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72 घंटे बाद वीर्य नहीं मिलना स्वाभाविक, FIR में तीन दिन की देरी का भी उचित स्पष्टीकरण: झारखंड हाईकोर्ट ने गैंगरेप की सजा बरकरार रखी

झारखंड हाईकोर्ट ने गैंगरेप के मामले में दोषी ठहराए गए आरोपियों की अपील खारिज करते हुए उनकी सजा बरकरार रखी। कोर्ट ने पीड़िता की गवाही को पूरी तरह विश्वसनीय और भरोसेमंद माना। उसने कहा कि FIR दर्ज कराने में तीन दिन की देरी, आरोपियों के नाम नहीं बता पाना और घटना के 72 घंटे बाद मेडिकल जांच में वीर्य नहीं मिलना, पीड़िता की गवाही को अविश्वसनीय बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है। खासकर तब, जब उसके शरीर पर मिले चोटों के निशान उसकी बातों की पुष्टि करते हों। जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की डिवीजन बेंच जमशेदपुर

19 अक्टूबर 2026 को 06:43 am बजे
72 घंटे बाद वीर्य नहीं मिलना स्वाभाविक, FIR में तीन दिन की देरी का भी उचित स्पष्टीकरण: झारखंड हाईकोर्ट ने गैंगरेप की सजा बरकरार रखी

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी

स्रोत संक्षेप

झारखंड हाईकोर्ट ने गैंगरेप के मामले में दोषी ठहराए गए आरोपियों की अपील खारिज करते हुए उनकी सजा बरकरार रखी। कोर्ट ने पीड़िता की गवाही को पूरी तरह विश्वसनीय और भरोसेमंद माना। उसने कहा कि FIR दर्ज कराने में तीन दिन की देरी, आरोपियों के नाम नहीं बता पाना और घटना के 72 घंटे बाद मेडिकल जांच में वीर्य नहीं मिलना, पीड़िता की गवाही को अविश्वसनीय बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है। खासकर तब, जब उसके शरीर पर मिले चोटों के निशान उसकी बातों की पुष्टि करते हों। जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की डिवीजन बेंच जमशेदपुर

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