संसद सत्र के कारण ओवैसी अदालत नहीं पहुंच सके, अगली सुनवाई 13 अगस्त को
ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को छिजारसी टोल प्लाजा पर हमले का सामना करना पड़ा था। उन्हें आज अदालत में गवाही देने आना था, लेकिन संसद सत्र के कारण वह नहीं आ सके। अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।

सौजन्य से:- Hindustan
संसद सत्र के कारण गवाही देने अदालत नहीं पहुंच सके असदुद्दीन ओवैसी
ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को 3 फरवरी 2022 को छिजारसी टोल प्लाजा पर हमले का सामना करना पड़ा था। उन्हें आज अदालत में गवाही देने आना था, लेकिन संसद सत्र की वजह से वह नहीं आ सके। अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।
ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी पर 3 फरवरी 2022 को यहां छिजारसी टोल प्लाजा पर जानलेवा हो गया था। इस मामले में यहां की एक अदालत में मुकदमा की सुनवाई चल रही है। उन्हें आज इस मुकदमें में गवाही देने के लिए आना था, लेकिन संसद सत्र चलने के कारण वह नहीं आ सके। उनके आने के कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस ने जिला न्यायालय और उसके बाहर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। न्यायालय ने इस मुकदमें में अगली तारीख 13 अगस्त नियत की है। उम्मीद है कि 13 अगस्त को वह गवाही देने के लिए यहां पहुंच सकते हैं। जनपद के पिलखुवा थाना क्षेत्र में तीन फरवरी 2022 को यूपी विधान सभा चुनाव के दौरान प्रचार करने के बाद मेरठ से दिल्ली लौटते एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी पर दिल्ली लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग 9 पर छिजारसी टोल के पास हमला हो गया था। आरोपियों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, लेकिन वह किसी तरह बच गए थे। इस हमले की जानकारी उन्होंने उस समय अपने टि्वटर अकाउंट से दी थी। पुलिस ने इस मामले में नोएडा के बादलपुर निवासी सचिन और उसके साथी शुभम को गिरफ्तार कर लिया था。
गवाही की प्रक्रिया
इस मामले में यहां की एक न्यायालय में उन्हें आज मंगलवार को गवाही देने के लिए आना था, लेकिन संसद सत्र होने के कारण वह नहीं आ सके हैं। अब 13 अगस्त की अगली तिथि इस मुकदमें में लगी है। उम्मीद की जा रही है। 13 अगस्त को वह यहां पहुचेंगे।
पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था
एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी के अधिवक्ता आरिफ खान ने बताया कि इस मुकदमें में यामीन माजिद, शौकत की गवाही हो चुकी है, जबकि एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी की गवाही चल रही है। इससे पहले वह 16 अक्टूबर को यहां न्यायालय में आए थे, लेकिन गवाही पूरी नहीं हो सकी थी। अब इस मामले में 13 अगस्त की तिथि लगी है।
सुरक्षा की तैयारी
वहीं एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी के जिला न्यायालय में आने की सूचना मिलने पर पुलिस ने कचहरी और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। संदिग्धों पर पुलिस की पैनी निगाह थी। थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान ने बताया कि एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी के न्यायालय में आने की सूचना दी। जिस कारण सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी, लेकिन वह किसी कारण से नहीं आ सके।
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लेखक के बारे में
Mulit Tyagiमुलित त्यागी पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान हापुड़ में ब्यूरो इंचार्ज पर काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
मुलित त्यागी भारतीय मीडिया जगत का प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) हापुड़ ब्यूरो में इंचार्ज हैं। 2007 में गढ़मुक्तेश्वर में भूख से मौत प्रकरण में 44 दिनों तक विशेष खबरें की जिससे जरिए उन्हें पत्रकारिता में मजबूत पहचान मिली। भूख से गरीब की मौत, लखीमपुर में बाढ़ का दंश, बदायूं में दो बहनों की लाश पेड़ पर लटकाना, हापुड़ में अरबों रुपये कीमत की सेना की भूमि पर अवैध कब्जे पर बड़ी कार्रवाई जैसी खबरों का मुलित ने ब्रेक किया है।
कॅरियर का सफर
मुलित त्यागी ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2002 में दैनिक जागरण समाचार पत्र से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2003 में अमर उजाला के साथ जुड़े। अमर उजाला में जूनियर सब एडिटर रहते गढ़मुक्तेश्वर तहसील इंचार्ज बनें। 2012 तक वहीं पर लगातार काम किया। एक जनवरी 2013 को हिन्दुस्तान बरेली में ज्वाइन किया और फिर लखीमपुर जिले में ब्यूरो इंचार्ज बनें। 24 फरवरी 2014 को बदायूं जिले में जिम्मेदारी दी गई। अक्तूबर 2014 से हापुड़ ब्यूरो की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी बायोलॉजी के साथ-साथ बीए और राजनीति विज्ञान में एमए उत्तीर्ण।
कार्य और लक्ष्य
कई मामलों में उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। मुलित का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
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