सुप्रीम कोर्ट के CJ ने कहा पुलिस और अदालतें एक ही शृंखला का हिस्सा हैं
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने ओ.पी. मिश्रा की पुस्तक के लॉन्च पर बताया कि सही एफआईआर और निष्पक्ष जांच से ही अदालत में न्याय सम्भव है। उन्होंने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि न्यायपालिका को वही मिलता है जो पुलिस उसके समक्ष प्रस्तुत करती है।

सौजन्य से:- livehindustan.com
पुलिस और अदालतों का काम एक ही कड़ी का हिस्सा : सीजेआई
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि न्याय दिलाने की प्रक्रिया में पुलिस और अदालतों का काम एक ही कड़ी का हिस्सा है। ओ.पी. मिश्रा की किताब के लॉन्च पर, उन्होंने उचित एफआईआर और निष्पक्ष जांच के महत्व पर जोर दिया। सीजेआई ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पुलिस की सराहना की और न्यायपालिका की कार्यप्रणाली पर विचार किया।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने बुधवार को कहा कि न्याय दिलाने की प्रक्रिया में पुलिस और अदालतों का काम एक ही कड़ी का हिस्सा है। सीजेआई पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी ओ.पी. मिश्रा की किताब ‘बियॉन्ड द यूनिफॉर्म: ड्यूटी, डिसक्रिशन एंड पब्लिक ट्रस्ट’ (वर्दी के परे: कर्तव्य, विवेक और जनता का भरोसा) के लॉन्च पर बोले। सीजेआई ने कहा कि सावधानी से दर्ज की गई एफआईआर या निष्पक्षता से की गई जांच से अदालत में न्याय मिलने की संभावना मजबूत होती है। उन्होंने आगे कहा कि इसके विपरीत, कोई भी अदालत, चाहे वह कितनी भी ईमानदार क्यों न हो, उस नुकसान की पूरी तरह भरपाई नहीं कर सकती जो प्रक्रिया के शुरुआती चरणों में ही गड़बड़ी होने से होता है।
सीजेआई ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सुचारू संचालन के लिए पुलिस की सराहना की और पर्दे के पीछे की उन शानदार कोशिशों की तारीफ की, जैसे कि अधिकारियों द्वारा रास्तों और वेन्यू की सुरक्षा करना, ट्रैफिक का प्रबंधन करना, ठहरने की जगहों की सुरक्षा करना और रात भर सतर्कता बनाए रखना। उन्होंने ने कहा कि न्याय दिलाने की प्रक्रिया में पुलिस और अदालतों का काम एक ही कड़ी का हिस्सा है। न्यायपालिका को असल में वही मिलता है जो पुलिस उसके सामने पेश करती है।
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