बाइक पर कुत्ते को बैठाकर चलना: कानून क्या कहता है और सुरक्षित कैसे रखें?
भारतीय मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 और सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स की धारा 125E के तहत दोपहिया पर पालतू कुत्ते को असुरक्षित ढंग से ले जाने पर 500‑1500 रुपये का जुर्माना हो सकता है। साथ ही, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के अंतर्गत यदि कुत्ता खतरे में पड़ता है तो प्रथम उल्लंघन पर जुर्माना और बार‑बार करने पर जेल की सजा भी लागू हो सकती है। इसलिए कुत्ते को पट्टा बांध कर, हैंडल से दूर रखकर और विशेष पेट‑कैरीयर का उपयोग करके सुरक्षित यात्रा करना advisable है।

सौजन्य से:- ABP News
बाइक पर कुत्ते को बैठाकर चलते हैं, जानें क्या कहता है कानून?
बाइक या स्कूटी पर अपने पालतू कुत्ते को बैठाकर चलना सही है या नहीं? जानिए भारतीय कानून, मोटर व्हीकल एक्ट और जानवरों की सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियम.
इंडिया में अब पालतू जानवर पालने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. अब लोग अपने घर में कुत्ता और बिल्ली पाल रहे हैं. जबकि कुछ लोग तो अपने पालतू कुत्तों को अपने साथ मार्केट भी ले जाते हैं. आपने अक्सर देखा होगा कि, कई लोग अपनी बाइक पर अपने कुत्ते को बैठा लेते हैं और घूमने निकल जाते हैं. देखने में यह भले ही बहुत प्यारा और आसान लगे लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारतीय ट्रैफिक नियमों के तहत ऐसा करना लीगल है या नहीं? बता दें कि, कानून की नजर में बिना सुरक्षा इंतजामों के दोपहिया वाहन पर कुत्ते को बैठाकर चलना आपको भारी मुसीबत में डाल सकता है और आपका चालान भी कट सकता है.
क्योंकि, भारतीय मोटर वाहन अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत वाहनों पर जानवरों को ले जाने के सख्त दिशानिर्देश तय किए गए हैं. तो इस खबर में चलिए जानतें हैं कि, अगर कोई ऐसा करते पकड़ा जाता है तो ट्रैफिक पुलिस किन धाराओं के तहत कार्रवाई कर सकती है.
आपके ऊपर लग सकता है यह धारा
बता दें कि, भारतीय कानून में बाइक पर कुत्ते को बैठाने पर कोई सीधी रोक नहीं है लेकिन इसके लिए सुरक्षा और कंट्रोल की कड़ी शर्तें लागू होती हैं. मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत अगर कुत्ता हैंडल बार के पास बैठा है या आपकी ड्राइविंग में रुकावट डाल रहा है तो इसे खतरनाक ड्राइविंग माना जाता है.
जबकि इसके अलावा सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के नियम 125E के तहत जानवरों को असुरक्षित तरीके से ले जाने पर 500 से 1,500 रुपये तक का ट्रैफिक चालान काटा जा सकता है.
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यह धारा भी लग सकती है
आपको बता दें कि, केवल ट्रैफिक पुलिस ही नहीं बल्कि एनिमल वेलफेयर बोर्ड और पुलिस पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत भी कार्रवाई कर सकती है. अगर कुत्ता बाइक पर असुरक्षित स्थिति में बैठा है जिससे उसके गिरने, चोटिल होने या डरने की संभावना हो तो इसे जानवर के प्रति क्रूरता माना जाता है. इस धारा के तहत पहली बार पकड़े जाने पर जुर्माना और बार-बार उल्लंघन करने पर जेल तक की सजा का प्रावधान मौजूद है.
इन बातों का रखें ध्यान
जानकारी दें दे कि, अगर आपको मजबूरी में अपने पालतू कुत्ते को बाइक या स्कूटी से ले जाना पड़े तो कुछ सुरक्षा नियमों का पालन जरूर करें. कुत्ते को कभी भी बिना पट्टे या खुला न छोड़ें. क्योंकि चलती बाइक से कूदने पर उसकी जान जा सकती है.
इसके अलावा कभी भी डॉगी को हैंडल पर न टिकाएं और न ही अपनी गोद में इस तरह बैठाएं कि ब्रेक लगाने या टर्न लेने में आपको दिक्कत हो. बाजार में आजकल पेट्स के लिए विशेष टू-व्हीलर पेट कैरियर आते हैं. जिनका इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित माना जाता है.
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यह है सबसे बेहतर विकल्प
आपको बता दें कि, ट्रैफिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि दोपहिया वाहन पर कुत्ते को ले जाना हमेशा जोखिम भरा होता है. अचानक हॉर्न की आवाज, किसी बड़े वाहन के गुजरने या आवारा कुत्तों को देखकर आपका पालतू डॉग चौंक सकता है और असंतुलित होकर बाइक से कूद सकता है.
जिससे बड़ा हादसा हो सकता है. इसलिए अपने प्यारे पालतू जानवर की सुरक्षा और कानूनी चालान से बचने के लिए हमेशा कार, ऑटो या पेट-फ्रेंडली कैब का ही इस्तेमाल करें ताकि सफर सुरक्षित और आरामदायक बना रहे.
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