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912 करोड़ रुपये के बैंकिंग घोटाले में जांच की मांग, सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका

सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है कि कोर्ट में 912 करोड़ रुपये के बैंकिंग घोटाले की जांच हो। इसमें एआरसी, सार्वजनिक बैंकों और नोएडा कंपनी से जुड़ा हुआ घोटाला शामिल है

8 जून 2026 को 09:49 pm बजे
912 करोड़ रुपये के बैंकिंग घोटाले में जांच की मांग, सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका

सौजन्य से:- Jagran

सुप्रीम कोर्ट में 912 करोड़ रुपये के बैंकिंग घोटाले की जांच की मांग, जनहित याचिका दायर

सुप्रीम कोर्ट में 912 करोड़ रुपये के बैंकिंग घोटाले की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग वाली जनहित याचिका दायर की गई है। ...और पढ़ें

HighLights

सुप्रीम कोर्ट में 912 करोड़ रुपये के बैंकिंग घोटाले की जांच की मांग।

एआरसी, सार्वजनिक बैंकों और नोएडा कंपनी से जुड़ा है यह घोटाला।

फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर जांच की मांग की गई।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक जनहित याचिका दायर की गई। इसमें एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और नोएडा स्थित एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी से जुड़े बैंकिंग घोटाले की कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है।

याचिका में केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह एक न्यायिक आयोग या विशेषज्ञ समिति का गठन करे।

इस समिति में आरबीआइ, भारतीय रिजर्व बैंक, सेबी, गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय, ईडी और सीबीआइ के अधिकारियों को शामिल किया जाए।

912 करोड़ रुपये का बैंकिंग घोटाला

याचिका में ईडी, एसएफआइओ और सीबीआइ को जांच का निर्देश देने की भी मांग की गई है। यह मांग अर्न्स्ट एंड यंग की फोरेंसिक आडिट रिपोर्ट में सामने आए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के आधार पर की गई है।

याचिका के अनुसार, संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने वर्ष 2012 से 2015 के बीच एसबीआइ के नेतृत्व वाले सात बैंकों के समूह से लगभग 912 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किया था।

रिपोर्ट के अनुसार, करीब 902 करोड़ रुपये शेल कंपनियों, फर्जी विक्रेताओं, अघोषित बैंक खातों और संदिग्ध लेनदेन के माध्यम से गबन की गई थी।

मुजफ्फरनगर स्थित प्रतीक्षा और दो अन्य द्वारा दायर याचिका में एआरसी द्वारा किए गए कथित सबसे बड़े बैंकिंग धोखाधड़ी की जांच की मांग की गई है।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें- 'किरायेदार ने किया पर्यावरण का उल्लंघन तो मकान मालिक जिम्मेदार नहीं', सुप्रीम कोर्ट ने किया NGT के आदेश का समर्थन

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इसका मतलब क्या है

सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करके जांच की मांग करने से 912 करोड़ रुपये के इस बड़े बैंकिंग घोटाले में जिम्मेदार लोगों को न्याय मिल सकता है। इससे सार्वजनिक बैंकों, वित्तीय पेशेवरों, कंपनियों और अंततः आम जनता को सुरक्षा प्रदान करने वाले कानूनों के सख्ती से पालन हो सकेगा। इस मामले में अदालत के निर्णय का महत्वपूर्ण प्रभाव हो सकता है, क्योंकि यह सुनिश्चित करेगा कि जिम्मेदार लोगों को उचित दंड दिया जाएगा और भविष्य में वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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