होम›वकील›गरhwa में स्थायी लोक अदालत, 1 करोड़ तक के जनउपयोगी विवादों का निःशुल्क निपटारा
वकील

गरhwa में स्थायी लोक अदालत, 1 करोड़ तक के जनउपयोगी विवादों का निःशुल्क निपटारा

गरhwa के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में बताया गया कि जनउपयोगी सेवाओं से जुड़े 1 करोड़ रुपये तक के मामलों को स्थायी लोक अदालत में बिना वकील की मदद के तेज़ी से और नि:शुल्क निपटाया जा सकता है। अदालत के आदेश अंतिम होते हैं और इन्हें किसी उच्च न्यायालय में अपील नहीं किया जा सकता।

9 अक्टूबर 2026 को 02:04 pm बजे
गरhwa में स्थायी लोक अदालत, 1 करोड़ तक के जनउपयोगी विवादों का निःशुल्क निपटारा

सौजन्य से:- Prabhat Khabar

गढ़वा: लोक अदालत में एक करोड़ रुपये तक के मामलों में मिलेगी राहत

कार्यक्रम में मौजूद लोग | Prabhat Khabar Network

गढ़वा में स्थायी लोक अदालत के कार्यों का प्रचार-प्रसार. जनउपयोगी सेवाओं से जुड़े 1 करोड़ रुपये तक के विवादों का नि:शुल्क और त्वरित निपटारा पाएं, बिना वकील की सहायता के.

गढ़वा. नालसा एवं झालसा, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गढ़वा के सौजन्य से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य स्थायी लोक अदालत के कार्यों और सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करना था.

संस्थान के निदेशक संजय कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया. शिविर में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता, सदस्या सुश्री तृप्ति, सदस्य मनोज कुमार दूबे और पारा लीगल स्वयंसेवक राम कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे. इस दौरान लोगों को स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली, कानूनी प्रावधानों और जनउपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान की प्रक्रिया की जानकारी दी गयी.

जनउपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का होता है निबटारास्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि जनउपयोगी सेवाओं से संबंधित मामलों का त्वरित निपटारा कर पीड़ित पक्ष को राहत प्रदान की जाती है. उन्होंने कहा कि स्थायी लोक अदालत में एक करोड़ रुपये तक के मामलों का निस्तारण किया जाता है. उनके अनुसार, अदालत द्वारा पारित आदेश या पंचाट अंतिम होता है और उसके विरुद्ध किसी अपीलीय न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती.

बिना वकील के नि:शुल्क मिलती है सुविधासदस्या सुश्री तृप्ति ने बताया कि परिवहन, डाक, विद्युत, बीमा, स्वास्थ्य एवं अस्पताल, शैक्षणिक, रियल एस्टेट और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े मुकदमा पूर्व विवादों का निपटारा स्थायी लोक अदालत, गढ़वा में सरल प्रक्रिया के माध्यम से कराया जा सकता है.

सदस्य मनोज कुमार दूबे ने स्थायी लोक अदालत की महत्ता बताते हुए कहा कि यहां पीड़ित पक्ष को नि:शुल्क सेवा उपलब्ध करायी जाती है. इसके लिए अधिवक्ता यानी वकील की आवश्यकता नहीं होती है. शिविर के माध्यम से लोगों से अपील की गयी कि जनउपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत की सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करें.

आपके शहर में

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 27% OBC आरक्षण रद्द कर 14% पुराना कोटा बरकरार किया
वकील

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 27% OBC आरक्षण रद्द कर 14% पुराना कोटा बरकरार किया

सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो बंद पर रोक लगाई, केंद्र से मांग की आसान व्यवस्था
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो बंद पर रोक लगाई, केंद्र से मांग की आसान व्यवस्था

बॉक्सर मैरी कॉम पर पूर्व पति का मानहानि दावा, दिल्ली अदालत में सुनवाई तय
वकील

बॉक्सर मैरी कॉम पर पूर्व पति का मानहानि दावा, दिल्ली अदालत में सुनवाई तय

भीलवाड़ा में राष्ट्रीय लोक अदालत: 21 बैंचों से सिविल‑फौजदारी‑राजस्व मामलों का निपटारा
वकील

भीलवाड़ा में राष्ट्रीय लोक अदालत: 21 बैंचों से सिविल‑फौजदारी‑राजस्व मामलों का निपटारा

मेघालय के उच्च न्यायालय ने 26 बार एसोसिएशन अधिकारियों को अवमानना नोटिस, बाईकॉट आह्वान पर
वकील

मेघालय के उच्च न्यायालय ने 26 बार एसोसिएशन अधिकारियों को अवमानना नोटिस, बाईकॉट आह्वान पर

सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन किया, दिल्ली में परिवहन प्रतिबंध पर सरकार को चेतावनी दी
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन किया, दिल्ली में परिवहन प्रतिबंध पर सरकार को चेतावनी दी

सुप्रीम कोर्ट ने एपी सरकार की 34% आरक्षण चुनौती खारिज, हाई कोर्ट के रद्दीकरण आदेश को बरकरार रखा
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने एपी सरकार की 34% आरक्षण चुनौती खारिज, हाई कोर्ट के रद्दीकरण आदेश को बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेन रद्दी व मेट्रो बंदी पर माँगी अनुपातिकता की पालना
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेन रद्दी व मेट्रो बंदी पर माँगी अनुपातिकता की पालना

ताज़ा ख़बरें