बॉक्सर मैरी कॉम पर पूर्व पति का मानहानि दावा, दिल्ली अदालत में सुनवाई तय
करोंग ओंखोलर ने मैरी कॉम के खिलाफ अक्टूबर 6 को दिल्ली में आपराधिक मानहानि की शिकायत दायर की, जिसमें वह दावा कर रहे हैं कि टेलीविजन इंटरव्यू में उन्होंने उन्हें बेईमान, बेरोजगार और आर्थिक रूप से निर्भर बताया गया। अगले चरण की सुनवाई 19 नवंबर को होगी, जबकि अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है।

सौजन्य से:- Aaj Tak
Sign In
Advertisement
X
ओलंपिक पदक विजेता बॉक्सर मैरी कॉम कानूनी विवाद में घिर गई हैं. उनके पूर्व पति करोंग ओंखोलर ने दिल्ली की अदालत में उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है. आरोप है कि मैरी कॉम ने एक टीवी इंटरव्यू में उनके बारे में झूठे और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले बयान दिए. शिकायत 6 अक्टूबर को दाखिल की गई. अदालत में मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी. ओलंपिक पदक विजेता बॉक्सर मैरी कॉम के पूर्व पति करोंग ओंखोलर ने उनके खिलाफ दिल्ली की अदालत का रुख किया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि मैरी कॉम ने एक टेलीविजन कार्यक्रम में उनके बारे में ऐसे बयान दिए, जिनसे उनकी सामाजिक और पारिवारिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है.
ओंखोलर के मुताबिक, ये बयान इस साल 11 जनवरी को प्रसारित एक टीवी कार्यक्रम में दिए गए थे. शिकायत में कहा गया है कि उस समय तक दोनों का वैवाहिक रिश्ता समाप्त हो चुका था. शिकायतकर्ता का आरोप है कि कार्यक्रम में कही गई बातें बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचीं और उनकी छवि को नुकसान पहुंचा सकती थीं. उन्होंने अदालत में दावा किया है कि इंटरव्यू के दौरान उन्हें बेईमान, बेवफा, बेरोजगार और मैरी कॉम पर आर्थिक रूप से निर्भर व्यक्ति के रूप में पेश किया गया. हालांकि, ये सभी शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं. अदालत ने अभी इन पर कोई फैसला नहीं दिया है.
बैंक खाते से पैसे लेने और बच्चों की जिम्मेदारी नहीं निभाने का आरोप
करोंग ओंखोलर ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि टीवी कार्यक्रम में उन पर मैरी कॉम के बैंक खातों से पैसे का गलत इस्तेमाल करने और बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभाने के आरोप लगाए गए. शिकायतकर्ता का कहना है कि ये आरोप झूठे हैं और इनसे एक पति तथा पिता के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. उन्होंने अदालत से इस मामले पर कार्रवाई करने की मांग की है. ओंखोलर ने यह भी कहा है कि उन्हें ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश किया गया, जो कभी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं रहा. उन्होंने इस छवि को गलत बताते हुए अपनी बात अदालत के सामने रखी है.
Advertisement
शिकायत के मुताबिक, करोंग ओंखोलर और मैरी कॉम की शादी 12 मार्च 2005 को हुई थी. दोनों फरीदाबाद में साथ रहते थे. ओंखोलर ने अपनी शिकायत में कहा है कि 20 दिसंबर 2023 को पारंपरिक रीति के तहत उनका वैवाहिक रिश्ता समाप्त हो गया था. पूर्व पति ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने मैरी कॉम के बॉक्सिंग करियर को आगे बढ़ाने के लिए अपने करियर और पेशेवर अवसरों का त्याग किया था. उनका कहना है कि उन्होंने मैरी कॉम का साथ देने के लिए अपने काम और करियर से जुड़े अवसरों को पीछे रखा. इसी आधार पर उन्होंने अपने खिलाफ बेरोजगार और आर्थिक रूप से निर्भर होने की कथित छवि पर आपत्ति जताई है.
6 अक्टूबर को दाखिल हुई शिकायत, 19 नवंबर को अगली सुनवाई
करोंग ओंखोलर ने यह आपराधिक मानहानि शिकायत 6 अक्टूबर को दाखिल की थी. उनकी ओर से अधिवक्ता आकाश कृष्णा और प्रगति शर्मा अदालत में पक्ष रख रहे हैं. यह मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शिवम गुप्ता की अदालत में लंबित है. अदालत में फिलहाल समन जारी करने से पहले के साक्ष्य पेश किए जाने की प्रक्रिया होनी है. मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को निर्धारित की गई है. इस शिकायत में मैरी कॉम के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अभी अदालत में सुनवाई होनी बाकी है. अदालत ने इन आरोपों पर कोई फैसला नहीं दिया है. ऐसे में फिलहाल शिकायतकर्ता के दावों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए. अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत की सुनवाई पर नजर रहेगी.
---- समाप्त ----
TOPICS:
Latest News in Hindi »
Advertisement
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
गरhwa में स्थायी लोक अदालत, 1 करोड़ तक के जनउपयोगी विवादों का निःशुल्क निपटारा

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 27% OBC आरक्षण रद्द कर 14% पुराना कोटा बरकरार किया

सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो बंद पर रोक लगाई, केंद्र से मांग की आसान व्यवस्था

भीलवाड़ा में राष्ट्रीय लोक अदालत: 21 बैंचों से सिविल‑फौजदारी‑राजस्व मामलों का निपटारा

मेघालय के उच्च न्यायालय ने 26 बार एसोसिएशन अधिकारियों को अवमानना नोटिस, बाईकॉट आह्वान पर

सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन किया, दिल्ली में परिवहन प्रतिबंध पर सरकार को चेतावनी दी

सुप्रीम कोर्ट ने एपी सरकार की 34% आरक्षण चुनौती खारिज, हाई कोर्ट के रद्दीकरण आदेश को बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेन रद्दी व मेट्रो बंदी पर माँगी अनुपातिकता की पालना
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने CJP विरोध में पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग को खारिज किया
- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रोटेस्ट के दौरान मेट्रो/ट्रेन को बंद न करने का निर्देश दिया
- सुप्रीम कोर्ट ने संघ और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को मौलिक माना, अक्टूबर 10 के प्रदर्शन की अनुमति‑विवरण मांगे
- सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो‑रेल बंदी को अस्वीकार किया, प्रोटेस्ट से पहले सेवाएँ जारी रखने का आदेश
- सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया: ट्रेन‑मेट्रो सेवाओं को न रद्द करें, जनता को असुविधा न हो
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा: बिना अनुमति के प्रदर्शन ‘क़ानूनी नहीं’, CJP के जंतर-मंतर आंदोलन में संतुलन जरूरी
- सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो स्टेशनों की बंदी को रोकते हुए कहा‑‘हजारों यात्रियों को असुविधा’
- पंजाब के भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट जस्टिस ने खुद को अलग किया, गाैरव यादव को रेगुलर डीजीपी नियुक्त

