तरुण तेजपाल ने मापुसा कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, 22 सितंबर को सुनवाई की संभावनाएँ
पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मापुसा कोर्ट में सरेंडर किया है। उन्होंने 10 साल की दुष्कर्म सजा को चुनौती देते हुए अपील दायर की थी, और यदि आत्मसमर्पण प्रमाणपत्र समय पर दाखिल हो गया तो इस अपील की सुनवाई 22 सितंबर को निर्धारित की जा सकती है।

सौजन्य से:- amarujala.com
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तरुण तेजपाल ने किया सरेंडर: सुप्रीम कोर्ट में सजा के खिलाफ अपील पर होगी सुनवाई, अब 22 सितंबर पर टिकी नजरें
Mon, 14 Sep 2026 01:49 PM IST
प्रशांत तिवारी
एएनआई, गोवा
एएनआई, गोवा
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Mon, 14 Sep 2026 01:49 PM IST
सार
तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मापुसा कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण का प्रमाणपत्र जमा होने पर उनकी 10 साल की सजा के खिलाफ अपील को 22 सितंबर को सूचीबद्ध किया जा सकता है।
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विस्तार
दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए और तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल ने मापुसा कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने और इसकी प्रमाणित पावती (सरेंडर सर्टिफिकेट) अदालत में पेश करने का निर्देश दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में तेजपाल ने मापुसा कोर्ट में सरेंडर किया।
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10 साल की सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली तरुण तेजपाल की अपील पर सुनवाई का रास्ता भी साफ किया है, जिसमें हाईकोर्ट ने उन्हें दुष्कर्म के मामले में दोषी करार देते हुए 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने संकेत दिया है कि यदि तेजपाल निर्धारित समयसीमा के भीतर आत्मसमर्पण का प्रमाणपत्र पेश कर देते हैं, तो उनकी अपील को 22 सितंबर को सूचीबद्ध किया जा सकता है।
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सुप्रीम कोर्ट ने रखी थी आत्मसमर्पण की शर्त
सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल को तीन सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। साथ ही उन्हें आत्मसमर्पण का प्रमाणपत्र अदालत में दाखिल करना था। यह प्रमाणपत्र उनकी ओर से दायर अपील को आगे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना गया है।
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22 सितंबर को हो सकती है अपील पर सुनवाई
न्यायमूर्ति अलोक अराधे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यदि तेजपाल समय पर आत्मसमर्पण का प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर देते हैं, तो उनकी अपील को 22 सितंबर को सूचीबद्ध करने पर विचार किया जा सकता है। तेजपाल की अपील में बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसके तहत उन्हें बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया था।
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हाईकोर्ट ने सुनाई थी 10 साल की सजा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बलात्कार मामले में तरुण तेजपाल को दोषी ठहराते हुए 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद तेजपाल ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। अब उनकी अपील पर आगे की सुनवाई आत्मसमर्पण संबंधी आदेश के अनुपालन के बाद होने की संभावना है।
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