होम›हाई कोर्ट›बॉम्बे हाईकोर्ट ने पटाखे न जलाने के अभियान के लिए पैसे मांगने वाली हस्तियों की आलोचना की, कहा- उन्हें समाज को कुछ वापस देना चाहिए
हाई कोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पटाखे न जलाने के अभियान के लिए पैसे मांगने वाली हस्तियों की आलोचना की, कहा- उन्हें समाज को कुछ वापस देना चाहिए

महाराष्ट्र सरकार के पटाखे न जलाने के प्रस्तावित अभियान में मदद के लिए किसी भी बॉलीवुड एक्टर के आगे न आने पर नाराजगी जताते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार (26 अक्टूबर) को मशहूर हस्तियों को याद दिलाया कि अब समय आ गया है कि वे समाज को कुछ वापस दें। साथ ही, कोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट किया कि इस अभियान के लिए किसी सेलिब्रिटी को शामिल करने में जनता के पैसे 'बर्बाद' न किए जाएं। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने इस 'सामाजिक' काम के समर्थन में खुद से आगे न आने

26 अक्टूबर 2026 को 03:08 pm बजे
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पटाखे न जलाने के अभियान के लिए पैसे मांगने वाली हस्तियों की आलोचना की, कहा- उन्हें समाज को कुछ वापस देना चाहिए

सौजन्य से:- लाइव लॉ हिंदी

स्रोत संक्षेप

महाराष्ट्र सरकार के पटाखे न जलाने के प्रस्तावित अभियान में मदद के लिए किसी भी बॉलीवुड एक्टर के आगे न आने पर नाराजगी जताते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार (26 अक्टूबर) को मशहूर हस्तियों को याद दिलाया कि अब समय आ गया है कि वे समाज को कुछ वापस दें। साथ ही, कोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट किया कि इस अभियान के लिए किसी सेलिब्रिटी को शामिल करने में जनता के पैसे 'बर्बाद' न किए जाएं। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने इस 'सामाजिक' काम के समर्थन में खुद से आगे न आने

यह स्रोत के समाचार फ़ीड का संक्षिप्त विवरण है। पूरी रिपोर्ट और संदर्भ के लिए मूल प्रकाशक की रिपोर्ट पढ़ें।

लाइव लॉ हिंदी — मूल रिपोर्ट

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
त्विशा शर्मा मौत मामला: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
हाई कोर्ट

त्विशा शर्मा मौत मामला: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा

आरोपी पुलिस अधिकारी को भी संवैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट ने इंस्पेक्टर की रिहाई का आदेश दिया
हाई कोर्ट

आरोपी पुलिस अधिकारी को भी संवैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट ने इंस्पेक्टर की रिहाई का आदेश दिया

दो बालिग अपनी मर्जी से शादी करें तो परिवार या समाज की सहमति जरूरी नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

दो बालिग अपनी मर्जी से शादी करें तो परिवार या समाज की सहमति जरूरी नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

उम्र अधिक होने का मतलब यह नहीं कि गृहिणी परिवार में योगदान देना बंद कर देती है: दिल्ली हाईकोर्ट ने बढ़ाया दुर्घटना मुआवजा
हाई कोर्ट

उम्र अधिक होने का मतलब यह नहीं कि गृहिणी परिवार में योगदान देना बंद कर देती है: दिल्ली हाईकोर्ट ने बढ़ाया दुर्घटना मुआवजा

स्तनपान शिशु का संवैधानिक अधिकार, प्रशासनिक जरूरतों के नाम पर नहीं किया जा सकता नजरअंदाज: राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षिका के तबादले पर लगाई रोक
हाई कोर्ट

स्तनपान शिशु का संवैधानिक अधिकार, प्रशासनिक जरूरतों के नाम पर नहीं किया जा सकता नजरअंदाज: राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षिका के तबादले पर लगाई रोक

तबादले के बाद चार साल तक सरकारी आवास पर कब्जा, ₹7.69 लाख की वसूली बरकरार: इलाहाबाद हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

तबादले के बाद चार साल तक सरकारी आवास पर कब्जा, ₹7.69 लाख की वसूली बरकरार: इलाहाबाद हाईकोर्ट

बिना पैरोल पूरी उम्र जेल की सजा पाने वाले दोषी को अस्थायी रिहाई मांगने से पहले सजा की शर्त में बदलाव कराना होगा: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

बिना पैरोल पूरी उम्र जेल की सजा पाने वाले दोषी को अस्थायी रिहाई मांगने से पहले सजा की शर्त में बदलाव कराना होगा: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

सुसाइड नोट न होने मात्र से आरोपी को आरोपमुक्त नहीं किया जा सकता, यदि आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर संदेह हो: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

सुसाइड नोट न होने मात्र से आरोपी को आरोपमुक्त नहीं किया जा सकता, यदि आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर संदेह हो: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

ताज़ा ख़बरें