केपीके के मुख्यमंत्री के चुनाव पर अदालत से चुनौती, अफरीदी को मिला नोटिस
संघीय संवैधानिक अदालत ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सुहैल अफरीदी को उनके चुनाव को चुनौती देती याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका पूर्व सांसद शेर अफज़ल मरवत ने दायर की थी, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर को फिर से पद पर स्थापित करने की मांग की और कहा कि उनका इस्तीफा इमरान खान के आदेश पर था, न कि स्वेच्छा से।

सौजन्य से:- Hindustan
मुख्यमंत्री अफरीदी के चुनाव को अदालत में चुनौती, नोटिस जारी
पाकिस्तान की संघीय संवैधानिक अदालत ने खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) के मुख्यमंत्री सुहैल अफरीदी को नोटिस जारी किया। यह नोटिस पूर्व सांसद शेर अफजल मरवत की याचिका पर है, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर को पुनः बहाल करने की मांग की। मरवत का कहना है कि गंडापुर ने इमरान खान के निर्देश पर इस्तीफा दिया था।
पाकिस्तान की संघीय संवैधानिक अदालत ने सोमवार को खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) के मुख्यमंत्री सुहैल अफरीदी को नोटिस जारी किया। यह नोटिस उनके मुख्यमंत्री पद के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर जारी किया गया। पूर्व सांसद और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ से अलग हुए नेता शेर अफजल मरवत ने यह याचिका दायर की। उन्होंने अदालत से पूर्व मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर को दोबारा मुख्यमंत्री पद पर बहाल करने की मांग की।मरवत ने कहा कि अली अमीन गंडापुर ने अपनी इच्छा से इस्तीफा नहीं दिया था, बल्कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री और इमरान खान के निर्देश पर पद छोड़ा था। मरवत ने दलील दी कि संविधान के अनुसार किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को अपनी इच्छा से इस्तीफा देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि गंडापुर ने अपने इस्तीफे में खुद लिखा था कि वह इमरान खान के निर्देश पर इस्तीफा दे रहे हैं।
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