चतरा में राजद कार्यकर्ताओं ने एमएमडीआर के खिलाफ धरना-प्रदर्शन
चतरा में राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं ने खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम के विरुद्ध एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया, जिसमें प्रमुख नेता सत्यानंद भोक्ता ने कानून को आदिवासी अधिकारों के खिलाफ बताया और झारखंड के संसाधनों को पूंजीपतियों को बेचने का दावा किया। प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपते हुए कानून को अविलंब वापस लेने की मांग की।

सौजन्य से:- Hindustan
एमएमडीआर कानून के विरोध में चतरा में राजद का महाधरना, केंद्र के खिलाफ की नारेबाजी
चतरा में राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं ने खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम (एमएमआरडी) के खिलाफ एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रमुख नेता सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि यह कानून आदिवासियों के अधिकारों के खिलाफ है और झारखंड के संसाधनों को पूंजीपतियों को बेचने का प्रयास है। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर कानून को वापस लेने की मांग की।
चतरा, संवाददाता। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम (एमएमआरडी) के विरोध में गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं ने चतरा जिला मुख्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष नवल किशोर यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री सह राजद के प्रधान महासचिव सत्यानंद भोक्ता ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि डडक्त् कानून पूरी तरह से आदिवासी, मूलवासी और जनविरोधी है। केंद्र सरकार इस कानून के आड़ में झारखंड के जल, जंगल और जमीन को पूंजीपति मित्रों के हाथों बेचना चाहती है।
भोक्ता ने स्पष्ट किया कि झारखंड के खनिज संसाधनों पर पहला अधिकार यहां के मूल निवासियों का है और राजद इस कानून के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगा।जिलाध्यक्ष नवल किशोर यादव ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार जनविरोधी फैसले लेकर किसान, मजदूर और गरीबों को परेशान कर रही है। धरना के समापन पर कार्यकर्ताओं ने चतरा उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर डडक्त् कानून को अविलंब वापस लेने की मांग की। इस दौरान महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रश्मि प्रकाश, प्रदेश सचिव अरुण कुमार यादव, भोली साहू, अतीक मंसूरी, अकबर अली, बिनोद भोगता, श्याम भोगता, कृष्णा यादव, मनोज रवानी, मुरारी साहू, खेदु यादव, बैजनाथ यादव, देवलाल यादव सहित सैकड़ों वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
दिल्ली हाई कोर्ट ने यूट्यूबर अजीत भारती को जाति‑आधारित टिप्पणी के मामले में प्रत्याशित जमानत नहीं दी

जिनेवा में UN मानवाधिकार परिषद में भारत ने पाकिस्तान के कश्मीर कब्जे को हटाने की मांग की

राजद ने जमुई में धरना दिया, मुख्यमंत्री सम्राट के इस्तीफे की मांग

सुप्रीम कोर्ट ने साई कृष्ण की हिरासत में मौत पर CBI जांच की दिशा में कड़ी मांग

सुप्रीम कोर्ट ने तय किया: ट्रायल कोर्ट नहीं दे सकते 'जीवन भर जेल' की सजा

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के ओबीसी क्रिमी लेयर नीति सुधार हेतु दो वर्ष की अवधि माँग पर आदेश रोके

ट्रम्प प्रशासन सुप्रीम कोर्ट से थर्ड‑कंट्री निकासी नीति को फिर से लागू करने की मांग

सुप्रीम कोर्ट ने कहा: सेशन कोर्ट नहीं दे सकता ‘जीवन भर जेल’ की सजा
ताज़ा ख़बरें
- अज़मगढ़ के अग्रिम जमानत आदेश पर हाईकोर्ट ने 30‑दिन सीमा का कारण माँगा
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा: उम्रकैद बदलना केवल उच्च अदालतों का अधिकार, निचली अदालतें नहीं बदल सकती
- मुंगेर की पोक्सो अदालत ने जीजा को 20 साल की सजा, नाबालिग साली को बहला‑फुसलाने के केस में
- सुप्रीम कोर्ट ने पोक्सो अधिनियम के दुरुपयोग को रोकने के लिये बाल अभिरक्षा मामलों में नई सुरक्षा व्यवस्था तय की
- सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद को बदलने का अधिकार निचली अदालतों से रोका, दो हत्यारों को 25 साल की सजा
- कोर्ट में झगड़े के बाद पति को मिली जमानत, पत्नी ने वैवाहिक सुलह की इच्छा जताई
- पूर्वी चंपारण पुलिस ने मोरल पुलिसिंग पर किया कड़ा इशारा, उल्लंघनकर्ताओं को मिलेगी कठोर सजा
- गोरखपुर जेल में लोक अदालत ने 12 मामलों की कार्यवाही, 7 निस्तारित, 5 बकाया

