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राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

राजस्थान हाईकोर्ट ने एसिड अटैक पीड़ितों को समयबद्ध और प्रभावी मुआवजा देने की आवश्यकता पर जोर दिया

7 जून 2026 को 02:50 pm बजे
राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

राजस्थान हाईकोर्ट ने एसिड अटैक पीड़ितों के मुआवजा अधिकारों पर जोर देते हुए कहा है कि पीड़ितों को समयबद्ध और प्रभावी मुआवजा मिलना चाहिए। सूत्र: लाइव लॉ के अनुसार, अदालत ने राजस्थान विक्टिम कम्पेनसेशन स्कीम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया है।

इस स्कीम के तहत एसिड अटैक पीड़ितों के लिए न्यूनतम ₹3 लाख मुआवजे का प्रावधान किया गया है, जो उपचार और पुनर्वास की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर निर्धारित किया गया है। अदालत ने यह भी कहा कि एसिड अटैक पीड़ितों को लंबे समय तक चिकित्सा, प्लास्टिक सर्जरी, मनोवैज्ञानिक परामर्श और सामाजिक सहायता की आवश्यकता होती है।

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने भी अपने महत्वपूर्ण निर्णयों में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एसिड अटैक पीड़ितों के लिए कम से कम ₹3 लाख मुआवजा सुनिश्चित करने तथा मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि मुआवजा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और पुनर्वास तंत्र की मजबूती एसिड अटैक पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इसका मतलब क्या है

राजस्थान हाईकोर्ट का यह फैसला एसिड अटैक पीड़ितों के मामले में एक प्रकार का जादूजाद है। यह न केवल पीड़ितों के लिए समयबद्ध और प्रभावी मुआवजा देने की आवश्यकता पर जोर देता है, बल्कि, यह एक नैतिक आह्वान भी है राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से एसिड अटैक पीड़ितों के लिए कम से कम 3 लाख रुपये का मुआवजा सुनिश्चित करने और उन्हें मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की। यह फैसला एसिड अटैक के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय का अनुसरण करता है।

#एसिड अटैक#मुआवजा अधिकार#राजस्थान हाईकोर्ट

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