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बार काउंसिल खुद कोई लॉ कॉलेज नहीं चला सकता, सुप्रीम कोर्ट में प्रशांत भूषण ने क्या कहा

बार काउंसिल खुद कोई लॉ कॉलेज नहीं चला सकता, सुप्रीम कोर्ट में प्रशांत भूषण ने क्या कहा बीसीआई हाल में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, हैदराबाद से जुड़े विवाद को लेकर भी चर्चा में रही है। BCI ने 2026 में ग्रेजुएट होने वाले…

17 अगस्त 2026 को 05:55 pm बजे
बार काउंसिल खुद कोई लॉ कॉलेज नहीं चला सकता, सुप्रीम कोर्ट में प्रशांत भूषण ने क्या कहा

सौजन्य से:- Hindustan

बार काउंसिल खुद कोई लॉ कॉलेज नहीं चला सकता, सुप्रीम कोर्ट में प्रशांत भूषण ने क्या कहा

बीसीआई हाल में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, हैदराबाद से जुड़े विवाद को लेकर भी चर्चा में रही है। BCI ने 2026 में ग्रेजुएट होने वाले पूरे बैच के नॉमिनेशन पर रोक लगाने का आदेश दिया था, लेकिन कुछ घंटों बाद इसे वापस ले लिया गया।

सीनियर वकील प्रशांत भूषण ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया एक नियामक संस्था है, इसलिए वह खुद कोई लॉ कॉलेज नहीं चला सकता। उन्होंने कहा कि BCI का काम देश के कानून कॉलेजों को रेगुलेट करना है, लेकिन अगर वही संस्था लॉ कॉलेज चलाने लगे तो हितों का टकराव पैदा होता है। भूषण ने यह टिप्पणी एक अलग मामले की सुनवाई के दौरान की। उन्होंने इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन उनकी बात को बीसीआई की ओर से गोवा में वकीलों के लिए प्रस्तावित राष्ट्रीय विधि अकादमी से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वह एक याचिका भी दायर कर रहे हैं।

प्रशांत भूषण उस समय परमाणु ऊर्जा से जुड़े कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाले मामले में दलील रख रहे थे। उन्होंने परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड के संदर्भ में भी नियामक संस्था की स्वतंत्रता का सवाल उठाया। उनका तर्क था कि अगर किसी नियामक संस्था के सदस्यों की नियुक्ति ऐसे निकाय की सिफारिश पर होती है, जो खुद परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का संचालन करता है, तो नियामक की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। इसी उदाहरण के आधार पर उन्होंने BCI का मुद्दा उठाया और कहा कि जिस संस्था के पास लॉ कॉलेजों को नियंत्रित करने की शक्ति है, वही संस्था कॉलेज चलाए तो यह भी हितों के टकराव की स्थिति पैदा करता है।

BCI के अध्यक्ष के बयान पर मचा था हंगामा

यह टिप्पणी बीसीआई के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के हालिया बयान के बाद अहम मानी जा रही है। 9 अगस्त को मिश्रा ने कहा था कि BCI के ट्रस्ट की ओर से संचालित इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च के गोवा परिसर में वकीलों के लिए राष्ट्रीय विधि अकादमी स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया था कि देशभर के युवा वकील वहां ट्रेनिंग लेने आएंगे और प्रशिक्षण सभी वकीलों के लिए जरूरी होगा। यह सिलेबस करीब 10 दिन से दो सप्ताह तक चल सकता है।

बीसीआई हाल में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, हैदराबाद से जुड़े विवाद को लेकर भी चर्चा में रही है। BCI ने 2026 में ग्रेजुएट होने वाले पूरे बैच के नामांकन पर रोक लगाने का आदेश दिया था, लेकिन कुछ घंटों बाद इसे वापस ले लिया गया। यह कार्रवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के विरोध से जुड़े विवाद के बीच हुई थी। चीफ जस्टिस ने बीसीआई के हस्तक्षेप पर कड़ी आपत्ति जताई थी। बाद में मनन कुमार मिश्रा ने छात्रों से माफी मांगते हुए कहा था कि विवाद से जुड़ी उनकी किसी बात या पत्र से छात्रों की भावनाएं आहत हुई हों तो उन्हें इसका खेद है।

लेखक के बारे में

Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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