होम›हाई कोर्ट›दो बालिग अपनी मर्जी से शादी करें तो परिवार या समाज की सहमति जरूरी नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

दो बालिग अपनी मर्जी से शादी करें तो परिवार या समाज की सहमति जरूरी नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा है कि दो बालिग व्यक्तियों को अपनी पसंद से शादी करने के लिए परिवार, समुदाय या समाज की सहमति लेने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जीवनसाथी चुनने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत संरक्षित है और परिवार की प्रतिष्ठा या सामाजिक […]

26 अक्टूबर 2026 को 01:07 pm बजे
दो बालिग अपनी मर्जी से शादी करें तो परिवार या समाज की सहमति जरूरी नहीं: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

सौजन्य से:- लॉ ट्रेंड हिंदी

स्रोत संक्षेप

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा है कि दो बालिग व्यक्तियों को अपनी पसंद से शादी करने के लिए परिवार, समुदाय या समाज की सहमति लेने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जीवनसाथी चुनने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत संरक्षित है और परिवार की प्रतिष्ठा या सामाजिक […]

यह स्रोत के समाचार फ़ीड का संक्षिप्त विवरण है। पूरी रिपोर्ट और संदर्भ के लिए मूल प्रकाशक की रिपोर्ट पढ़ें।

लॉ ट्रेंड हिंदी — मूल रिपोर्ट

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
उम्र अधिक होने का मतलब यह नहीं कि गृहिणी परिवार में योगदान देना बंद कर देती है: दिल्ली हाईकोर्ट ने बढ़ाया दुर्घटना मुआवजा
हाई कोर्ट

उम्र अधिक होने का मतलब यह नहीं कि गृहिणी परिवार में योगदान देना बंद कर देती है: दिल्ली हाईकोर्ट ने बढ़ाया दुर्घटना मुआवजा

स्तनपान शिशु का संवैधानिक अधिकार, प्रशासनिक जरूरतों के नाम पर नहीं किया जा सकता नजरअंदाज: राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षिका के तबादले पर लगाई रोक
हाई कोर्ट

स्तनपान शिशु का संवैधानिक अधिकार, प्रशासनिक जरूरतों के नाम पर नहीं किया जा सकता नजरअंदाज: राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षिका के तबादले पर लगाई रोक

तबादले के बाद चार साल तक सरकारी आवास पर कब्जा, ₹7.69 लाख की वसूली बरकरार: इलाहाबाद हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

तबादले के बाद चार साल तक सरकारी आवास पर कब्जा, ₹7.69 लाख की वसूली बरकरार: इलाहाबाद हाईकोर्ट

बिना पैरोल पूरी उम्र जेल की सजा पाने वाले दोषी को अस्थायी रिहाई मांगने से पहले सजा की शर्त में बदलाव कराना होगा: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

बिना पैरोल पूरी उम्र जेल की सजा पाने वाले दोषी को अस्थायी रिहाई मांगने से पहले सजा की शर्त में बदलाव कराना होगा: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

सुसाइड नोट न होने मात्र से आरोपी को आरोपमुक्त नहीं किया जा सकता, यदि आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर संदेह हो: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

सुसाइड नोट न होने मात्र से आरोपी को आरोपमुक्त नहीं किया जा सकता, यदि आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर संदेह हो: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

नाबालिग बेटे की कार से व्यक्ति की मौत, जज के खिलाफ केस दर्ज करने की केरल हाईकोर्ट ने दी अनुमति
हाई कोर्ट

नाबालिग बेटे की कार से व्यक्ति की मौत, जज के खिलाफ केस दर्ज करने की केरल हाईकोर्ट ने दी अनुमति

70% वसूली की अनिवार्य शर्त पूरी किए बिना वरिष्ठता के आधार पर नियमित नियुक्ति का दावा नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
हाई कोर्ट

70% वसूली की अनिवार्य शर्त पूरी किए बिना वरिष्ठता के आधार पर नियमित नियुक्ति का दावा नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

जांच का मूल रिकॉर्ड पेश नहीं कर सका बैंक, बर्खास्तगी का आदेश रद्द; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कर्मचारी को 50% बकाया वेतन देने का निर्देश दिया
हाई कोर्ट

जांच का मूल रिकॉर्ड पेश नहीं कर सका बैंक, बर्खास्तगी का आदेश रद्द; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कर्मचारी को 50% बकाया वेतन देने का निर्देश दिया

ताज़ा ख़बरें