पूर्व पीएम इमरान खान को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने जेल से शिफा अस्पताल शिफ्ट करने का दिया आदेश
पूर्व पीएम इमरान खान को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने जेल से शिफा अस्पताल शिफ्ट करने का दिया आदेश पाक सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पीएम इमरान खान को स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के चलते जेल से अस्पताल ले जाने का आदेश दिया. Published…

सौजन्य से:- ETV Bharat
पूर्व पीएम इमरान खान को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने जेल से शिफा अस्पताल शिफ्ट करने का दिया आदेश
पाक सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पीएम इमरान खान को स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के चलते जेल से अस्पताल ले जाने का आदेश दिया.
Published : August 18, 2026 at 4:11 PM IST
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को बड़ी राहत मिली है. डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने मंगलवार को अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान को स्वास्थ्य जांच के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश दिया है.
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में इमरान खान के इलाज और और मेडिकल जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. अदालत ने यह आदेश इमरान की चिकित्सा हालत को लेकर बढ़ती चिंताओं के बाद दिया है.
जस्टिस शाहिद वाहिद की अध्यक्षता वाली और जस्टिस नईम अख्तर अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम की तीन जजों वाली सुप्रीम कोर्ट बेंच ने इमरान को अस्पताल में भर्ती होने की अर्जी पर यह फैसला सुनाया.
देश में राजनीतिक कैदियों पर लगी कड़ी पाबंदियों का जिक्र करते हुए कोर्ट ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे इमरान की उनके परिवार वालों से हर हफ्ते मुलाकात पक्का करें. डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने आगे एक मेडिकल बोर्ड बनाने का भी आदेश दिया, जिसके साथ इमरान के पर्सनल डॉक्टर और उनकी बहन, उजमा खान जुड़े रहेंगे.
इमरान खान की हालत के बारे में जानकारी छिपाने की कोशिशों के बारे में भी बताया गया, क्योंकि इमरान के वकीलों और परिवार वालों को उनकी मेडिकल रिपोर्ट मीडिया के साथ शेयर न करने या मामले का राजनीतिकरण न करने का निर्देश दिया गया था.
डॉन के मुताबिक, कोर्ट का यह आदेश पाकिस्तान की जेलों की हालत को लेकर बढ़ती चिंताओं के बाद आया है. यह अदियाला जेल के सुपरिटेंडेंट द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री की सेहत पर सुप्रीम कोर्ट को एक रिपोर्ट सौंपने के एक दिन बाद आया है, जहां इमरान अगस्त 2023 से कैद हैं.
इमरान खान की स्वास्थ्य चिंताओं के बीच सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है. वहीं, इमरान खान के दोनों बेटों, सुलेमान खान और कासिम खान ने CNN को बताया कि उन्हें कोई अपडेट नहीं मिला है, क्योंकि न तो परिवार, न वकील और न ही डॉक्टरों को सात महीने से उनके पिता से मिलने की इजाज़त दी गई थी, जिससे सरकार के अपने राजनीतिक विरोधियों के साथ किए जा रहे बुरे बर्ताव का पता चलता है.
बुनियादी अधिकारों और मेडिकल पारदर्शिता से इनकार ने बड़े पैमाने पर अशांति पैदा कर दी है. खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों ने पार्टी के संस्थापक और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की तुरंत रिहाई की मांग को लेकर देश भर में प्रदर्शन किए हैं. सरकार की सख्त रणनीति 2022 में संसद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए खान को हटाए जाने के बाद लंबे समय तक चली राजनीतिक कार्रवाई से उपजी है.
सहयोगियों का कहना है कि, 2023 से जेल में बंद इमरान खान पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं. उन्हें 2024 के आम चुनावों में भाग लेने से प्रभावी रूप से रोक दिया गया था, जो विपक्ष को दबाने के लिए सेना समर्थित प्रशासन की व्यवस्थित कोशिशों को दिखाता है.
हालात की गंभीरता को बताते हुए, पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने मंगलवार को दावा किया कि कैद नेता (इमरान खान) की मेडिकल रिपोर्ट बहुत चिंताजनक हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, अल्वी ने खान ने इमरान खान की स्वास्थ्य हालत पर चिंता जताई.
उन्होंने इमरान की हाई ब्लड प्रेशर और 54 बीट प्रति मिनट की बढ़ी हुई हार्ट रेट पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने चेतावनी दी कि, आइसोलेशन उनके शरीर पर शारीरिक रूप से बुरा असर डाल रहा है. ऐसे में उन्होंने डॉक्टरों के एक स्वतंत्र पैनल की देखरेख में उन्हें तुरंत अस्पताल में ट्रांसफर करने का आग्रह किया.
(इनपुट-ANI)
ये भी पढ़ें: इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट और सेहत पर पूर्व राष्ट्रपति अल्वी ने चिंता जताई
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