बिजनौर: दस साल बाद अभियुक्त नितिन को दिया गया दोषमुक्ति निर्णय
बिजनौर की अपर सत्र अदालत ने 2016 के पेदा कांड में अभियुक्त नितिन को दस वर्षों के बाद दोषमुक्त कर दिया। किशोरी से छेड़खानी के आरोप पर 23 गवाहों की गवाही के बावजूद अदालत ने पर्याप्त सबूत न होने के कारण नितिन को मुक्त कर दिया। इसी बीच, उसी कांड में शामिल बीस से अधिक अन्य आरोपियों का मुकदमा अभी भी चल रहा है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Bijnor News: दस साल बाद अदालत ने एक अभियुक्त को किया दोषमुक्त
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बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सीमा वर्मा ने 2016 के पेदा कांड में अभियुक्त नितिन को दोषमुक्त कर दिया। दस साल के बाद अदालत का यह फैसला आया। नितिन पर किशोरी से छेड़खानी का आरोप लगा था हालांकि उस वक्त हुए बवाल और हत्या में बीस से अधिक आरोपियों के संबंध में अदालत का फैसला आना बाकी है। उनका ट्रायल चल रहा है।
अभियुक्त नितिन के खिलाफ किशोरी से छेड़खानी के मामले में आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया था। इस केस को लेकर अदालत में 12 सितंबर 2019 को आरोप तैयार किए गए। अदालत में वादी, पीड़िता, पीसलाउद्दीन, सलीम, मौ. रिजवान, तालिब समेत 23 लोगों ने गवाही दी। न्यायालय ने माना कि इन साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त नितिन के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं माना जा सकता। इसके बाद नितिन को दोषमुक्त कर दिया गया।
यह था मामला
गांव पेदा में 16 सितंबर 2016 को एक समुदाय के लोगों ने गोली मारकर अहसान, उसके भाई अनीसुद्दीन व भतीजे सरफराज की हत्या कर दी थी। इस घटना में मृतक पक्ष के 12 लोग घायल हुए थे। उस वक्त घटना को लेकर सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई थी। इस मामले में संसार सिंह, उसका बेटा नितिन, राजू, पप्पन, नरेश, टीकम सिंह, तेजपाल, कोमन, पंकज, अनुज, सतीश, मलखान, प्रेम, बिल्लू, रिंकू, सोनू, कक्कू, ओमपाल, राजपाल, अनिल कुमार, मनोज, टीशु, आकाश निवासी पेद्दा, दिलावर सिंह, बिट्टन, नयागांव निवासी कुंवर सेन, बिल्लू व दो होमगार्ड के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद में भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी का नाम भी विवेचना में शामिल किया गया था। हालांकि सरकार ने ऐश्वर्य मौसम चौधरी के अलावा कई अन्य से मुकदमे वापस ले लिए थे।
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अभियुक्त नितिन के खिलाफ किशोरी से छेड़खानी के मामले में आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया था। इस केस को लेकर अदालत में 12 सितंबर 2019 को आरोप तैयार किए गए। अदालत में वादी, पीड़िता, पीसलाउद्दीन, सलीम, मौ. रिजवान, तालिब समेत 23 लोगों ने गवाही दी। न्यायालय ने माना कि इन साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त नितिन के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं माना जा सकता। इसके बाद नितिन को दोषमुक्त कर दिया गया।
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यह था मामला
गांव पेदा में 16 सितंबर 2016 को एक समुदाय के लोगों ने गोली मारकर अहसान, उसके भाई अनीसुद्दीन व भतीजे सरफराज की हत्या कर दी थी। इस घटना में मृतक पक्ष के 12 लोग घायल हुए थे। उस वक्त घटना को लेकर सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई थी। इस मामले में संसार सिंह, उसका बेटा नितिन, राजू, पप्पन, नरेश, टीकम सिंह, तेजपाल, कोमन, पंकज, अनुज, सतीश, मलखान, प्रेम, बिल्लू, रिंकू, सोनू, कक्कू, ओमपाल, राजपाल, अनिल कुमार, मनोज, टीशु, आकाश निवासी पेद्दा, दिलावर सिंह, बिट्टन, नयागांव निवासी कुंवर सेन, बिल्लू व दो होमगार्ड के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बाद में भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी का नाम भी विवेचना में शामिल किया गया था। हालांकि सरकार ने ऐश्वर्य मौसम चौधरी के अलावा कई अन्य से मुकदमे वापस ले लिए थे।
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