होमसुप्रीम कोर्टकॉलेजियम ने चार हाईकोर्ट में जज नियुक्ति हेतु 14 नाम सुझाए
सुप्रीम कोर्ट

कॉलेजियम ने चार हाईकोर्ट में जज नियुक्ति हेतु 14 नाम सुझाए

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने दिल्ली, कर्नाटक, जम्मू‑कश्मीर एवं लद्दाख तथा झारखंड हाईकोर्ट में न्यायिक पदों के लिए 14 उम्मीदवारों के नाम सुझाए। 10 सितंबर 2026 को सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन सिफ़ारिशों को मंजूरी दी गई।

10 सितंबर 2026 को 05:04 pm बजे
कॉलेजियम ने चार हाईकोर्ट में जज नियुक्ति हेतु 14 नाम सुझाए

सौजन्य से:- Amar Ujala

{"_id":"6aa2df9cb4b86cc19e0f5fb6","slug":"supreme-court-collegium-recommends-14-judges-for-four-high-courts-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट: कॉलेजियम ने की दिल्ली समेत चार हाईकोर्ट के लिए जजों की नियुक्ति की सिफारिश, 14 नाम शामिल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}

सुप्रीम कोर्ट: कॉलेजियम ने की दिल्ली समेत चार हाईकोर्ट के लिए जजों की नियुक्ति की सिफारिश, 14 नाम शामिल

Thu, 10 Sep 2026 10:19 PM IST

देवेश त्रिपाठी

आईएएनएस, नई दिल्ली

आईएएनएस, नई दिल्ली

Published by: देवेश त्रिपाठी

Updated Thu, 10 Sep 2026 10:19 PM IST

सार

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख और झारखंड हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए 14 न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की है। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम की 10 सितंबर 2026 को हुई बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। आइए जानते हैं कि कॉलेजियम ने किन नामों की सिफारिश की है...

विज्ञापन

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कर्नाटक, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख और झारखंड हाईकोर्ट के लिए जजों की नियुक्ति की नई सिफारिशें की हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने गुरुवार को हुई बैठक में इन नियुक्तियों को मंजूरी दी।

कॉलेजियम ने न्यायिक अधिकारियों उषारानी, केएस भारत कुमार और नेराले वीरभद्रैया भवानी को कर्नाटक हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

दिल्ली हाईकोर्ट में आठ न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति पर मुहर

दिल्ली हाईकोर्ट के लिए आठ न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की गई है। इनमें गुरविंदर पाल सिंह, निवेदिता अनिल शर्मा, निशा सहाय सक्सेना, संजय शर्मा-प्रथम, भारत पराशर, डॉ. (श्रीमती) अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया, '10 सितंबर 2026 को हुई सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट के जज के रूप में निम्नलिखित न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।'

विज्ञापन

किन राज्यों के हाईकोर्ट में हुई जजों की नियुक्ति?

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के जज के रूप में न्यायिक अधिकारी यश पाल बॉर्नी की नियुक्ति की भी सिफारिश की गई है। वहीं, झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायिक अधिकारियों मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को जज नियुक्त करने की सिफारिश की गई है।

हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति के लिए लागू प्रक्रिया के अनुसार, संबंधित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अपने दो सबसे वरिष्ठ जजों से सलाह के बाद नियुक्ति का प्रस्ताव शुरू करते हैं। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश सिफारिश मुख्यमंत्री को भेजते हैं, जो इसे राज्यपाल को भेजते हैं। राज्यपाल संबंधित दस्तावेजों और अन्य जानकारियों के साथ प्रस्ताव केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री को भेजते हैं।

कॉलेजियम की सिफारिश पर कैसे लगती है मुहर?

इसके बाद केंद्र सरकार प्रस्ताव पर प्रक्रिया पूरी करती है और इसे भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाता है। सीजेआई हाईकोर्ट के लिए सिफारिश को अंतिम रूप देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जजों से विचार-विमर्श करते हैं। कॉलेजियम की मंजूरी के बाद सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी जाती है। नियुक्ति राष्ट्रपति की ओर से नियुक्ति वारंट पर हस्ताक्षर किए जाने और कानून मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा भारत के राजपत्र में अधिसूचना जारी किए जाने के बाद प्रभावी होती है।

विज्ञापन

कॉलेजियम ने न्यायिक अधिकारियों उषारानी, केएस भारत कुमार और नेराले वीरभद्रैया भवानी को कर्नाटक हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

दिल्ली हाईकोर्ट में आठ न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति पर मुहर

दिल्ली हाईकोर्ट के लिए आठ न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की गई है। इनमें गुरविंदर पाल सिंह, निवेदिता अनिल शर्मा, निशा सहाय सक्सेना, संजय शर्मा-प्रथम, भारत पराशर, डॉ. (श्रीमती) अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज शामिल हैं।

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया, '10 सितंबर 2026 को हुई सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक में दिल्ली हाईकोर्ट के जज के रूप में निम्नलिखित न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।'

विज्ञापन

किन राज्यों के हाईकोर्ट में हुई जजों की नियुक्ति?

जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के जज के रूप में न्यायिक अधिकारी यश पाल बॉर्नी की नियुक्ति की भी सिफारिश की गई है। वहीं, झारखंड हाईकोर्ट के लिए न्यायिक अधिकारियों मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा को जज नियुक्त करने की सिफारिश की गई है।

हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति के लिए लागू प्रक्रिया के अनुसार, संबंधित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अपने दो सबसे वरिष्ठ जजों से सलाह के बाद नियुक्ति का प्रस्ताव शुरू करते हैं। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश सिफारिश मुख्यमंत्री को भेजते हैं, जो इसे राज्यपाल को भेजते हैं। राज्यपाल संबंधित दस्तावेजों और अन्य जानकारियों के साथ प्रस्ताव केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री को भेजते हैं।

कॉलेजियम की सिफारिश पर कैसे लगती है मुहर?

इसके बाद केंद्र सरकार प्रस्ताव पर प्रक्रिया पूरी करती है और इसे भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाता है। सीजेआई हाईकोर्ट के लिए सिफारिश को अंतिम रूप देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जजों से विचार-विमर्श करते हैं। कॉलेजियम की मंजूरी के बाद सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी जाती है। नियुक्ति राष्ट्रपति की ओर से नियुक्ति वारंट पर हस्ताक्षर किए जाने और कानून मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा भारत के राजपत्र में अधिसूचना जारी किए जाने के बाद प्रभावी होती है।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की मंजूरी से झारखंड हाईकोर्ट में तीन नए जज होंगे नियुक्त
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की मंजूरी से झारखंड हाईकोर्ट में तीन नए जज होंगे नियुक्त

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद वन्यजीव प्राधिकरण ने 35 संरक्षण क्षेत्रों को घटाया या समाप्त किया
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद वन्यजीव प्राधिकरण ने 35 संरक्षण क्षेत्रों को घटाया या समाप्त किया

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण दिल्ली के लक्ज़री होटलों की कीमतें आसमान छू गईं
सुप्रीम कोर्ट

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण दिल्ली के लक्ज़री होटलों की कीमतें आसमान छू गईं

सुप्रीम कोर्ट: न्यायपालिका की आलोचना संभव, पर सही मंच व तर्कसंगत तरीके से
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट: न्यायपालिका की आलोचना संभव, पर सही मंच व तर्कसंगत तरीके से

राष्ट्रीय राजमार्ग अधिग्रहण में पुरानी रियायतों का सॉलसियम‑ब्याज 1894 अधिनियम के तहत तय
सुप्रीम कोर्ट

राष्ट्रीय राजमार्ग अधिग्रहण में पुरानी रियायतों का सॉलसियम‑ब्याज 1894 अधिनियम के तहत तय

सुप्रीम कोर्ट की जाँच, बाजार में लगातार गिरावट और मोदी का जेन‑ज़ेड संवाद
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की जाँच, बाजार में लगातार गिरावट और मोदी का जेन‑ज़ेड संवाद

सुप्रीम कोर्ट की जाँच, लगातार गिरता बाजार और मोदी की जन‑जन संवाद
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की जाँच, लगातार गिरता बाजार और मोदी की जन‑जन संवाद

न्यायाधिकरण सुधार अधिनियम के तहत 248 सदस्यों के कार्यकाल में विस्तार, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
सुप्रीम कोर्ट

न्यायाधिकरण सुधार अधिनियम के तहत 248 सदस्यों के कार्यकाल में विस्तार, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

ताज़ा ख़बरें