स्टेनोग्राफर की अनुपस्थिति में जज दिनेश गुप्ता ने हाथ से लिखे 159 फैसले, रिटायरमेंट आयु बढ़ाने के लिये सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
राजस्थान के जज दिनेश गुप्ता ने स्टेनोग्राफर के नहीं मिलने के बाद रिटायरमेंट से एक दिन पहले तक 159 फैसलों को खुद लिखते हुए सेवा समाप्त की। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल करने की मांग भी सुप्रीम कोर्ट में पेश की, जबकि उनका ट्रांसफर और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर भी चर्चा हुई।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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जज को स्टेनोग्राफर नहीं मिला, हाथ से लिखे 159 फैसले:रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे; पहले भी चर्चाओं में रहे दिनेश गुप्ता
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राजस्थान की न्यायिक व्यवस्था में अपने फैसलों और कामकाज को लेकर चर्चाओं में रहे जज दिनेश गुप्ता बुधवार (30 सितंबर) को रिटायर हो गए। रिटायरमेंट से करीब डेढ़ महीने पहले 13 अगस्त को उनकी कोर्ट का स्टेनोग्राफर बकाया भुगतान नहीं होने पर काम छोड़कर चला गया था।
सरकार ने कोर्ट में दूसरा स्टेनोग्राफर नहीं लगाया। इसके कारण रिटायरमेंट के एक दिन पहले तक उन्होंने 159 फैसले अपने हाथ से लिखे। इसे लेकर वे सुप्रीम कोर्ट तक भी गए, लेकिन कोर्ट ने उनके रिटायरमेंट के 4 दिन पहले मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के समक्ष बात रखने को कही थी।
सुप्रीम कोर्ट ने बताया था प्रतिभाशाली जज
कॉर्मिशियल कोर्ट में जज रहते हुए दिनेश गुप्ता ने अडानी समूह के खिलाफ फैसला दिया था। इसके बाद उनका जयपुर से ब्यावर ट्रांसफर कर दिया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही उनका ब्यावर से जालोर ट्रांसफर कर दिया गया।
हाईकोर्ट के इस प्रशासनिक आदेश के खिलाफ दिनेश गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके कहा- रिटायरमेंट के 10 महीने पहले बार-बार ट्रांसफर करके उन्हें परेशान किया जा रहा है। इस पर सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची व जस्टिस विपुल एम.पंचोली की बेंच ने कहा था कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि गुप्ता एक प्रतिभाशाली जज हैं। इसी वजह से उन्हें जेडीए में निदेशक विधि व विधिक सेवा प्राधिकरण में पोस्टिंग दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने गुप्ता की गंभीर सेहत के कारण जयपुर में निरंतर इलाज चलने, रिटायरमेंट में मात्र 10 महीने बचने और टीचर वाइफ के रिटायरमेंट में भी कम समय होने का हवाला देते हुए हाईकोर्ट को दो हफ्ते में सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के लिए कहा था। इसके बाद उनका जयपुर की लेबर कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था।
रिटायरमेंट आयु बढ़ाने के लिए पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
जज दिनेश गुप्ता ने अन्य राज्यों की तरह राजस्थान में भी जिला न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से 62 साल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर कर रखा है। इस मामले में 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।
दरअसल, ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों से रिटायरमेंट आयु बढ़ाने पर विचार करने के लिए कहा था, लेकिन राजस्थान सहित कई राज्यों ने आयु बढ़ाने से इनकार कर दिया था।
इसके बाद पिछली बार 1 सितंबर को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सहित इनकार करने वाले राज्यों को इस मामले में पुर्नविचार करने के लिए बोला था। 7 राज्य ऐसे हैं, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी है कि उन्होंने अपने यहां न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल कर दी है।
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