एथेनॉल आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई, भारत पेट्रोलियम ने कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी
भारत पेट्रोलियम की ओर से अटॉर्नी जनरल आर.वी. वेंकटरमणी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश से पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के राष्ट्रीय लक्ष्य पर असर पड़ सकता है। भारत पेट्रोलियम ने दलील दी कि एथेनॉल आपूर्ति के अनुबंध अक्टूबर 2025 में ही अंतिम रूप दिए जा चुके हैं और किसी एक आपूर्तिकर्ता का आवंटन बढ़ाया जाने से अन्य आपूर्तिकर्ता भी समान राहत की मांग कर सकते हैं।

सौजन्य से:- ChiniMandi
नई दिल्ली: एथेनॉल आवंटन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक ऑयल मार्केटिंग कंपनी (ओएमसी) की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करने के लिए सहमति दे दी। याचिका में कहा गया है कि, कर्नाटक हाईकोर्ट के हालिया आदेश, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एथेनॉल आवंटन प्रक्रिया को फिर से खोलने का निर्देश दिया गया है, इससे पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के राष्ट्रीय लक्ष्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
यह मामला कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद सामने आया, जिसमें ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को वीआईएनपी डिस्टिलरीज एंड शुगर्स के लिए एथेनॉल आवंटन बढ़ाने पर विचार करने का निर्देश दिया गया था। भारत पेट्रोलियम की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वी. वेंकटरमणी ने न्यायमूर्ति एम. एम. सुंद्रेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ के समक्ष तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि एथेनॉल आपूर्ति के अनुबंध अक्टूबर 2025 में ही अंतिम रूप दिए जा चुके हैं।
याचिका में बताया गया कि, 17 अक्टूबर 2025 को एथेनॉल आवंटन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और 378 आपूर्तिकर्ताओं को कुल 1,050 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति के आदेश जारी किए गए थे। इनमें से 18 जून तक लगभग 680 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति भी की जा चुकी है। अटॉर्नी जनरल ने दलील दी कि, यदि किसी एक आपूर्तिकर्ता का आवंटन बढ़ाया जाता है, तो अन्य आपूर्तिकर्ता भी समान राहत की मांग कर सकते हैं। इससे बड़े पैमाने पर कानूनी विवाद खड़े हो सकते हैं और देश की एथेनॉल आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है।
भारत पेट्रोलियम, जो 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण लक्ष्य को हासिल करने के लिए संचालित एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम का उद्योग समन्वयक है, ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया के तहत उसे कुल 1,759 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। हालांकि, आवश्यकता के अनुसार लगभग 1,048 करोड़ लीटर एथेनॉल की ही खरीद आवंटित की गई।
ओएमसी ने वीआईएनपी डिस्टिलरीज एंड शुगर्स की उस मांग का भी विरोध किया, जिसमें कंपनी ने आवंटित 3.92 करोड़ लीटर की बजाय 9.9 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति की अनुमति मांगी थी। कंपनी का कहना है कि केवल स्थापित उत्पादन क्षमता के आधार पर किसी आपूर्तिकर्ता को असीमित मात्रा में एथेनॉल आपूर्ति का अधिकार नहीं मिल सकता। ओएमसी ने यह भी कहा कि विभिन्न राज्यों के सभी आपूर्तिकर्ताओं के बीच बिना किसी भेदभाव के आवंटन किया गया है।
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