कर्नाटक की अदालत को बम से उड़ाने की धमकी, जांच जारी, सुरक्षा बढ़ाई
कर्नाटक में अदालतों को निशाना बनाकर लगातार मिल रही बम की धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। मैसूर स्थित एक अदालत में बम लगाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस और बम निरोधक दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अदालत का निरीक्षण किया।

सौजन्य से:- Amar Ujala
Bomb Threat: कर्नाटक की एक अदालत को बम से उड़ाने की मिली धमकी, जांच जारी, पुलिस को फर्जी होने का संदेह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्नाटक में अदालतों को निशाना बनाकर लगातार मिल रही बम की धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। मैसूर स्थित एक अदालत में बम लगाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस और बम निरोधक दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अदालत का बारीकी से निरीक्षण किया। हालांकि, प्रारंभिक जांच में किसी भी विस्फोटक सामग्री का पता नहीं चला है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह धमकी झूठी हो सकती है, लेकिन किसी भी तरह की लापरवाही न बरतते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। यह घटना पिछले सप्ताह हुई इसी तरह की घटनाओं की कड़ी है, जब दो निजी होटलों को भी फर्जी बम धमकियों से निशाना बनाया गया था।
कारवार की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय को भी मिली धमकी
वहीं, कुछ दिन पहले कारवार स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय को एक ईमेल मिला जिसमें न्यायालय के ई-प्रशासन कार्यालय और अभिलेख कक्ष में विस्फोटक सामग्री रखे जाने की सूचना दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और खोजी कुत्तों व बम निरोधक दस्ते की मदद से इमारत की गहन तलाशी ली गई। इस तलाशी अभियान में भी कोई विस्फोटक पदार्थ बरामद नहीं हुआ।
पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि जिला अदालत और तहसीलदार कार्यालय में बम लगाए जाने की बात जिला अदालत के आधिकारिक ईमेल पर भी मिली है। इस प्रकार की लगातार धमकियों के कारण अदालतों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
जांच जारी, सुरक्षा बढ़ाई गई
अधिकारियों का मानना है कि ये धमकियां संभवत फर्जी हैं और इनका उद्देश्य केवल भय का माहौल बनाना है। हालांकि, इन धमकियों के पीछे कौन लोग हैं और उनका मकसद क्या है, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। अदालतों में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
मानगो चौक में राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जागरूकता रथ अभियान

हरियाणा में 12 सितंबर को ट्रैफिक ई‑चालान निपटाने लोक अदालत, कार‑बाइक मालिकों के लिए अवसर

महराजगंज में अवकाशकालीन सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए डीएम‑एसपी ने अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश

लोक अदालत में अधिक मामलों का निपटारा बढ़ाने पर जोर

सत्य निकेतन हादसे के बाद अतिरिक्त मंजिलों को सील करने में सरकारी नियमों की अड़चन

हमारी नदियों की ज़िन्दगी के लिए एक नया दृष्टिकोण

नदियों की संकट स्थिति: जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या दबाव से बढ़ रही चुनौतियाँ

वाराणसी में पेंशनधारकों के लिए 15 दिसंबर को पेंशन अदालत का संचालन
ताज़ा ख़बरें
- जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव से नदियों की बिगड़ती स्थिति—इन्हें इंसान मानना बदल सकता है?
- नदियों को मानवीय दृष्टिकोण से देखें: जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या का बढ़ता दबाव
- नदियाँ भी मनुष्य हैं: उनके संकट पर नया दृष्टिकोण
- कुशीनगर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, बैंक‑ऋण व पारिवारिक विवाद सुलह‑समझौते से सुलझेंगे
- रक्तरंजित धारा: जलवायु‑परिवर्तन, प्रदूषण और जनसंख्या दबाव से नदियों की संकटग्रस्त स्थिति
- विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता रैली निकाली
- नदियों को मानवीकृत करें? क्या इससे जल संकट में बदलाव आ सकता है?
- नदियों की दुविधा: जलवायु, प्रदूषण और जनसंख्या के साथ संघर्ष

