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ओवरस्पीडिंग में कटा हजारों रुपये का चालान, ऐसे करें सस्ते में निपटारा

ओवरस्पीडिंग में कटा हजारों रुपये का चालान, ऐसे करें सस्ते में निपटारा Overspeeding Challan Settlement: ओवरस्पीडिंग का भारी-भरकम चालान कट गया है? जानिए नेशनल लोक अदालत और कोर्ट के जरिए अपने ई-चालान की रकम को कानूनी तरीके…

17 अगस्त 2026 को 10:55 am बजे
ओवरस्पीडिंग में कटा हजारों रुपये का चालान, ऐसे करें सस्ते में निपटारा

सौजन्य से:- ABP News

ओवरस्पीडिंग में कटा हजारों रुपये का चालान, ऐसे करें सस्ते में निपटारा

Overspeeding Challan Settlement: ओवरस्पीडिंग का भारी-भरकम चालान कट गया है? जानिए नेशनल लोक अदालत और कोर्ट के जरिए अपने ई-चालान की रकम को कानूनी तरीके से काफी हद तक कम करवाने की पूरी प्रक्रिया.

Overspeeding Challan Settlement: अब समय बहुत बदल चुका है और क्योंकि, भागदौड़ भरी जिंदगी में अब लोग एक-एक मिनट बचाने के लिए कई जोखिम कदम उठा देते हैं. ऐसा हम इस लिए कह रहे हैं क्योंकि, हाईवे और एक्सप्रेसवे पर थोड़ा सा समय बचाने के लिए लोग लिमिट स्पीड से भी तेज चलते हैं और इसके चलते कई लोगों का अनजाने में ओवर स्पीडिंग का चालान कट जाता है. हजार रुपये से लेकर चार हजार रुपये तक का चालान अचानक किसी के भी बजट को पूरी तरह बिगाड़ सकता है.

कई बार जल्दबाजी में या अनजाने में हुई इस गलती का खामियाजा जेब पर बहुत भारी पड़ता है. ज्यादातर लोग चालान का मैसेज देखते ही घबरा जाते हैं और लगता है कि अब तो पूरा पैसा भरना ही पड़ेगा. लेकिन आपको बता दें कि हमारे देश के कानून में ऐसे कई विकल्प दिए गए हैं जिनकी मदद से आप इस चालान की रकम को काफी हद तक कम करवा सकते हैं या फिर बहुत सस्ते में इसका निपटारा कर सकते हैं. तो चलिए जानतें हैं कि कैसे आप सही तरीका अपनाकर अपने ओवरस्पीडिंग चालान की भारी रकम से राहत पा सकते हैं.

लोक अदालत की लें मदद

आपको बता दें कि, अगर आपकी गाड़ी का ओवरस्पीडिंग का चालान कट गया है तो इसका सबसे सस्ता और आसान निपटारा नेशनल लोक अदालत के जरिए होता है. देश में साल में तीन से चार बार नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाता है. जहां पेंडिंग ट्रैफिक चालानों का निपटारा बहुत ही कम रकम में कर दिया जाता है. लोक अदालत लगने से कुछ दिन पहले संबंधित ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर ऑनलाइन स्लॉट बुक करना होता है.

जिसके बाद इस स्लॉट की पर्ची लेकर जब आप निर्धारित तारीख पर लोक अदालत पहुंचते हैं तो जज आपकी बात सुनते हैं. वहां आपके चालान की रकम को 50 से 80 फीसदी तक कम कर दिया जाता है और कई बार तो पहली गलती मानकर मामूली फाइन पर ही मामला खत्म कर दिया जाता है.

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ऑनलाइन मांगे रियायत

वहीं, अगर आप कोर्ट के चक्कर नहीं काटना चाहते हैं तो सरकार का वर्चुअल कोर्ट पोर्टल आपके लिए बेहतरीन विकल्प है. जब आपकी गाड़ी का ई-चालान कटता है और आप उसका समय पर भुगतान नहीं करते तो वह मामला खुद ब खुद वर्चुअल कोर्ट में ट्रांसफर हो जाता है. इसके बाद आपके पास मैसेज के जरिए वर्चुअल कोर्ट का लिंक आता है.

जिसके बाद आप इस पोर्टल पर लॉगिन करके आप अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं और जज से जुर्माना कम करने की अपील कर सकते हैं. कई मामलों में जज आपकी अर्जी और रिकॉर्ड देखकर चालान की रकम को आधा या उससे भी कम कर देते हैं. इसके बाद आप बची हुई कम रकम का ऑनलाइन भुगतान करके वहीं से रसीद हासिल कर सकते हैं.

गलत चालान पर करें चैलेंज

जानकारी के लिए बता दें कि, कई बार ऐसा भी देखा गया है कि स्पीड गन या कैमरों की तकनीकी खराबी के कारण गलत चालान कट जाता है. अगर आपकी गाड़ी लिमिट के अंदर थी फिर भी ओवरस्पीडिंग का मैसेज आया है तो आपको एक रुपया भी भरने की जरूरत नहीं है. आप तुरंत मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे के आधिकारिक परिवहन ई-चालान पोर्टल पर जाएं.

जिसके बाद वहां शिकायत वाले सेक्शन में जाकर अपने चालान नंबर के साथ आपत्ति दर्ज कराएं. आप अपनी बात के समर्थन में गाड़ी की लोकेशन, डैशकैम की फुटेज या स्पीड प्रूफ अपलोड कर सकते हैं. जांच में अगर आपकी बात सही पाई जाती है तो ट्रैफिक पुलिस आपके चालान को बिना कोई फाइन लिए पूरी तरह से रद्द कर देती है.

दलालों से बचें

आपको बता दें कि, चालान का निपटारा कराते समय अक्सर लोग घबराकर एजेंटों या दलालों के चक्कर में फंस जाते हैं और अपना एक्स्ट्रा नुकसान करा बैठते हैं. किसी भी तीसरे इंसान को पैसे देने के बजाय हमेशा सरकारी पोर्टल या फिर खुद लोक अदालत जाकर ही प्रक्रिया पूरी करें. इसके अलावा इस बात का विशेष ध्यान रखें कि चालान कटने के बाद उसे बहुत लंबे समय तक अनदेखा न करें.

अगर आप तय समय के अंदर लोक अदालत, वर्चुअल कोर्ट या नॉर्मल कोर्ट के जरिए इसका निपटारा नहीं करते हैं तो आपकी गाड़ी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है. गाड़ी ब्लैकलिस्ट होने पर आप न तो उसे बेच पाएंगे और न ही उसका इंश्योरेंस रिन्यू हो पाएगा. इसलिए सही समय पर कानूनी रास्ता चुनकर समझदारी से अपना चालान कम करवाएं.

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