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सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी की EC आदेश चुनौती पर तेज़ सुनवाई की मंजूरी

वेस्ट बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव से जुड़ी ममता बनर्जी की पार्टी का नाम व चुनाव चिन्ह फ्रीज करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शीघ्र सुनवाई का संकेत दिया। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने तुरंत सुनवाई की माँग की, जबकि न्यायाधीश सूर्यकांत ने दोनों पक्षों को अपनी‑अपनी दलीलें पेश करने की सलाह दी।

21 सितंबर 2026 को 04:04 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी की EC आदेश चुनौती पर तेज़ सुनवाई की मंजूरी

सौजन्य से:- Jagran

ममता बनर्जी की याचिका पर शीघ्र सुनवाई को तैयार सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग के आदेश को दी चुनौती

चुनाव आयोग द्वारा पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने के आदेश को चुनौती देने वाली ममता बनर्जी ...और पढ़ें

HighLights

- सुप्रीम कोर्ट ममता बनर्जी की याचिका पर शीघ्र सुनवाई को तैयार।

- चुनाव आयोग ने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज किया था।

- यह मामला पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव से जुड़ा है।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने के चुनाव आयोग के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट शीघ्र सुनवाई के लिए राजी हो गया है। सोमवार को ममता बनर्जी की ओर से मामले पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया गया जिस पर कोर्ट ने मामले को जल्दी सूचीबद्ध करने सहमति जताई।

सोमवार को ममता बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जल्दी सुनवाई की मांग की। सिब्बल ने कहा कि वे अधिसूचना जारी करते हैं और अधिसूचना के बीच में ही चुनाव चिन्ह को फ्रीज कर देते हैं।

सिब्बल ने कहा कि कार्यवाही जून में शुरू हुई थी और जुलाई में हमने अपना जवाब दाखिल किया था और फिर उन्होंने नोटीफिकेशन जारी किया और नोटीफिकेशन के बीच में ही चुनाव चिन्ह फ्रीज कर दिया। इसलिए मैं तुरंत सुनवाई चाहता हूं। इस सब पर रोक चाहता हूं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अभी बहस न करें। जब मामला लगेगा तो दोनों पक्षों के पास अपनी दलीलें होंगी।

मालूम हो कि पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव होना है और उसकी अधिसूचना जारी हो चुकी है। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस पर दोनों गुटों ममता बनर्जी गुट और अरूप राय गुट की ओर से मूल पार्टी और चुनाव चिन्ह पर दावा किया जा रहा है।

मामला चुनाव आयोग में फिलहाल लंबित है। इस बीच पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम में उपचुनाव की अधिसूचना निकल गई तो चुनाव आयोग ने उपचुनाव के लिए दोनों गुटों को फूल का जोड़ा घास चुनाव चिन्ह उपयोग करने से रोक दिया था और ये चुनाव चिन्ह और पार्टी का मूल नाम फ्रीज कर दिया था। ममता बनर्जी ने इसे ही सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

उप चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी का नाम ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस है और उन्हें फुटबॉल खिलाड़ी चुनाव चिन्ह आवंटित हुआ है और दूसरे गुट को लिफाफा चुनावचिह्न मिला है।

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