अधिकारी अनुपस्थित, लोक अदालत बैठक में एसी को रिपोर्ट दिये जाने का निर्देश
12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों पर एक बैठक में अधिकांश संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति ने PDJE राजीव कुमार सिन्हा को नाराज़ किया। उन्होंने एसी गिरजा शंकर महतो से सभी विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर मामलों की सूची बनाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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लोक अदालत की बैठक में अधिकारी नहीं पहुंचे... एसी को रिपोर्ट देने का दिया निर्देश
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आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर सोमवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष राजीव कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक
हालांकि, बैठक में संबंधित विभागों के अधिकांश अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर पीडीजे ने नाराजगी जताई। व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के प्रकोष्ठ में आयोजित बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से अपर समाहर्ता,जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, उत्पाद अधीक्षक तथा कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति विभाग को शामिल होने के लिए पत्र भेजा गया था। लेकिन बैठक में अपर समाहर्ता गिरजा शंकर महतो और उत्पाद अधीक्षक ही उपस्थित हुए, जबकि अन्य संबंधित अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हुए। अधिकारियों की अनुपस्थिति पर पीडीजे राजीव कुमार सिन्हा ने नाराजगी जताते हुए राष्ट्रीय लोक अदालत जैसे महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन कराने के लिए विभागों को पहले से मामलों को चिह्नित कर आवश्यक तैयारी पूरी करनी होगी। राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल पदाधिकारी अपर समाहर्ता (एसी) गिरजा शंकर महतो को निर्देश दिया गया कि वे सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करें। विभागवार निष्पादन योग्य मामलों को चिह्नित कर उन्हें लोक अदालत के लिए लाइनअप कराएं तथा सभी विभागों से समेकित रिपोर्ट प्राप्त कर प्रस्तुत करें। पीडीजे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोक अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित पक्षों से समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने मामलों के निष्पादन में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं करने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी करने को कहा। बैठक में लंबित एवं लोक अदालत में निष्पादन योग्य विभिन्न मामलों की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया गया।
आपसी सहमति से सुलझाए जाएंगे सभी प्रकार के मामले विभागों से अपेक्षा की गई कि वे अपने स्तर से ऐसे मामलों की पहचान करें, जिनका आपसी सहमति अथवा सुलह-समझौते के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत में निष्पादन संभव है। बैठक में एडीजे नरंजन सिंह, सीजेएम निताशा बारला, प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सुभाष बाड़ा, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष रमेश कुमार श्रीवास्तव, अपर समाहर्ता गिरजा शंकर महतो, उत्पाद अधीक्षक समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे। गौरतलब है कि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश के आलोक में 12 सितंबर को सुबह 10:30 बजे से व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न प्रकार के सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर निष्पादन किया जाएगा।
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