होमकानूनबीजेपी और आरएसएस की नजरें एक-दूसरे पर, कानून-व्यवस्था पर बीजेपी का फोकस
कानून

बीजेपी और आरएसएस की नजरें एक-दूसरे पर, कानून-व्यवस्था पर बीजेपी का फोकस

बीजेपी और आरएसएस की रणनीति युवों के भरोसे पर केन्द्रित है। बीजेपी कानून-व्यवस्था पर ध्यान दे रही है, जबकि आरएसएस मुद्दों के युवा प्रति प्रभाव पर केन्द्रित है।

21 जुलाई 2026 को 02:13 pm बजे
बीजेपी और आरएसएस की नजरें एक-दूसरे पर, कानून-व्यवस्था पर बीजेपी का फोकस

सौजन्य से:- Navbharat Times

सीजेपी के प्रदर्शन के बीच बीजेपी की नजर कानून-व्यवस्था पर, संघ का फोकस युवाओं के भरोसे पर

छात्र आंदोलनों को लेकर बीजेपी जहां इसे कानून-व्यवस्था का मसला मानकर स्थिति संभालने पर केंद्रित है, वहीं आरएसएस युवाओं में पनपते असंतोष को लेकर गंभीर है।

सरकार ने प्रदर्शनकारियों से कही ये बात

सरकार के सूत्रों के मुताबिक सरकार की तरफ से प्रदर्शनकारियों से कहा गया है कि उनकी जो तीन मांगें हैं उन पर उचित फोरम पर चर्चा की जाएगी और फिर उन्हें बताया जाएगा। हालांकि इसके लिए कोई टाइमलाइन तय नहीं की गई है।पेपर लीक के मामलों में हुई पूरी कार्रवाई

संसद मार्च के अगले दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने एनडीए सांसदों की मीटिंग में जिस तरह एग्जाम सिस्टम को फूलप्रूफ बनाने की बात कही और बताया कि किस तरह सरकार ने पेपर लीक के मामलों में कड़ी कार्रवाई की और अच्छे से दोबारा परीक्षा कराई, उसे सरकार की तरफ से आंदोलन के मूल मुद्दे पर जवाब देने की कोशिश माना जा रहा है।प्रदर्शन के पीछे विपक्षी दलों का हाथ

वैसे सरकार और बीजेपी का सार्वजनिक रुख ये है कि प्रदर्शन के पीछे विपक्षी दलों की भूमिका है और स्टूडेंट्स से जुड़े मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। बीजेपी के सांसद बातचीत में संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बता रहे हैं।मामले में क्या है बीजेपी की रणनीति

बीजेपी की रणनीति फिलहाल आंदोलन को परीक्षा व्यवस्था तक सीमित रखने की कोशिश के तौर पर दिख रही है। भड़काऊ बयान देने से भी बचने को कहा गया है। सरकार की तरफ से ये भी कोशिश हो रही है कि परीक्षा सुधार और युवाओं के लिए भरोसे का संदेश दिया जाए।आरएसएस की तरफ से नहीं आया कोई बयान

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तरफ से इस आंदोलन पर कोई औपचारिक बयान नहीं दिया गया है। हालांकि संघ लंबे वक्त से युवाओं, शिक्षा और रोजगार जैसे विषयों को सामाजिक दृष्टि से अहम मानता रहा है। संघ से जुड़े लोगों ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि युवाओं के मुद्दे संवेदनशील होते हैं और राष्ट्र से जुड़े होते हैं। RSS को मिल रहा फीडबैक

संघ के अलग अलग संगठन अलग अलग क्षेत्र में काम कर रहे हैं और उनसे फीडबैक भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में अलग अलग मसलों को लेकर असंतोष हो सकता है लेकिन उसका इस्तेमाल कोई देशविरोधी ताकतें ना करें, इसका ध्यान रखना जरूरी है। साथ ही किसी भी विरोध को हैंडल करने का तरीका सही होना चाहिए।कन्वर्सेशन शुरू करें

Indiaकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सीएलजी की बडोरा पुलिस चौकी में चर्चा, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयुक्त प्रयास
कानून

सीएलजी की बडोरा पुलिस चौकी में चर्चा, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयुक्त प्रयास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बलरामपुर दौरे पर, जिले के विकास और कानून व्यवस्था पर चर्चा
कानून

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बलरामपुर दौरे पर, जिले के विकास और कानून व्यवस्था पर चर्चा

कम्यून स्तर तक निर्बाध राष्ट्रीय रक्षा प्रणाली
कानून

कम्यून स्तर तक निर्बाध राष्ट्रीय रक्षा प्रणाली

पंजाब में जोरदार प्रभाव: ट्रंप की कड़ी इमिग्रेशन नीति से लोगों के लिए जाना आसान नहीं
कानून

पंजाब में जोरदार प्रभाव: ट्रंप की कड़ी इमिग्रेशन नीति से लोगों के लिए जाना आसान नहीं

मऊ में भारत मुक्ति मोर्चा ने विरोध, CAA, UCC वापसी के लिये किया आंदोलन
कानून

मऊ में भारत मुक्ति मोर्चा ने विरोध, CAA, UCC वापसी के लिये किया आंदोलन

उद्योगिक कानूनी मसौदे पर सरकारी प्रतिक्रिया और सारांश का प्रकाशन
कानून

उद्योगिक कानूनी मसौदे पर सरकारी प्रतिक्रिया और सारांश का प्रकाशन

लाओ काई प्रांत में बिजली संबंधी नीतियों और कानूनों का कार्यान्वयन
कानून

लाओ काई प्रांत में बिजली संबंधी नीतियों और कानूनों का कार्यान्वयन

कम्यून स्तर की सरकार से संबंधित कानूनों की जानकारी के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिता शुरू
कानून

कम्यून स्तर की सरकार से संबंधित कानूनों की जानकारी के लिए ऑनलाइन प्रतियोगिता शुरू

ताज़ा ख़बरें