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बच्चों के लिए थोड़ा समय निकालिए भई, सुप्रीम कोर्ट ने माता-पिता से क्यों कहा ऐसा?

बच्चों के लिए थोड़ा समय निकालिए भई, सुप्रीम कोर्ट ने माता-पिता से क्यों कहा ऐसा? सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि माता-पिता को बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए और उन्हें अच्छे संस्कार और तौर-तरीके सिखाने चाहिए-खासकर…

21 अगस्त 2026 को 12:55 am बजे
बच्चों के लिए थोड़ा समय निकालिए भई, सुप्रीम कोर्ट ने माता-पिता से क्यों कहा ऐसा?

सौजन्य से:- Hindustan

बच्चों के लिए थोड़ा समय निकालिए भई, सुप्रीम कोर्ट ने माता-पिता से क्यों कहा ऐसा?

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि माता-पिता को बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए और उन्हें अच्छे संस्कार और तौर-तरीके सिखाने चाहिए-खासकर लड़कों को। उन्हें सिखाना चाहिए कि लड़कियों और महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करना है।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों को संगीत और ताइक्वांडो जैसी एक्स्ट्रा क्लास में भेजने के बजाय, थोड़ा समय निकालकर उनसे बात करें। शीर्ष अदालत ने बच्चों की कस्टडी से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।

जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने माता-पिता से सवाल किया कि वे बच्चों को प्रतियोगिता में आगे रखने के लिए स्कूल के बाद कई तरह की गतिविधियों में क्यों शामिल कराते हैं? SC ने कहा कि माता-पिता को बच्चों को एक्स्ट्रा क्लास में भेजने के बजाय खुद सिखाना चाहिए। इसी तरह माता-पिता और बच्चों के बीच रिश्ता मजबूत होगा।

लड़कों को सिखाइए तौर-तरीके

इस दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि माता-पिता को बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए और उन्हें अच्छे संस्कार और तौर-तरीके सिखाने चाहिए-खासकर लड़कों को। उन्हें सिखाना चाहिए कि लड़कियों और महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करना है।

क्या था मामला?

सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की जब कोर्ट में एक याचिकाकर्ता की पैरवी करते हुए वकील ने कहा कि ऐसे एक्स्ट्रा क्लास बच्चे को आज की प्रतियोगी वाली दुनिया के लिए ऑल राउंड डेवलपमेंट में मदद करते हैं। इस पर जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि बच्चों के लिए इतनी सारी एक्स्ट्रा क्लास भी अच्छी नहीं हैं। माता-पिता उनसे बात करेंगे तो वे बेहतर बनेंगे। उन्हें ताइक्वांडो या किसी और चीज में भेजने के बजाय, आप खुद अपने बच्चों के साथ समय बिताएं।

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