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प्रमोशन को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पर कार्रवाई, नई प्रमोशन नीति पर रोक संभव

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण विवाद में सख्ती दिखाई। अदालत ने राज्य सरकार से नई प्रमोशन नीति पर जवाब मांगा है और सपाक्स ने नई पदोन्नतियां आने तक रोकने की मांग की है।

7 जुलाई 2026 को 02:57 pm बजे
प्रमोशन को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पर कार्रवाई, नई प्रमोशन नीति पर रोक संभव

सौजन्य से:- जागरण

MP: प्रमोशन में आरक्षण विवाद पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब; जल्द अंतिम फैसले के संकेत

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण विवाद पर जल्द अंतिम फैसला देने के संकेत दिए हैं। अदालत ने राज्य सरकार से नई प्रमोशन पॉलिसी लागू न करने के ...और पढ़ें

मुख्य बातें

- हाई कोर्ट ने प्रमोशन आरक्षण विवाद पर सख्ती दिखाई।

- राज्य सरकार से नई प्रमोशन पॉलिसी पर जवाब मांगा।

- सपाक्स ने नई पदोन्नति रोकने की मांग की।

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण को लेकर वर्षों से चल रहे विवाद में मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए कि अब इस मामले को अधिक समय तक लंबित नहीं रखा जाएगा। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने कहा कि लंबे समय से लंबित इस प्रकरण का जल्द अंतिम निराकरण किया जाएगा।

सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से उस मौखिक आश्वासन (अंडरटेकिंग) की वर्तमान स्थिति पर भी स्पष्टीकरण मांगा, जिसमें नई प्रमोशन पॉलिसी लागू नहीं करने की बात कही गई थी। कोर्ट ने महाधिवक्ता से इस संबंध में स्पष्ट जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इधर, अतिरिक्त महाधिवक्ता ने महाधिवक्ता की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने का अनुरोध किया। वहीं, सपाक्स की ओर से अदालत से आग्रह किया गया कि अंतिम निर्णय आने तक राज्य सरकार को नई पदोन्नतियां करने की अनुमति न दी जाए। संगठन ने हाल ही में विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी 15 पदोन्नति आदेशों पर भी आपत्ति दर्ज कराई।

सुनवाई के दौरान युगलपीठ की टिप्पणी से यह संकेत मिला कि अदालत अब इस विवाद का जल्द समाधान चाहती है। प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों के सेवा हितों से जुड़े इस मामले में हाई कोर्ट का विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

खबरें और भी

इस तरह चला घटनाक्रम

- कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया की अध्यक्षता वाली युगलपीठ में हुई सुनवाई।

- अतिरिक्त महाधिवक्ता ने महाधिवक्ता की अनुपलब्धता बताकर समय मांगा।

- सपाक्स ने अंतिम निर्णय तक नई पदोन्नतियां रोकने की मांग की।

- नई प्रमोशन पॉलिसी पर दिए गए मौखिक आश्वासन को लेकर सरकार से जवाब तलब।

- हाई कोर्ट का विस्तृत आदेश अभी जारी होना शेष है।

न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत

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