाल तख्त द्वारा उठाए गए बुनियादी मुद्दों का कोई समाधान नहीं निकला है।
खासतौर पर उन प्रावधानों का कोई हल नहीं सुझाया गया है, जो सिख धार्मिक मामलों में दखल से संबंधित हैं। बयान में इस जवाब को तथ्यों को घुमाने-फिराने वाला करार दिया गया। इस बात पर भी नाराजगी जताई गई कि अकाल तख्त द्वारा पर्याप्त समय देने के बावजूद पंजाब सरकार ने अब तक इस मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए अपनी समिति नहीं बनाई है।इससे पहले, 29 जून को अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने राज्य सरकार से कहा था कि वह धार्मिक अपमान-विरोधी कानून के संबंध में उनकी आपत्तियों का एक महीने के भीतर समाधान करे।
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