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कैमूर में 18 जुलाई को सुलह-समझौता पर मामलों का होगा त्वरित निपटान

भभुआ में विशेष लोक अदालत आयोजित होगा, जिसमें पार्टियों के बीच सुलह के आधार पर दिवाला और लम्बित वादों का निपटान किया जाएगा। एनआई एक्ट के तहत चल रहे मामलों को शीघ्र निपटान का उद्देश्य है।

17 जुलाई 2026 को 04:13 pm बजे
कैमूर में 18 जुलाई को सुलह-समझौता पर मामलों का होगा त्वरित निपटान

सौजन्य से:- Hindustan

कैमूर में आज विशेष लोक अदालत का होगा आयोजन

विशेष लोक अदालत भभुआ में 18 जुलाई 2026 को एनआई एक्ट के मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाएगा। यह सुलह-समझौता के आधार पर लंबित मामलों को निपटाने का एक अवसर है। न्यायिक अधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों का संदर्भ देने के लिए निर्देशित किया गया है, जिससे विवादों का समाधान संभव हो सके।

विशेष लोक अदालत में एनआई एक्ट के मामलों का होगा त्वरित निष्पादन लंबित वादों का सुलह-समझौता के आधार पर त्वरित निष्पादन किया जाएगा (पेज तीन) भभुआ,हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देश पर 18 जुलाई 2026 को व्यवहार न्यायालय भभुआ एवं अनुमंडल न्यायालय मोहनियां में विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी।

उद्देश्य

इसका मुख्य उद्देश्य 'पराक्रम्य लिखत अधिनियम' की धारा 138 से संबंधित लंबित वादों का सुलह-समझौता के आधार पर त्वरित निष्पादन करना है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अनुराग के मार्गदर्शन में इसके लिए दो विशेष बेंच का गठन किया गया है। व्यवहार न्यायालय भभुआ की बेंच में न्यायिक दंडाधिकारी प्रतिमा कुमारी पीठासीन पदाधिकारी होंगी, जबकि अनुमंडल न्यायालय मोहनियां की बेंच में अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी अंकिता राज को पीठासीन पदाधिकारी बनाया गया है। हाल ही में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुराग द्वारा जिले के सभी न्यायिक पदाधिकारीगण के साथ समीक्षा बैठक की गई, जिसमें उन्होंने निर्देश दिया था कि एनआई एक्ट से संबंधित अधिक से अधिक मामलों को विशेष लोक अदालत में संदर्भित किया जाए।

विशेष निर्देश

उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह पक्षकारों को हर संभव सहायता प्रदान करें, ताकि सुलभ न्याय सुनिश्चित हो सके और मामलों का अधिकतम निष्पादन संभव हो। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव डॉ. शैल ने सभी संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि जिन लोगों के मामले एनआई एक्ट के अंतर्गत न्यायालय में लंबित हैं, वह सीधे संबंधित न्यायालय अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय में उपस्थित होकर अपने मामलों का सुलह के माध्यम से निष्पादन करा सकते हैं। एनआई एक्ट क्या है जानकार बताते हैं कि एनआई एक्ट (नेगोटिबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881) भारत में व्यापार और वित्तीय लेनदेन को सुरक्षित बनाने वाला एक प्रमुख कानून है। इस एक्ट की धारा 138 सबसे ज्यादा चर्चा में रहती है।

जानकारी

यदि कोई व्यक्ति किसी देनदारी के भुगतान के लिए चेक देता है और वह बैंक से बाउंस (अस्वीकृत) हो जाता है, तो यह एक दंडनीय अपराध है। चेक बाउंस होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे खाते में पर्याप्त पैसा न होना या हस्ताक्षर का मेल न खाना। सचिव ने कहा कि यह विशेष लोक अदालत पक्षकारों को मुकदमेबाजी के झंझट से मुक्ति दिलाने और आपसी सहमति से विवाद के समाधान का एक सुनहरा अवसर है।

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