होममुकदमेइथेनॉल आवंटन पर कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश की संवैधानिकता पर सवाल, सुप्रीम कोर्ट में याचिका
मुकदमे

इथेनॉल आवंटन पर कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश की संवैधानिकता पर सवाल, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने एक ऑयल मार्केटिंग कंपनी की याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमति जताई है। कंपनी ने कहा है कि कर्नाटक हाईकोर्ट का आदेश पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने की राष्ट्रीय नीति को अस्थिर कर देगा।

30 जून 2026 को 04:25 am बजे
इथेनॉल आवंटन पर कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश की संवैधानिकता पर सवाल, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सौजन्य से:- Navbharat Times

सुप्रीम कोर्ट ने एक ऑयल मार्केटिंग कंपनी की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करने के लिए सहमति जताई है। कंपनी का कहना है कि कर्नाटक हाईकोर्ट का आदेश पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने की राष्ट्रीय नीति को अस्थिर कर देगा। हाईकोर्ट ने इथेनॉल आवंटन की प्रक्रिया फिर से शुरू करने को कहा था, जबकि यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट सोमवार को एक ऑयल मार्केटिंग कंपनी (OMC) की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया। कंपनी का कहना है कि कर्नाटक हाईकोर्ट का हालिया आदेश—जिसमें 2025-26 के लिए इथेनॉल आवंटन की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने को कहा गया है (जबकि यह प्रक्रिया पहले ही पूरी और लागू हो चुकी है)—पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने की राष्ट्रीय नीति को अस्थिर कर देगा।

कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती

हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए जिसमें OMC को VINP डिस्टिलरीज एंड शुगर्स के लिए इथेनॉल आवंटन बढ़ाने पर विचार करने को कहा गया था, अटॉर्नी जनरल आर.वेंकटरमणी ने जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की बेंच से भारत पेट्रोलियम की याचिका पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया। याचिका में बताया गया है कि इथेनॉल सप्लाई के कॉन्ट्रैक्ट अक्टूबर 2025 में ही पूरे हो चुके थे।

वेंकटरमणी ने कहा कि इथेनॉल आवंटन की प्रक्रिया 17 अक्टूबर, 2025 को पूरी हो गई थी और 378 सप्लायरों को कुल 1,050 करोड़ लीटर इथेनॉल की सप्लाई के लिए आवंटन की जानकारी दी गई थी, जिसमें से 18 जून तक उनके द्वारा 680 करोड़ लीटर की सप्लाई पहले ही की जा चुकी थी।

कानूनी विवाद का सिलसिला शुरू हो जाता

उन्होंने कहा कि अगर किसी एक सप्लायर का कोटा बढ़ाया जाता, तो वैसी ही स्थिति वाले दूसरे सप्लायर भी बराबरी का दावा करते, जिससे कानूनी विवादों का सिलसिला शुरू हो जाता और सप्लाई चेन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो जाती।भारत पेट्रोलियम, पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने के लक्ष्य वाले इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) प्रोग्राम के लिए इंडस्ट्री कोऑर्डिनेटर है।

इसके लिए टेंडर नोटिस के बाद कुल 1,759 करोड़ लीटर इथेनॉल की सप्लाई के लिए ऑफर मिले थे। कंपनी ने अलग-अलग सप्लायरों को कुल 1,048 करोड़ लीटर इथेनॉल की खरीद की मात्रा आवंटित की।

याचिकाकर्ता OMC ने रखा अपना पक्ष

3.92 करोड़ लीटर इथेनॉल की सप्लाई के एलोकेशन के मुकाबले 9.9 करोड़ लीटर इथेनॉल की सप्लाई के VINP के दावे को चुनौती देते हुए, याचिकाकर्ता OMC ने कहा कि प्राइवेट सप्लायर अपनी तय प्रोडक्शन क्षमता के आधार पर इथेनॉल सप्लाई करने का पूरा अधिकार नहीं जता सकता, जिससे दूसरे सप्लायर्स को नुकसान हो; क्योंकि लगभग सभी राज्यों में वेंडर्स को बिना किसी भेदभाव के एलोकेशन किया गया है।

कन्वर्सेशन शुरू करें

Indiaकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
राजस्थान हाईकोर्ट ने MLA ऋतु बनावत पर लगाया एक लाख का हर्जाना, खारिज हुई चुनाव याचिका
मुकदमे

राजस्थान हाईकोर्ट ने MLA ऋतु बनावत पर लगाया एक लाख का हर्जाना, खारिज हुई चुनाव याचिका

भूमि कानून में संशोधन राष्ट्रीय विकास के लिए नई ऊंचाइयों की ओर
मुकदमे

भूमि कानून में संशोधन राष्ट्रीय विकास के लिए नई ऊंचाइयों की ओर

पत्नी से अधिक कमाने वाली महिला को भरण-पोषण का दावा करने का अधिकार नहीं: कर्नाटक उच्च न्यायालय
मुकदमे

पत्नी से अधिक कमाने वाली महिला को भरण-पोषण का दावा करने का अधिकार नहीं: कर्नाटक उच्च न्यायालय

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को दोहरा झटका, केंद्रीय बैंक और चुनावी नियमों पर नाकाम
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को दोहरा झटका, केंद्रीय बैंक और चुनावी नियमों पर नाकाम

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मेल इन बैलेट भी मान्य होंगे
मुकदमे

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मेल इन बैलेट भी मान्य होंगे

गुजरात हाईकोर्ट ने जनहित याचिका को खारिज करते हुए 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
मुकदमे

गुजरात हाईकोर्ट ने जनहित याचिका को खारिज करते हुए 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

एसआईआर के बाद मतदाता सूची से नाम हटाना पासपोर्ट अस्वीकृत करने का आधार नहीं हो सकता है: राजगोपाल
मुकदमे

एसआईआर के बाद मतदाता सूची से नाम हटाना पासपोर्ट अस्वीकृत करने का आधार नहीं हो सकता है: राजगोपाल

दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला: आरटीओ क्लर्क को फर्जी वाहन पंजीकरण के आरोप में अग्रिम जमानत में इनकार
मुकदमे

दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला: आरटीओ क्लर्क को फर्जी वाहन पंजीकरण के आरोप में अग्रिम जमानत में इनकार

ताज़ा ख़बरें