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दो बालिग अपनी मर्जी से शादी करें तो परिवार या समाज की सहमति जरूरी नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा है कि दो बालिग व्यक्तियों को अपनी पसंद से शादी करने के लिए परिवार, समुदाय या समाज की सहमति लेने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जीवनसाथी चुनने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत संरक्षित है और परिवार की प्रतिष्ठा या सामाजिक […]

सौजन्य से:- लॉ ट्रेंड हिंदी
स्रोत संक्षेप
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा है कि दो बालिग व्यक्तियों को अपनी पसंद से शादी करने के लिए परिवार, समुदाय या समाज की सहमति लेने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जीवनसाथी चुनने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत संरक्षित है और परिवार की प्रतिष्ठा या सामाजिक […]
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