धार में जमीन विवाद पर हुआ खूनी संघर्ष, 13 दोषियों को आजीवन कारावास
धार के तिरला ब्लॉक के आहू गांव में जमीन विवाद के कारण किसान कैलाश पाटीदार की हत्या के मुकदमे में अदालत ने 13 आरोपियों को आजीवन कारावास तथा 52,000 रुपये का दंड दिया। मृतक के बेटे-बहू की गवाही ने मामले की साक्ष्यपूर्ण पुष्टि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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धार: जमीन के पुराने विवाद में खूनी संघर्ष, अदालत ने मृतक के भाई-परिजनों समेत 13 दोषियों को दिया आजीवन कारावास
Thu, 01 Oct 2026 03:53 PM IST
धार ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
Published by: धार ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 03:53 PM IST
सार
धार जिले के तिरला क्षेत्र के आहू गांव में किसान कैलाश पाटीदार की हत्या के मामले में अदालत ने 13 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जमीन विवाद में हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने कुल 52 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। मृतक के बेटे-बहू की गवाही महत्वपूर्ण रही।
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विस्तार
धार जिले के तिरला ब्लॉक के ग्राम आहू में जमीन के पुराने विवाद को लेकर किसान कैलाश पाटीदार की हत्या के मामले में अदालत ने 13 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर कुल 52 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मृतक के बेटे और बहू की गवाही तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया गया।
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अतिरिक्त शासकीय लोक अभियोजक शरद पुरोहित ने बताया कि घटना 18 मार्च 2023 को ग्राम आहू स्थित सिलोदी खेत की है। कैलाश पाटीदार अपने बेटे आलोक और बहू रानुबाई के साथ गेहूं कटवाने खेत पर गए थे। इसी दौरान पुराने जमीन विवाद को लेकर कैलाश के बड़े भाई के परिवार और अन्य आरोपियों से कहासुनी हो गई। कुछ देर बाद आरोपी कथित तौर पर धारिया और लाठियां लेकर एकजुट होकर पहुंचे और कैलाश, उनके बेटे आलोक तथा बहू रानुबाई के साथ मारपीट की। हमले में कैलाश के सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं। परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
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घायल आलोक और रानुबाई की रिपोर्ट पर तिरला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने विष्णु, मोहित, विक्रम, राधेश्याम, विजय, भगवान, लक्ष्मीबाई, ममता बाई, घनश्याम, गौतम, कालुराम और जयेश सहित 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश संगीता पटेल की अदालत में अभियोग पत्र पेश किया। अभियोजन की ओर से 18 गवाहों के बयान, 97 दस्तावेज और 16 जब्त सामग्री अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई। वहीं, बचाव पक्ष ने सात गवाहों के बयान और 55 दस्तावेज पेश किए।
अदालत ने मृतक के बेटे आलोक और बहू रानुबाई की गवाही तथा पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर राहुल भामर के बयान समेत उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी 13 आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
जमानत पर चल रही आरोपी महिला को भेजा जेल
आरोपी लक्ष्मीबाई पहले से जमानत पर थी। अदालत के फैसले के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जिला जेल धार भेज दिया गया। अन्य आरोपी पहले से जेल में बंद हैं, इसलिए उनके सजा वारंट तैयार किए गए। मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त शासकीय लोक अभियोजक शरद पुरोहित ने पैरवी की।
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