छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिले 3 नए जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिले 3 नए जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी तीनों न्यायिक अधिकारी वर्तमान में न्यायिक एवं विधिक प्रशासन के महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं. By ETV Bharat Chhattisgarh Team Published : August 19…

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिले 3 नए जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी
तीनों न्यायिक अधिकारी वर्तमान में न्यायिक एवं विधिक प्रशासन के महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं.
By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 19, 2026 at 9:45 AM IST
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायिक व्यवस्था को और मजबूती मिलने जा रही है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 अगस्त 2026 को हुई अपनी बैठक में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में तीन न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. कॉलेजियम द्वारा स्वीकृत नामों में संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार शामिल हैं. तीनों ही वर्तमान में न्यायिक एवं विधिक प्रशासन के महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं.
तीनों वर्तमान में महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थ
संतोष शर्मा वर्तमान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोरबा के पद पर पदस्थ हैं. उन्होंने इस पद का कार्यभार 9 मई 2025 से संभाला.
सुषमा सावंत वर्तमान में प्रधान सचिव, विधि एवं विधायी कार्य विभाग,रायपुर के पद पर कार्यरत हैं. वे 13 अक्टूबर 2025 से इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं विधिक पद पर पदस्थ हैं.
सुधीर कुमार वर्तमान में प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट, रायपुर के पद पर पदस्थ हैं और उन्होंने इस पद का कार्यभार 27 मार्च 2025 से संभाला है.
न्यायिक अनुभव का मिलेगा लाभ
तीनों प्रस्तावित न्यायाधीशों के पास न्यायिक एवं विधिक प्रशासन का महत्वपूर्ण अनुभव है. ऐसे में हाईकोर्ट में उनकी नियुक्ति से न्यायिक कार्यों के संचालन और मामलों के प्रभावी निस्तारण को और गति मिलने की उम्मीद है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की मंजूरी के बाद अब इन नियुक्तियों से संबंधित आगे की संवैधानिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
लंबित मामले निपटाने में आएगी तेजी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में लंबित मामलों के बढ़ते दबाव के बीच तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इन नियुक्तियों से हाईकोर्ट की न्यायिक क्षमता में वृद्धि होगी और विभिन्न प्रकृति के मामलों की सुनवाई एवं निस्तारण में भी तेजी आने की उम्मीद है.
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का यह निर्णय छत्तीसगढ़ की न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और तीनों अनुभवी अधिकारियों के हाईकोर्ट में आने से न्यायिक संस्थान को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
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