बरेली की पंचायत ने नाबालिग दुष्कर्म मामले में शादी‑गोद भराई का समझौता, कानूनी प्रक्रिया को बायपास किया
शीशगढ़ में नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोप लगने पर पंचायत ने आरोपी को किशोरी के बालिग होने पर विवाह करने और उसकी गोद भराई की रस्म कराने का फैसला किया। पीड़िता की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, पर पंचायत के हस्तक्षेप से मामला कानूनी मार्ग से हटकर समझौते में समाप्त हुआ।

सौजन्य से:- Jagran
नाबालिग से दुष्कर्म पर कानून दरकिनार: पंचायत ने कराया समझौता, बालिग होने पर शादी और गोद भराई का फैसला
बरेली के शीशगढ़ में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पंचायत ने कानून ताक पर रखकर समझौता करा दिया। पीड़िता के ...और पढ़ें
HighLights
- पंचायत ने कहा किशोरी के बालिग होने पर दुष्कर्म का आरोपित करेगा शादी
- सोमवार को दोनों पक्षों की सहमति से करा दी लड़की की गोद भराई की रस्म
संवाद सूत्र, शीशगढ़ (बरेली)। नाबालिग से दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराध में भी पंचायत ने कानून को दरकिनार कर अपना फैसला सुना दिया। पंचायत में तय किया गया कि दुष्कर्म का आरोपित किशोरी के बालिग होने पर उससे शादी करेगा। हैरानी की बात यह है कि सोमवार को दोनों पक्षों की सहमति से किशोरी की गोद भराई की रस्म भी करा दी गई।
सवाल यह है कि जब नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सीधे कानून के तहत अपराध है और ऐसे मामलों में पुलिस-न्यायिक प्रक्रिया निर्धारित है, तब पंचायत को समझौते या शादी का फैसला कराने का अधिकार किसने दिया? वर्ष 2026 में भी क्या पंचायत के फैसले के आगे कानून की प्रक्रिया को किनारे किया जा सकता है?
थाना शीशगढ़ के एक गांव निवासी किशोरी के साथ पड़ोसी युवक पिछले एक साल से डरा धमकाकर दुष्कर्म कर रहा था। जब किशोरी गुमसुम रहने लगी तो मां ने इसका कारण पूछा।
किशोरी ने बताया कि पड़ोसी युवक उसके साथ पिछले एक वर्ष से जगह-जगह बुलाकर दुष्कर्म करता है। उसने कई वीडियो और फोटो भी बना लिए हैं। मना करने पर उन्हें इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी देता है। मजबूरी में किशोरी को उसके पास जाना पड़ता है।
रोती हुई किशोरी ने मां को जब पूरी कहानी बताई कहा कि अब उसे सहन नहीं होता है, पूरा शरीर दर्द करता है। इसके बाद किशोरी की मां ने 16 सितंबर को थाना शीशगढ़ में शिकायती पत्र दिया मगर वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई।
जब गांव के लोगों को पता चला कि किशोरी की मां ने शिकायती पत्र दिया है तो गांव में पंचायत बैठा दी गई। पंचायत ने दोनों पक्षों को बैठाकर यह कहते हुए फैसला कर दिया कि दुष्कर्म का आरोपित पीड़ित से उसके बालिग होने पर विवाह करेगा।
साथ ही समझौते नामे पर लिखा गया कि दोनों पक्षों में से यदि कोई भी पक्ष इसे नकारता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पंचायत ने फैसला किया कि 21 सितंबर को लड़की की गोद भराई और लड़के के टीके की रस्म को पूरा किया जाए।
यह रस्म भी पूरी हो गई। सवाल है कि आखिर पंचायत नाबालिग से दुष्कर्म का फैसला कैसे कर सकती है। या फिर यूं कहा जाए कि पंचायत ने दुष्कर्म के आरोपित को बचा दिया।
इस मामले में कोई जानकारी नहीं है, वैसे यह मामला प्रेम प्रसंग का दिखाई दे रहा है।
- वीरेंद्र सिंह, थाना प्रभारी शीशगढ़।
यह भी पढ़ें- बरेली: PRV से डीजल चोरी करने वाले दो पुलिसकर्मी निलंबित, होमगार्ड पर भी कार्रवाई, वीडियो हुआ था वायरल
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