गरhwa में स्थायी लोक अदालत, 1 करोड़ तक के जनउपयोगी विवादों का निःशुल्क निपटारा
गरhwa के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में बताया गया कि जनउपयोगी सेवाओं से जुड़े 1 करोड़ रुपये तक के मामलों को स्थायी लोक अदालत में बिना वकील की मदद के तेज़ी से और नि:शुल्क निपटाया जा सकता है। अदालत के आदेश अंतिम होते हैं और इन्हें किसी उच्च न्यायालय में अपील नहीं किया जा सकता।

सौजन्य से:- Prabhat Khabar
गढ़वा: लोक अदालत में एक करोड़ रुपये तक के मामलों में मिलेगी राहत
कार्यक्रम में मौजूद लोग | Prabhat Khabar Network
गढ़वा में स्थायी लोक अदालत के कार्यों का प्रचार-प्रसार. जनउपयोगी सेवाओं से जुड़े 1 करोड़ रुपये तक के विवादों का नि:शुल्क और त्वरित निपटारा पाएं, बिना वकील की सहायता के.
गढ़वा. नालसा एवं झालसा, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गढ़वा के सौजन्य से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य स्थायी लोक अदालत के कार्यों और सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करना था.
संस्थान के निदेशक संजय कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया. शिविर में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता, सदस्या सुश्री तृप्ति, सदस्य मनोज कुमार दूबे और पारा लीगल स्वयंसेवक राम कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे. इस दौरान लोगों को स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली, कानूनी प्रावधानों और जनउपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान की प्रक्रिया की जानकारी दी गयी.
जनउपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का होता है निबटारास्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि जनउपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों का त्वरित निपटारा कर पीड़ित पक्ष को राहत प्रदान की जाती है. उन्होंने कहा कि स्थायी लोक अदालत में एक करोड़ रुपये तक के मामलों का निस्तारण किया जाता है. उनके अनुसार, अदालत द्वारा पारित आदेश या पंचाट अंतिम होता है और उसके विरुद्ध किसी अपीलीय न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती.
बिना वकील के नि:शुल्क मिलती है सुविधासदस्या सुश्री तृप्ति ने बताया कि परिवहन, डाक, विद्युत, बीमा, स्वास्थ्य एवं अस्पताल, शैक्षणिक, रियल एस्टेट और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े मुकदमा पूर्व विवादों का निपटारा स्थायी लोक अदालत, गढ़वा में सरल प्रक्रिया के माध्यम से कराया जा सकता है.
सदस्य मनोज कुमार दूबे ने स्थायी लोक अदालत की महत्ता बताते हुए कहा कि यहां पीड़ित पक्ष को नि:शुल्क सेवा उपलब्ध करायी जाती है. इसके लिए अधिवक्ता यानी वकील की आवश्यकता नहीं होती है. शिविर के माध्यम से लोगों से अपील की गयी कि जनउपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत की सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करें.
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