भारत और रूस ने न्यायिक सहयोग के लिए नया अध्याय खोला
भारत के सुप्रीम कोर्ट और रूसी सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के बीच निरंतर तकनीकी सहयोग और गहन संस्थागत सहभागिता के लिए एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने पर सहमति बनी।

सौजन्य से:- Live Hindustan
भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट के बीच न्यायिक सहयोग पर समझौता
भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और इगोर क्रासनोव ने मॉस्को में बैठक में एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने पर सहमति जताई। यह समूह दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग और संस्थागत सहभागिता को बढ़ावा देगा।
-संयुक्त कार्य समूह गठित करने पर भी सहमति नई दिल्ली, एजेंसी। न्यायिक सहयोग के क्षेत्र में भारत के सुप्रीम कोर्ट और रूसी संघ के सुप्रीम कोर्ट ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और रूसी संघ के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इगोर क्रासनोव ने मंगलवार को मॉस्को में इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए। दोनों न्यायिक संस्थाओं के बीच निरंतर तकनीकी सहयोग और गहन संस्थागत सहभागिता के लिए रणनीतियां तथा तंत्र विकसित करने हेतु एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने पर भी सहमति बनी। शीर्ष अदालत के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सीजेआई रूस दौरे पर हैं।
मास्को स्थित रूसी सुप्रीम कोर्ट के ‘मार्बल हॉल’ में आयोजित बैठक में दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और समकालीन मैत्रीपूर्ण संबंधों पर विशेष जोर देते हुए विचार-विमर्श हुआ। चर्चा के दौरान उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पारस्परिक सहयोग की आवश्यकता, दोनों देशों की न्यायिक प्रणालियों में किए जा रहे डिजिटल बदलाव तथा न्याय तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर विचार किया गया। उच्च गुणवत्ता वाली न्यायिक शिक्षा के महत्व पर भी चर्चा हुई। इसके बाद बातचीत दोनों देशों की न्यायिक संस्थाओं के बीच व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने के उपायों पर केंद्रित रही। दोनों न्यायिक संस्थाओं के बीच निरंतर तकनीकी सहयोग और गहन संस्थागत सहभागिता के लिए रणनीतियां तथा तंत्र विकसित करने हेतु एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने पर भी सहमति बनी।
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