विधायक ने बेटे की फरारी पर दिया जवाब, अदालती कार्रवाई का समर्थन किया
प्रीतम सिंह लोधी ने कहा है कि उनके बेटे को अदालत में आत्मसमर्पण करना चाहिए. उनके हिसाब से अदालत का फैसला सही है. विधायक ने अपने बेटे की फरारी के मामले में अदालती कार्रवाई का समर्थन किया है. न्यायालय सर्वोपरि है.

सौजन्य से:- ETV Bharat
बेटा अदालत से फरार घोषित, BJP MLA प्रीतम लोधी बोले-मेरे सामने हिल जाता था पुलिस थाना
बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी का कहना है कि वह कई अपराधियों को पुलिस थानों में सरेंडर करा चुके हैं. न्यायपालिका का सम्मान करते हैं.
By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 11, 2026 at 6:48 PM IST
|Updated : July 11, 2026 at 7:19 PM IST
शिवपुरी : अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले पिछोर के बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने अपने बेटे की फरारी के मामले में कहा "उसे तुरंत अदालत में सरेंडर करना चाहिए. न्यायालय सर्वोपरि है. मुझे भी अदालत ने कई मामलों में बरी किया है. वह पहले कई डकैतों को समर्पण करवाने की पहल कर चुके हैं. जब वह फरार आरोपियों को सरेंडर कराने के लिए पहुंचते थे तो पूरा पुलिस थाना हिल जाता था."
न्यायपालिका के प्रति सम्मान जताया
ग्वालियर की विशेष एससी-एसटी (SC-ST) अदालत ने विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बेटे दिनेश लोधी को फरार घोषित किया है. अदालत ने उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है. विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने अदालती कार्रवाई का समर्थन किया है. उन्होंने न्यायपालिका के प्रति सम्मान जताते हुए कहा "न्यायालय का फैसला पूरी तरह सही है. उनके बेटे को बिना किसी देरी के तुरंत अदालत में आत्मसमर्पण कर देना चाहिए."
कोर्ट ने दिनेश लोधी का गिरफ्तारी वारंट जारी किया
प्रीतम लोधी ने स्पष्ट किया "उनके बेटे दिनेश लोधी का एक पुराना मामला न्यायालय में विचाराधीन है. वह कई तारीखों पर अदालत में पेश नहीं हुआ. इस कारण न्यायालय ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया है. दिनेश को न्यायालय का सम्मान करते हुए तुरंत आत्मसमर्पण करना चाहिए. मैंने उसकी मां से भी साफ कह दिया है कि उसे जल्द से जल्द न्यायालय में पेश होना चाहिए. न्यायालय चाहे उसे सजा दे या बरी करे, हर फैसले का सम्मान होना चाहिए."
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चर्चा में रहता है प्रीतम लोधी का अंदाज
प्रीतम सिंह लोधी राजनीति में अपने बेबाक और कई बार विवादित बयानों को लेकर हमेशा चर्चा का केंद्र बने रहते हैं. कुछ दिनों पहले जब प्रीतम लोधी ने करेरा एसडीओपी को सरेआम धमकाया था तो काफी विवाद हुआ था. मामला उस वक्त सामने आया जब कानूनी कार्रवाई के लिए प्रीतम सिंह लोधी के बेटे को करैरा एसडीओपी ने थाने बुलवाकर सख्त चेतावनी और हिदायत देकर चालान काटा था. उसे घटनास्थल ले जाकर मामले की छानबीन की थी.
उस समय प्रीतम सिंह लोधी ने कहा था ''एसडीओपी तेरे डैडी की नहीं है करैरा, मेरा बेटा यहां आएगा भी घूमेगा भी और चुनाव भी लड़ेगा. अगर दम है तो रोक कर दिखा.'' इससे पहले भी वह कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को इसी तरह धमका चुके हैं.
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