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कॉकरोच जनता पार्टी का दृढ़ संकल्प: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए आंदोलन, अदालत के फैसले को नहीं मानेंगे

पार्टी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कई याचिकाएँ हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दायर हैं, लेकिन उनका लक्ष्य उनका इस्तीफा है और वे अदालत के किसी भी निर्णय को नहीं मानेंगे। उन्होंने 2 अक्टूबर से देश भर में विभिन्न शहरों में प्रदर्शन का एलान किया, जिससे लोकतांत्रिक मांग को अदालत के बजाय जनता तय करेगी।

28 सितंबर 2026 को 08:04 am बजे
कॉकरोच जनता पार्टी का दृढ़ संकल्प: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए आंदोलन, अदालत के फैसले को नहीं मानेंगे

सौजन्य से:- Hindustan

अदालतों की बात नहीं सुनेंगे! ज्ञानेश कुमार पर कॉकरोच जनता पार्टी का 'बड़ा फैसला'

कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा है कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अदालतों में जो याचिकाएं दायर की जा रही हैं, उन पर चाहे जो भी फैसला आए लेकिन वो अपनी मांग पर कायम रहेंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन का ऐलान करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी ने साफ कहा है कि वह इस मुद्दे पर अदालतों की बात भी सुनने को तैयार नहीं। सीजेपी के सह संयोजक सौरभ दास ने कहा है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अदालते चाहें जो भी फैसला करें, लेकिन ज्ञानेश कुमार पर वह अपनी राह ही चलेंगे।

डेंगू से पीड़ित सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में साफ कर दिया कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का फैसला टलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, 'चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के 'खिलाफ' कई याचिकाएं हाई कोर्ट्स और सुप्रीम कोर्ट में दायर की जा रही हैं। लेकिन हमें नहीं भूलना चाहिए कि जब पिछली बार नागरिकों ने न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाया तो क्या हुआ।'

दास ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की और कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने सुनिश्चित किया कि चाहे जैसे भी, चुनाव से कुछ महीने पहले बंगाल में SIR हुआ। जब बड़ी संख्या में वोटर्स के नाम हटाए जाने को नजरअंदाज करना असंभव हो गया तो जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने असाधारण टिप्पणी की कि जो इस बार वोट नहीं दे पाए अगली बार दे सकते हैं। कौन उन्हें बताएगा कि संभवत: चोरी हुए चुनाव में 'अगली बार' कभी नहीं आता।'

सौरभ दास ने कहा- अदालतों को जो फैसला देना है, दें पर हम…

दास ने इसके बाद साफ कहा कि अदालत जो भी कहे या फैसला करे, वह प्रभावित नहीं होंगे। सीजेपी के सह संयोजक ने कहा, 'चूंकि अदालतें संवैधानिक संस्थाएं हैं। उन्हें ज्ञानेश के खिलाफ याचिका जितनी बार सुननी है, सुनने दीजिए। उन्हें देने दीजिए जो भी आदेश देना चाहें। लेकिन ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही की हमारी लोकतांत्रिक मांग अदालतों को नहीं सौंपी जाएगी। लोग फैसला करेंगे। क्योंकि अंतत: ना तो चुनाव आयोग और ना ही जज का लोकतंत्र पर मालिकाना हक है, हम लोगों का है।'

2 अक्टूबर से आंदोलन का है ऐलान

कॉकरोज जनता पार्टी ने गुरुवार को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 48 घंटे की मोहलत दी थी। अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका ने कहा था कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे आंदोलन करेंगे। बाद में दीपके ने 2 अक्टूबर से आंदोलन की घोषणा की। सीजेपी ने कहा है कि दिल्ली में प्रदर्शन से पहले देशभर में अलग-अलग शहरों में आंदोलन किया जाएगा। इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर को होगी। सीजेपी मुंबई में प्रदर्शन के लिए इजाजत लेने की प्रक्रिया में है।

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