राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट में मेघालय सरकार की याचिका की सुनवाई कल
मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सोनम रघुवंशी की जमानत वापस लेने के लिए याचिका दायर की है। सोनम रघुवंशी को शिलॉन्ग की स्थानीय अदालत ने जमानत दी थी, जिसे हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा था।

सौजन्य से:- Live Hindustan
राजा रघुवंशी का केस अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, सोनम की 'आजादी' के खिलाफ याचिका
सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका के खिलाफ मेघायल की राज्य सरकार ने देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सोनम को शिलॉन्ग की स्थानीय अदालत ने जमानत दी थी।
राजा रघुवंशी की हत्या का मामला अब देश की सबसे ऊपरी अदालत तक पहुंच गया है। मेघायल की सरकार ने हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली 'आजादी' के खिलाफ देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाया है। राज्य सरकार ने सर्वोच्च अदालत से मांग की है कि सोनम की जमानत को रद्द कर दिया जाए। राजा रघवुंशी की हत्या के करीब एक साल बाद सोनम को 27 अप्रैल को जमानत मिल गई थी। निचली अदालत के खिलाफ राज्य सरकार हाई कोर्ट पहुंची थी, जिसे 29 जून को खारिज कर दिया गया था।
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या की आरोपी पत्नी सोनम के खिलाफ दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की मांग की गई है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहत्ता ने जस्टिस एमएम सुंद्रेश और जस्टिस शील नागू की बेंच के सामने मामले को उठाया और सुनवाई की मांग की। अदालत ने कहा कि अपील पर विचार किया जाएगा। राजा रघुवंशी को पिछले साल मेघालय में मार डाला गया था।
हाई कोर्ट ने क्यों दे दी थी जमानत
मेघालय हाई कोर्ट ने सोनम को उसकी गिरफ्तारी के आधार बताने की प्रक्रिया में पुलिस की गलतियों का जिक्र करते हुए जमानत बरकरार रखी थी। कोर्ट ने कहा था,'अदालत इस नतीजे पर पहुंची है कि गिरफ्तार व्यक्ति के पास यह कहने के लिए मजबूत आधार है कि गिरफ्तारी के शुरुआती चरण में उसे (गिरफ्तारी के) प्रभावी आधार नहीं बताए गए थे। इसलिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 47(1) के साथ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22(1) के प्रावधानों का वास्तव में उल्लंघन हुआ है।'संविधान का अनुच्छेद 22(1) गिरफ्तार व्यक्ति को उसकी गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी पाने और अपनी पसंद के वकील से सलाह लेने का अधिकार देता है, जबकि बीएनएसएस की धारा 47(1) के तहत पुलिस को गिरफ्तारी के समय आरोपी को उसके खिलाफ आरोपों और गिरफ्तारी के आधारों की सूचना देनी होती है।
प्रेमी के साथ दिया खौफनाक वारदात को अंजाम
राजा रघुवंशी की हत्या उस वक्त की गई जब वह अपनी नई नवेली दुल्हन सोनम रघुवंशी को लेकर हनीमून पर शिलॉन्ग गए थे। आरोप है कि सोनम ने अपने प्रेमी राज के साथ मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी और इसी योजना के तहत सोनम पति को लेकर नॉर्थ ईस्ट की खूबसूरत वादियों में पहुंची और खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। सोनम पर आरोप है कि उसने प्रेमी के तीन दोस्तों की मदद से राजा पर पहले धारदार हथियार से हमला किया और फिर चोटी से नीचे धकेल कर मार डाला।
हत्या करके भागी सोनम यूपी में हुई थी गिरफ्तार
हत्या के बाद सोनम मौके से फरार हो गई थी। कई दिनों की तलाश के बाद राजा की लाश वारदात स्थल से बरामद हुई जबकि सोनम लापता थी। शुरुआत में माना गया कि राजा की हत्या के बाद सोनम को किसनी ने किडनैप कर लिया होगा। लेकिन चंद दिनों बाद जो खुलासा हुआ उसने पूरे देश को झकझोर दिया। सोनम यूपी के गाजीपुर में पकड़ी गई और आरोप लगा कि वह राजा की हत्या करके भागी थी। सोनम के अलावा उसके प्रेमी राज और तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया गया। करीब एक साल तक जेल में रहने के बाद सोनम को शिलॉन्ग की स्थानीय अदालत ने कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी। सोनम अभी शिलॉन्ग में ही रह रही है। हाल ही में वह मीडिया के सामने भी आई थी।
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Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
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