जिला जज ने बार‑लॉयर एसोसिएशन को लोक अदालत बहिष्कार पर स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी
बार और लायर्स एसोसिएशन ने प्रोटेक्शन एक्ट, वरिष्ठ वकीलों की पेंशन, मुकदमों के ट्रांसफ़र और हड़ताल अंडरटेकिंग सहित सात माँगों को लेकर लोक अदालत का बहिष्कार किया। जिला जज अनमोल पाल ने इसे अवैध मानते हुए कारण सहित जवाब देने का नोटिस भेजा।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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जिला जज ने बार और लायर्स एसोसिएशन से मांगा स्पष्टीकरण:7 सूत्रीय मांगों को लेकर वकीलों ने लोक अदालत का बहिष्कार किया था
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लोक अदालत का बहिष्कार करने और न्यायिक कार्य से विरत रहने पर बार और लायर्स एसोसिएशन से जिला जज अनमोल पाल ने स्पष्टीकरण मांगा है। दोनों एसोसिएशन की कार्यकारिणी की बैठक में तय करने के बाद नोटिस पर स्पष्टीकरण दिया जाएगा। बता दें कि बीते शनिवार आयोजित होन
प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में मुद्दे उठाए गए थे
बार और लायर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में बार एसोसिएशन परिसर में दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय सम्मेलन के दूसरे दिन 11 सितंबर को प्रोटेक्शन एक्ट और वरिष्ठ अधिवक्ताओं को पेंशन की मांग, वकीलों के मुकदमे गैर जनपद ट्रांसफर करने के फैसले और हड़ताल की अंडरटेकिंग न देने समेत 7मुद्दे उठाए गए थे।
यह मांगें पूरी न होने तक हर बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने और 12 सितंबर को होने वाली लोक अदालत के बहिष्कार का प्रस्ताव पास किया गया था। अधिवक्ताओं ने लोक अदालत में काम करने वाले कुछ अधिवक्ताओं को रोका था। इस दौरान नारेबाजी और हंगामा हुआ था। बुधवार को भी वकीलों ने काम नहीं किया था।
वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने पर पर जिला जज ने बार और लायर्स एसोसिएशन को नोटिस दिया है। कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का आदेश है, कि कोई भी बार एसोसिएशन न्यायिक कार्य से विरत नहीं रहेगा और न ही न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पास किया जाएगा। इसके बावजूद न्यायिक कार्य से विरत रहा गया। इस पर अपना स्पष्टीकरण दें।
बार एसोसिएशन महामंत्री बिनय कुमार मिश्र ने कहा कि जल्द स्पष्टीकरण दे दिया जाएगा। लायर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजीव यादव ने कहा कि दोनों कार्यकारिणी की बैठक में तय होने के बाद स्पष्टीकरण दिया जाएगा।
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