राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SC ने तुरंत सुनवाई से किया मना, जांच को लेकर उठे सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए कहा, 'इसमें इतनी जल्दबाजी क्यों?'। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रशासन का रवैया संदेह पैदा करता है और जल्द ही मामले की जांच होनी चाहिए, क्योंकि सबूत के साथ छेड़छाड़ की आशंका है।

सौजन्य से:- ABP News
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से किया मना, कहा - इतनी जल्दबाजी क्यों?
याचिका कर्ता ने कहा कि जिस तरह से प्रशासन का रवैया रहा है, वह संदेह पैदा करता है. याचिकाकर्ता ने आशंका जाहिर की कि जल्द सुनने की जरूरत इस वजह से भी है, क्योंकि सबूत के साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी हुई है.
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है. SC ने मामले में तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने याचिका कर्ता से सवाल पूछा कि आखिर इसमें इतनी जल्दबाजी किस बात की है. कोर्ट ने कहा कि कोर्ट खुलने के बाद तुरंत सुनवाई करेंगे, यानी अब 12 जुलाई के बाद ही मामले में सुनवाई होगी.
FIR दर्ज करने की मांग
अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की ओर से दायर याचिका में मांग की गई कि मामलें एफआईआर दर्ज की जाए और सीबीआई की अगुवाई में एक एसआईटी का गठन किया जाए, जो श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मामलों और प्रशासन से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं और अन्य कथित गड़बड़ी की जांच करे.
याचिका कर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने एफआईआर या किसी आपराधिक मामले को दर्ज किए बिना ही मामले की जांच शुरू कर दी है. बता दें, 13 जून को राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया था. 23 जून को एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट यूपी सरकार को सौंप दी है.
यााचिका कर्ता का क्या कहना?
याचिका कर्ता ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल की है. व्यक्ति ने कहा कि मामले में लगे आरोप काफी गंभीर हैं, ऐसे में जल्द सुनवाई होना जरूरी है. शख्स ने कहा कि जिस तरह से प्रशासन का रवैया रहा है, वह भी कई तरह के सवाल खड़े करता है.
याचिकाकर्ता ने कहा कि जल्द सुनने की जरूरत इस वजह से भी है, क्योंकि सबूत के साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले में तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि याचिका में फौरन सुनवाई को लेकर कोई बड़ी वजह दिखाई नहीं दे रही है.
पुलिस ने दर्ज किया चंपत राय का बयान
उधर, ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सोमवार (29 जून) को बताया कि मंदिर के चंदे में कथित गबन की चल रही जांच के तहत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान पुलिस ने दर्ज किया है. सूत्रों ने बताया कि चंपत राय से पूछताछ कर ली गई है, जबकि अनिल मिश्रा सहित ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के बयान भी जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर बाद में दर्ज किए जाएंगे.
राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय का बयान पुलिस ने किया दर्ज, अनिल मिश्रा से भी होगी पूछताछ
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
राम मंदिर दान चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, CBI-SIT की जांच की मांग खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में याचिकाकर्ता को पत्र जमा करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार किया, पहले दें अर्जेंसी का पत्र

राम मंदिर के दान के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने सावधानी बरती, डिजिटल साक्ष्य को सुरक्षित करने का आग्रह

हरियाणा पुलिस के एक्शन पर हाई कोर्ट का फैसला, साइबर अपराध के संदेह में पूरे खाते का जब्ती करना अनुचित

65 वर्षीय बुजुर्ग को मौत की सजा, 3 को; 60 दिन में फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया, अब राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में क्या होगा?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला: सुप्रीम कोर्ट में अर्जी को तुरंत सुनवाई से इनकार
ताज़ा ख़बरें
- बढ़ती प्रवर्तन जांच, प्रौद्योगिकी-नेतृत्व वाली धोखाधड़ी के जोखिमों का सामना करने के लिए कंपनियां अपने तरीके ढूंढ रही हैं
- विकलांग हुए व्यक्ति को 23 लाख रुपये की राहत मिली
- भारत में गवाह संरक्षण: न्यायिक मान्यता और नीति विफलता के बीच
- भ्रष्टाचार के आरोप: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कानून बेगुनाहों के लिए ढाल का हो न कि तलवार का
- भारत दौरे पर साने ताकाची से दक्षिण कोरिया के मेगाप्रोजेक्ट्स की योजना तक एशियाई समाचार
- दहेज की चाहत पारिवारिक वर्ग से लेकर आर्थिक स्तर तक किसी को भी प्रभावित करती है: दिल्ली हाई कोर्ट
- जापानी प्रधान मंत्री ताकाइची की भारत यात्रा, इंडोनेशिया में भ्रष्टाचार का मामला, दक्षिण कोरिया के मेगाप्रोजेक्ट्स
- सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार किया, राम मंदिर चंदा विवाद की जांच के लिए पुनः खुलने के बाद होगी सुनवाई

