प्रशांत किशोर ने सुप्रीम कोर्ट व चुनाव आयोग पर किए कड़ी टिका-टिप्पणी, बिहार में वोट‑खरीद का आरोप
प्रशांत किशोर ने विशेष मतदाता सूची (SIR) और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट तथा चुनाव आयोग की आलोचना की, यह कहकर कि अदालत की लापरवाही के तहत बिहार में 20 हज़ार करोड़ रुपये खर्च कर वोट खरीदे गए। उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध कार्रवाई का आग्रह किया और कहा कि आयोग की साख सत्तारूढ़ दल की मदद से घट गई है।

सौजन्य से:- ABP News
'सुप्रीम कोर्ट की नाक के नीचे धांधली', ECI मदद कर रहा', प्रशांत किशोर का बड़ा हमला
प्रशांत किशोर ने SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए. उन्होंने बिहार में वोट खरीदने का आरोप लगाया. सुप्रीम कोर्ट ने ECI से जवाब मांगा है.
चुनाव आयोग और बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर तीखी टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका पर चुनाव आयोग और केंद्र से जवाब मांगा है, हालांकि कोर्ट ने फिलहाल CEC को निलंबित करने की अंतरिम मांग ठुकरा दी है.
बेगूसराय पहुंचे प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी कार्रवाई नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि SIR में गड़बड़ी और चुनाव में धांधली सुप्रीम कोर्ट के सामने हुई. PK ने यह भी दावा किया कि बिहार में 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करके वोट खरीदे गए.
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'सजग होता तो आयोग की साख नहीं गिरती'
प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट पहले से सजग होता तो चुनाव आयोग की स्थिति इतनी खराब नहीं होती और उसकी साख पर इतना असर नहीं पड़ता. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर लोगों का भरोसा पिछले कई वर्षों में कम हुआ है. उन्होंने मतदाता सूची, आचार संहिता, चुनाव कार्यक्रम और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी की चुनाव आयोग ने मदद की.
#WATCH बेगुसराय(बिहार): चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, "कार्रवाई करनी चाहिए थी, आज तक सुप्रीम कोर्ट ने कोई कार्रवाई नहीं की। सुप्रीम कोर्ट के नाक के नीचे SIR की गलती हुई है, सुप्रीम कोर्ट के नाक के नीचे चुनाव में धांधली हुई है, सुप्रीम कोर्ट के नाक के नीचे बिहार में 20 हज़ार करोड़ रुपए खर्च करके वोट खरीदा गया है और सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें इसमें हस्तक्षेप नहीं करना है। अगर सुप्रीम कोर्ट सजग होता तो चुनाव आयोग की यह दुर्दशा थोड़ी होती, उसके साख पर इतना बट्टा नहीं लगता।" (05.10)
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 5, 2026
ज्ञानेश कुमार पर भी साधा निशाना
CEC ज्ञानेश कुमार पर पद के दुरुपयोग और बीजेपी को समर्थन देने के सवाल पर PK ने कहा कि किसी एक व्यक्ति के रहने या हटने से फर्क नहीं पड़ेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के कारण लंबे समय से उसकी विश्वसनीयता प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सत्तारूढ़ दल की मदद कर रहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने मांगा है जवाब
5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका पर केंद्र और चुनाव आयोग समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया था. याचिका में आरोप लगाया गया है कि आयोग में कुछ फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए. कोर्ट ने कहा कि अगर जांच में कोई फैसला कानून के मुताबिक नहीं पाया जाता है तो उसे रद्द किया जा सकता है. हालांकि कोर्ट ने अभी CEC के खिलाफ कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है.
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