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15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर सख्त ब्रिटिश कानून, सीनियर्स का अलग चेंजिंग रूम

यूके में युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को सख्त ब्रिटिश कानून के अनुसार सीनियर खिलाड़ियों के साथ चेंजिंग रूम शेयर नहीं करना होगा, बल्कि उन्हें अलग से एक चेंजिंग रूम मिलेगा। यह नियम यूके के नियमों के तहत है और आईसीसी का इसमें कोई भूमिका नहीं है।

25 जून 2026 को 08:24 am बजे
15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर सख्त ब्रिटिश कानून, सीनियर्स का अलग चेंजिंग रूम

सौजन्य से:- Live Hindustan

15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर लागू हुआ सख्त ब्रिटिश कानून, क्या ICC की है इसमें कोई भूमिका? जानिए

वैभ सूर्यवंशी को लेकर बुधवार 24 जून को जो खबर आई थी कि उन्हें अलग चेंजिंग रूम मिलेगा, उसको लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। वैभव सूर्यवंशी के साथ यूके के लॉ के हिसाब से किया जा रहा है।

15 साल के वैभव सूर्यवंशी यूके के दौरे पर पहुंच गए हैं। वे भारतीय टीम का हिस्सा हैं, जो आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने के बाद इंग्लैंड जाएगी, जहां 5 टी20 इंटरनेशनल मैच टीम इंडिया को खेलने हैं। इस बीच ब्रिटिश मीडिया में एक रिपोर्ट छपी है कि वैभव सूर्यवंशी को हर समय भारत के ड्रेसिंग रूम में नहीं रखा जाएगा। उन्हें उनका खुद का चेंजिंग रूम दिया जाएगा। इसके पीछे का कारण है यूके की गाइडलाइन्स, जो सिर्फ क्रिकेट में नहीं, बल्कि यूके में हर एक खेल में लागू की जाती हैं। पहले सभी को ऐसा लग रहा था कि यह सब मेजबान क्रिकेट बोर्ड ECB और ICC की नियमों के तहत होने वाला है, लेकिन ईसीबी और क्रिकेट आयरलैंड यूके के नियमों का पालन कर रहे हैं।

यूके में 16 साल से कम उम्र के बच्चों को नाबालिग माना जाता है, भले ही वह इंटरनेशनल लेवल पर क्यों न खेल रहे हों। यही कारण है कि वैभव पर वह ब्रिटिश कानून लागू होगा, जिसमें साफ लिखा हुआ है कि 16 साल के कम के खिलाड़ी सीनियर्स के साथ चेंज रूम शेयर नहीं कर सकते। क्रिकेट ही नहीं, बल्कि फुटबॉल और अन्य खेलों में भी यूके में यह नियम लागू होते हैं। आर्सेनल जैसे फुटबॉल क्लबों को पहले भी एथन नवानेरी और मैक्स डाउमैन जैसे होनहार खिलाड़ियों के लिए अलग से चेंजिंग फैसिलिटी देनी पड़ी थी, क्योंकि वे 16 साल के नहीं थे, जब वे सीनियर टीम में खेले थे।

आईसीसी की नहीं है कोई भूमिका

हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल की रिपोर्ट के मुताबिक, वैभव सूर्यवंशी को अपना अलग चेंजिंग रूम चाहिए, यह UK के नियमों के हिसाब से है और ICC का इस मामले में कोई नियम नहीं है, क्योंकि इस संस्था के पास U-16 क्रिकेटरों के लिए कोई तय नियम ही नहीं हैं। यह मामला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है, क्योंकि भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज किसी ICC इवेंट का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह एक बाइलेटरल इवेंट है। ऐसे में आईसीसी के कई नियम इस पर लागू नहीं होंगे।

इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सोर्स ने एचटी डिजिटल को बताया, “सुरक्षा के नियम बाइलेटरल सीरीज पर लागू नहीं होते हैं। इंडिया बनाम इंग्लैंड सीरीज कोई ICC इवेंट नहीं है और U16 क्रिकेटरों के लिए कोई खास नियम नहीं हैं। यह साफ तौर पर UK का कानून (ब्रिटिश कानून) है और ICC का इस मामले में कोई दखल नहीं है।” इंग्लैंड में ही नहीं, बल्कि आयरलैंड में भी यही नियम लागू होंगे, क्योंकि आयरलैंड भी यूके की टैरेटरी है। भारत को 26 और 28 जून को बेलफास्ट में दो टी20 मैच आयरलैंड से खेलने हैं।

इंडिया को मिले हैं 3 चेंज रूम

आयरलैंड क्रिकेट बोर्ड के एक प्रवक्ता ने कहा है, “इंडियन टीम को पवेलियन में तीन अलग चेंज रूम दिए गए हैं और सेफ़्टी से जुड़े कानूनों के बारे में बताया गया है। हम चेक करेंगे कि सभी जिम्मेदारियां पूरी हुई हैं, लेकिन BCCI UK के कानून वगैरह के हिसाब से चीजों को मैनेज करेगा। हमारे प्रोटोकॉल और नियम UK में बेस्ट प्रैक्टिस के हिसाब से हैं।”

पहले गार्डियन की रिपोर्ट जो आई थी, उसमें कहा गया था कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी और ईसीबी के प्रोटोकॉल के हिसाब से अंडर 16 खिलाड़ियों को एक फैसिलिटी मिलनी चाहिए। इसलिए वैभव के लिए अलग चेंजिंग रूम होगा, लेकिन अब पता चला है कि यह यूके के नियमों की वजह से है। हालांकि, वैभव इंडियन ड्रेसिंग रूम में मैचों के दौरान, वार्मअप्स के समय और टीम मीटिंग्स में रह सकते हैं, लेकिन बाकी समय उन्हें अलग चेंज रूम में रहना होगा, जो ईसीबी उन्हें असाइन करेगी। किट बदलते समय या नहाते समय उन्हें दूसरे चेंज रूम का इस्तेमाल करना होगा।

लेखक के बारे में

Vikash Gaurविकाश गौड़: डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर कम असिस्टेंट मैनेजर, स्पोर्ट्स

संक्षिप्त विवरण:

विकाश गौड़ पिछले 8 वर्षों से हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के स्पोर्ट्स सेक्शन में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर (असिस्टेंट मैनेजर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

विस्तृत बायो:

परिचय और अनुभव: विकाश गौड़ भारतीय डिजिटल स्पोर्ट्स मीडिया का एक उभरता हुआ चेहरा हैं। लगभग 8 वर्षों के अनुभव के साथ, विकाश ने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को जमीन से समझा है। 2016 में अपने करियर की शुरुआत करने वाले विकाश ने डिजिटल-फर्स्ट अप्रोच के साथ खेल पत्रकारिता में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जनवरी 2021 से वह 'लाइव हिन्दुस्तान' की स्पोर्ट्स टीम के मुख्य स्तंभ बने हुए हैं, जहां वह कंटेंट प्लानिंग और स्पोर्ट्स कवरेज का नेतृत्व करते हैं।

करियर का सफर:

मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़ से पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद विकाश का सफर 'खबर नॉन स्टॉप' से शुरू हुआ था, जो अब देश के प्रतिष्ठित मीडिया घरानों तक फैला हुआ है। उन्होंने पत्रिका समूह की वेबसाइट 'कैच न्यूज' में खेल की खबरों की तकनीकी समझ विकसित की। इसके बाद 'डेली हंट' में वीडियो प्रोड्यूसर के तौर पर काम करते हुए उन्होंने विजुअल स्टोरीटेलिंग के गुर सीखे। 'दैनिक जागरण' की वेबसाइट में करीब ढाई साल तक खेल डेस्क पर अपनी धार तेज करने के बाद, उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान का रुख किया, जहां वे बीते 4 साल से चौके-छक्के लगा रहे हैं। इंटर्न के तौर पर प्रिंट की समझ हासिल कर चुके विकाश गौड़ के पास अब डिजिटल की अच्छी समझ है और वे ट्रेंड को बखूबी फॉलो करते हैं।

खेल जगत की कवरेज और विशेषज्ञता:

अपने अब तक के करियर में विकाश ने दुनिया के कई बड़े खेल आयोजनों को डेस्क और फील्ड पर रहकर कवर किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट्स की भी गहरी समझ रखते हैं। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख आयोजनों का व्यापक विश्लेषण और रिपोर्टिंग की है:

क्रिकेट:आईसीसी क्रिकेट विश्व कप, आईपीएल और द्विपक्षीय सीरीज।

ग्लोबल इवेंट्स: ओलंपिक गेम्स, राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेल

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