एनआई एक्ट मामलों की लोक अदालत में भारी काम, लंबित मामलों में तेजी से निपटाव की उम्मीद
राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को एनआई एक्ट की धारा 138 के लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष लोक अदालत लग गई। जिला और सेशन न्यायाधीश ने तीन बैंच तैयार की हैं

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Rajasthan
- Jaisalmer
- Lok Adalat For NI Act Cases Today
एनआई एक्ट मामलों की लोक अदालत आज
- कॉपी लिंक
जैसलमेर | राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर एनआई एक्ट की धारा 138 के लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों के त्वरित निपटारे के लिए शनिवार को विशेष लोक अदालत लगेगी। जिला एवं सेशन न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ओमी पुरोह
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ललित पुरोहित ने बताया कि विशेष लोक अदालत के लिए तीन बैंच बनाई गई हैं। पहली बैंच अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश महेंद्र कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में सांवल कॉलोनी स्थित यूनिफाइड कोर्ट कॉम्प्लेक्स में बैठेगी। पैनल अधिवक्ता भगवानसिंह शेखावत सदस्य होंगे। दूसरी बैंच मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपाल की अध्यक्षता में होगी। पैनल अधिवक्ता किशन प्रताप सिंह सदस्य रहेंगे। यह सीजेएम और न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट के एनआई एक्ट के लंबित मामलों की सुनवाई करेगी।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
चेक बाउंस मामलों के लिए विशेष लोक अदालत: 144 लंबित मामलों की होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, एसआईआर परिणाम का उपयोग चुनाव से जुड़ा ही करना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने कहा फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' को 27 जुलाई के बाद रिलीज करें

विरासत में प्राप्त खेती की जमीन बेचने से पहले 'इनसे' पूछना होगा किसे पहले खरीदना है!

विशेष लोक अदालत का आयोजन: चेक बाउंस मामलों की सुनवाई के लिए तीन बेंच गठित

12 सितंबर को तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: वोटर लिस्ट से नाम कटने पर नहीं जाती नागरिकता

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनाया कड़ा आदेश, पूरे आदेश का पालन केवल स्टे लेने से नहीं
ताज़ा ख़बरें
- केरल वक्फ बोर्ड ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी
- सुप्रीम कोर्ट ने जीवन रक्षक दवाओं तक पहुंच की याचिका को स्थगित करने के बाद केरल HC पर स्वत: संज्ञान लिया
- सुप्रीम कोर्ट ने इंटरसेक्स व्यक्तियों के लिए मान्यता और सुरक्षा की मांग करने वाली याचिका की जांच की
- सुप्रीम कोर्ट का आदेश: SIR में नाम कटने से नागरिकता नहीं जाएगी, चुनाव आयोग को हस्तक्षेप नहीं करना है
- मतदाता सूची से नाम हटाने से नागरिकता नहीं छिनेगी, सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट तीर
- जर्मन पुलिस को नए अधिकार पर आलोचकों का क्या कहना है?
- दिल्ली हाई कोर्ट ने वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति की नियमित निगरानी का आदेश दिया
- सुप्रीम कोर्ट बोला: यात्रियों के लिए 'सेकेंड क्लास' शब्द भूल जाएं, अब रेलवे को मुआवजे का भुगतान करना होगा

