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सुप्रीम कोर्ट ने सत्य निकेतन हादसे का ट्रांसफ़र न कर दिल्ली हाई कोर्ट को ही सुनवाई जारी रखने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच से यह फैसला सुनाया कि वह मामले को अपने पास नहीं लेगा और दिल्ली हाई कोर्ट को मौजूदा कार्यवाही की निगरानी जारी रखने को कहेगी। कोर्ट ने कहा कि सिविल अथॉरिटीज द्वारा उठाए गए कदम सही दिशा में हैं और हाई कोर्ट में चल रही प्रक्रिया में बेवजह दखल की जरूरत नहीं।

10 सितंबर 2026 को 03:04 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने सत्य निकेतन हादसे का ट्रांसफ़र न कर दिल्ली हाई कोर्ट को ही सुनवाई जारी रखने का निर्देश दिया

सौजन्य से:- Navbharat Times

सत्य निकेतन इमारत हादसे से जुड़ी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने अपने पास ट्रांसफर करने से इनकार करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट को ही निगरानी जारी रखने का निर्देश दिया है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने की घटना से जुड़ी कार्यवाही को अपने पास ट्रांसफर न करने का फैसला किया। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि वह मामले की निगरानी जारी रखे क्योंकि "चीजें आगे बढ़ रही हैं"।

सुनवाई के दौरान SC ने की टिप्पणी

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कहा कि वे हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही में दखल नहीं देना चाहते। उन्होंने हाई कोर्ट से कहा कि वह सिविक अथॉरिटीज द्वारा की जा रही कार्रवाई पर नजर रखे और मामले को किसी नतीजे तक पहुंचाए।

हाई कोर्ट को आदेश पारित न करने दें

सुनवाई के दौरान जस्टिस अमानुल्ला ने दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया तुषार मेहता से कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट को आदेश पारित न करने दें। अगर हमें आपकी मदद नहीं मिली, तो हम नाकाम हो जाएंगे।

मामले में क्या है कोर्ट का मानना

सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि दिल्ली हाई कोर्ट में अथॉरिटीज द्वारा की जा रही कार्रवाई सही दिशा में आगे बढ़ रही है। शीर्ष अदालत का मानना था कि हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही में बेवजह हस्तक्षेप करने की ज़रूरत नहीं है, और हाई कोर्ट ही पेइंग गेस्ट (PG) अकोमोडेशन, हॉस्टलों और सुरक्षा नियमों के पालन पर प्रभावी नज़र रख सकता है।

एमिकस क्यूरी ने दिया था सुझाव

एमिकस क्यूरी ने सुझाव दिया था कि एमिकस ने सुझाव दिया था कि दिल्ली हाई कोर्ट के सामने लंबित कार्यवाही को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर किया जा सकता है और मौजूदा कार्यवाही के साथ जोड़ा जा सकता है।

लेखक के बारे मेंदीपांशुदीपांशु वर्तमान में 'नवभारत टाइम्स ऑनलाइन' में कंसल्टेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ. भीम राव अंबेडकर कॉलेज से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन और आईआईएमसी (IIMC) दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। मीडिया इंडस्ट्री में एक साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपांशु ने अपने करियर की शुरुआत साल 2025 में 'NDTV इंडिया' से की थी।उन्हें डिजिटल न्यूज रूम की तेज रफ्तार और ब्रेकिंग न्यूज कल्चर की अच्छी समझ है। दीपांशु की मुख्य रुचि राजनीति और क्राइम खबरों में है। वह बिहार चुनाव 2025, बजट 2026 और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों को कवर कर चुके हैं। इसके अलावा वह यूटिलिटी, लोकल, जंगल न्यूज और गुड न्यूज जैसी खबरों पर भी लगातार काम करते हैं।सोशल मीडिया और गूगल ट्रेंड्स पर उनकी खास नजर रहती है। वह इंटरनेट पर वायरल हो रहे मुद्दों और पाठकों की पसंद को समझकर खबरों को बहुत सरल, सटीक और असरदार तरीके से पेश करते हैं।... और पढ़ें

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