'ग्राहकों के लिए अपनी संपत्ति भी बेच दूंगा...' सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चर्चा में आया रामोजी राव का वो ऐतिहासिक पत्र
'ग्राहकों के लिए अपनी संपत्ति भी बेच दूंगा...' सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चर्चा में आया रामोजी राव का वो ऐतिहासिक पत्र सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ ही रामोजी राव द्वारा 2006 में जमाकर्ताओं को लिखे पत्र में जो भरोसा ज…

सौजन्य से:- ETV Bharat
'ग्राहकों के लिए अपनी संपत्ति भी बेच दूंगा...' सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चर्चा में आया रामोजी राव का वो ऐतिहासिक पत्र
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ ही रामोजी राव द्वारा 2006 में जमाकर्ताओं को लिखे पत्र में जो भरोसा जताया था वह साबित हो गया.
Published : August 21, 2026 at 8:47 PM IST
हैदराबादः सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व सांसद वुंडावल्ली अरुण कुमार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें तेलंगाना हाई कोर्ट के मार्गदर्शी फाइनेंशियर्स के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने के फैसले को चुनौती दी गई थी. इस फैसले के साथ ही करीब दो दशक पहले शुरू हुई एक कानूनी लड़ाई का अंत हो गया है.
यह फैसला स्वर्गीय रामोजी राव द्वारा मार्गदर्शी के जमाकर्ताओं (डिपॉजिटर्स) को भरोसा दिलाने के लगभग 20 साल बाद आया है, जब कई राजनेताओं ने मार्गदर्शी पर आरोप लगाए थे. 10 नवंबर 2006 को रामोजी राव ने जमाकर्ताओं को एक खुला पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने आश्वासन दिया था कि यह संस्था इन बेबुनियाद आरोपों से "साफ धुले हुए मोती की तरह" बेदाग निकलकर बाहर आएगी और उनके पैसे पूरी तरह सुरक्षित हैं.
रामोजी राव के द्वारा लिखे गये पत्र के अंश...
हमारे सम्मानित ग्राहकों के लिए,
मार्गदर्शी, 1962 से ग्राहकों के विश्वास और वित्तीय अनुशासन के साथ काम कर रही है. यह संस्था अपने ग्राहकों के भरोसे को अपनी ताकत मानती है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
मार्गदर्शी का 40 से अधिक वर्षों का गौरवशाली इतिहास है, जो पूरी ईमानदारी से जमाकर्ताओं की सेवा कर रही है. यहां ग्राहकों का निवेश और रिटर्न पूरी तरह सुरक्षित रहता है.
फिलहाल, कुछ लोग झूठे और निराधार आरोप लगाकर कंपनी की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. मार्गदर्शी का कहना है कि उनकी सच्चाई इन गलत आरोपों को खत्म कर देगी और उनका रिश्ता और अधिक मजबूत होगा...
मार्गदर्शी के खिलाफ क्यों हो रहा यह हंगामा?
राष्ट्रीय राजधानी से लेकर स्थानीय स्तर तक, सत्ताधारी पार्टी के नेताओं द्वारा इस विवाद को खड़े करने के पीछे क्या कारण है?
समझदार जनता और विशेष रूप से मार्गदर्शी के ग्राहकों से यह बात छिपी नहीं है कि 'ईनाडु' (Eenadu) और 'ईटीवी' (ETV) नेटवर्क हमेशा से जनहित के मुद्दों को उठाते रहे हैं. हाल के दिनों में, ईनाडु और ईटीवी ने एक बेहद जोखिम भरा काम किया है, जो तलवार की धार पर चलने जैसा है, ताकि सत्ताधारी दल के बड़े नेताओं के भ्रष्टाचार और गलत कामों को पुख्ता सबूतों के साथ उजागर किया जा सके.
इसी वजह से, ईनाडु, ईटीवी और मेरे खिलाफ मन में गुस्सा पाले हुए सत्ताधारी पार्टी के नेता रामोजी ग्रुप की कंपनियों को एक बड़ा झटका देने के तरीके ढूंढ रहे थे. उनका मानना था कि मार्गदर्शी- जिसकी पूरी नींव ही ग्राहकों के भरोसे पर टिकी है- के खिलाफ एक बदनाम करने वाला अभियान (झूठा प्रचार) चलाकर वे अपने मकसद को आसानी से हासिल कर लेंगे, इसलिए उन्होंने इसे निशाना बनाया.
जो लोग कुछ न होते हुए भी एक बड़ा विवाद खड़ा करके मुझे नुकसान पहुंचाना चाहते हैं, वे आपके मन में डर और संदेह के बीज बोकर आपके हितों को भी निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं. मैं आप सभी का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूँ जो मार्गदर्शी के साथ मजबूती से खड़े रहे और धोखेबाजों की चालों को कामयाब नहीं होने दिया.
आप मार्गदर्शी के स्वभाव और उसके काम करने के तरीके से अच्छी तरह वाकिफ हैं. आपसे यह बात छिपी नहीं है कि मार्गदर्शी के इतिहास में ऐसा एक भी मामला नहीं आया है, जब किसी जमाकर्ता को उसका भुगतान समय पर न मिला हो. यह मार्गदर्शी की मजबूत वित्तीय ताकत का एक अकाट्य (जिसे झुठलाया न जा सके) सबूत है.
इस सच्चाई को देखते हुए, उस दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार में क्या दम रह जाता है जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि मार्गदर्शी फाइनेंशियर्स घाटे में चल रही है या कंपनी डूबने वाली है?
जो लोग हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के घाटे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं और हंगामा मचा रहे हैं, वे जानबूझकर इस तथ्य को नजरअंदाज कर रहे हैं कि HUF रामोजी ग्रुप की कंपनियों के मालिकों में से केवल एक है.
मैं अपने सभी शुभचिंतक जमाकर्ताओं को एक बात साफ कर देना चाहता हूं. HUF द्वारा दिखाया गया घाटा केवल तकनीकी रूप से (कागजों पर) है. जब हमारे ग्रुप की संपत्तियों की कीमत में हुई भारी बढ़ोतरी को देखा जाए, तो वह "घाटा" जिसके बारे में सत्ताधारी पार्टी के कई सदस्य इतना हो-हल्ला मचा रहे हैं, बहुत मामूली है.
मैं यह भी स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि HUF ने किसी भी मोड़ पर किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है और न ही कोई अवैध गतिविधि की है.
HUF मार्गदर्शी सहित सभी रामोजी ग्रुप की कंपनियों की मुख्य इकाई है. इसके छत्रछाया में 'ईनाडु', 'ईटीवी नेटवर्क' और 'फिल्म सिटी' जैसे प्रतिष्ठित संस्थान लगातार फले-फूले और आगे बढ़े हैं.
हमने इन कंपनियों के बहुआयामी विस्तार को बढ़ावा देने के लिए मार्गदर्शी के डिपॉजिट का उपयोग किया और बेहतरीन योजना के जरिए उन्हें मुनाफे की स्थिति में पहुंचाया. इस प्रक्रिया में, ग्रुप की कंपनियों की संपत्ति का मूल्य कई गुना बढ़ गया.
चूंकि अब हमें पहले की तरह निवेश के लिए फंड की उतनी आवश्यकता नहीं है, इसलिए हम स्वेच्छा से डिपॉजिट जुटाने के काम को कम कर रहे हैं. पहले, हम न्यूनतम 10,000 रुपये से डिपॉजिट स्वीकार करते थे. पिछले सितंबर में इस सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने का निर्णय मुख्य रूप से डिपॉजिट के कलेक्शन को सीमित करने के उद्देश्य से लिया गया था.
रामोजी ग्रुप की कंपनियां वर्तमान में विकास की राह पर हैं. समझदार जमाकर्ताओं को यह पहचानना चाहिए कि क्यों कुछ खास लोग निराधार और गैर-जिम्मेदाराना आरोपों के साथ राजनीतिक तूफान खड़ा कर रहे हैं.
रामोजी ग्रुप 'ईनाडु' और 'ईटीवी' नेटवर्क के माध्यम से राज्य के लोगों के हितों की सेवा करने और मार्गदर्शी के माध्यम से ग्राहकों को त्रुटिहीन सेवा प्रदान करने के समर्पण के साथ काम करता है.
जनता के प्रति अपने कर्तव्य को पूरी ईमानदारी से निभाना ही आज स्वार्थी ताकतों की आंख का कांटा बन गया है. यही वजह है कि कुछ तत्व घात लगाए बैठे हैं और वे हमारे संस्थानों पर आपके इस अटूट भरोसे को तोड़कर मानसिक संतोष पाना चाहते हैं, और मुझे नुकसान पहुंचाकर "सबक सिखाना" चाहते हैं. ये लोग दुर्भावनापूर्ण इरादे से काम कर रहे हैं और लाखों जमाकर्ताओं के हितों को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं.
हमारे संस्थानों की ओर से, जिन्होंने हमेशा जनहित को सब कुछ माना है, मैं केवल यही एक वादा करता हूं: मार्गदर्शी, जो अपने जमाकर्ताओं के सहयोग से आगे बढ़ी है, वह हमेशा की तरह आपके हितों की पूरी तरह से रक्षा करना जारी रखेगी.
डिपॉजिट के रूप में जुटाया गया सारा पैसा हमारे परिवार के एचयूएफ (HUF - हिंदू अविभाजित परिवार) के तहत आने वाले संस्थानों में निवेश किया गया है. चूंकि एचयूएफ का प्रबंधन हमारे परिवार द्वारा ही किया जाता है, इसलिए यदि कभी आवश्यकता पड़ी, तो हम उन संस्थानों में अपनी हिस्सेदारी (स्टेक) बेचकर भी मार्गदर्शी फाइनेंशियर्स को मजबूत करेंगे जिनमें यह पैसा निवेश किया गया था.
हमेशा की तरह, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जमाकर्ताओं को उनके डिपॉजिट की मैच्योरिटी पर उनका भुगतान समय पर मिले, जिससे उन्हें पूरी संतुष्टि हो. परिवार के मुखिया के रूप में, और परिवार के सभी सदस्यों की ओर से, मैं जमाकर्ताओं के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की हमारी बेदाग और पुरानी परंपरा को बनाए रखने का वादा करता हूं.
मैं यह वादा करता हूं कि हम अपने ग्राहकों के हितों की रक्षा पूरी सावधानी से करेंगे, भले ही इसके लिए हमें अपनी खुद की संपत्तियां ही क्यों न बेचनी पड़ें.
हमारा मार्गदर्शी परिवार एक जीवंत परिवार है, जो लाखों ग्राहकों के साथ फल-फूल रहा है. हमारे बीच का यह अटूट विश्वास ही मार्गदर्शी की मजबूत नींव है. आइए हम इसी विश्वास को अपनी सबसे बड़ी सुरक्षा मानते हुए आगे बढ़ें और इससे भी बड़ी प्रगति हासिल करें.
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