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स्थायी लोक अदालत ने बांदा में कूड़ा‑निस्तारण विवाद को समाप्त किया

बांदा के एक निवासी ने कचरा और मृत पशु निपटान की अनियमित प्रथाओं को लेकर स्थायी लोक अदालत में मामला दायर किया। अदालत ने पक्षों को सुलह कराई और कूड़ा‑निपटान को निर्धारित स्थलों पर ले जाने का आदेश दिया, जिससे विवाद 28 सितंबर को समाप्त हुआ।

30 सितंबर 2026 को 06:05 pm बजे
स्थायी लोक अदालत ने बांदा में कूड़ा‑निस्तारण विवाद को समाप्त किया

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Banda News: कूड़ा निस्तारण विवाद स्थायी लोक अदालत में सुलझा

Wed, 30 Sep 2026 11:10 PM IST

कानपुर ब्यूरो

संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा

संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा

Updated Wed, 30 Sep 2026 11:10 PM IST

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बांदा। शहर में कूड़े-कचरे, मृत जानवरों के निस्तारण पर सवाल उठे। गंछा निवासी प्रेमशंकर ने स्थायी लोक अदालत में उठाया मामला।

उन्होंने आरोप लगाया कि कचरा, सीवेज रास्तों के किनारे डाले जाते हैं। कचरे में आग से धुंआ, प्रदूषण फैलता है। प्रेमशंकर ने पथरिया खदान मार्ग पर कूड़ा डालने पर रोक लगाने की मांग की। वहीं, नगर पालिका ने अदालत में आरोपों को गलत बताया। पालिका ने कहा, 31 वार्डों से कूड़ा निर्धारित स्थल तक पहुंचता है।

हटेटीपुरवा स्थित एमआरएफ प्लांट में कचरे की छंटाई होती है, एफएसटीपी में सेप्टिक टैंक के मल का वैज्ञानिक निस्तारण होता है। मृत जानवरों को निर्धारित गड्ढों में दफन किया जाता है। स्थायी लोक अदालत की पीठ ने सुलह कराई। शिकायतों के जल्द निस्तारण के भरोसे पर पक्ष सहमत हुए। 28 सितंबर को वाद निस्तारित कर दिया गया। (संवाद)

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उन्होंने आरोप लगाया कि कचरा, सीवेज रास्तों के किनारे डाले जाते हैं। कचरे में आग से धुंआ, प्रदूषण फैलता है। प्रेमशंकर ने पथरिया खदान मार्ग पर कूड़ा डालने पर रोक लगाने की मांग की। वहीं, नगर पालिका ने अदालत में आरोपों को गलत बताया। पालिका ने कहा, 31 वार्डों से कूड़ा निर्धारित स्थल तक पहुंचता है।

हटेटीपुरवा स्थित एमआरएफ प्लांट में कचरे की छंटाई होती है, एफएसटीपी में सेप्टिक टैंक के मल का वैज्ञानिक निस्तारण होता है। मृत जानवरों को निर्धारित गड्ढों में दफन किया जाता है। स्थायी लोक अदालत की पीठ ने सुलह कराई। शिकायतों के जल्द निस्तारण के भरोसे पर पक्ष सहमत हुए। 28 सितंबर को वाद निस्तारित कर दिया गया। (संवाद)

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