सवर्ण समाज ने यूजीसी विरोध में पानी की टंकी पर चढ़कर एडीसीपी को ज्ञापन सौंपा
दादरी में सवर्ण समुदाय ने यूजीसी कानून और आरक्षण संशोधन के विरोध में पैदल मार्च किया, पानी की टंकी पर चढ़कर बैनर दिखाए और राष्ट्रपति के नाम एडीसीपी को ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन का नेतृत्व पीतांबर शर्मा ने किया, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता और युवा शामिल थे।

सौजन्य से:- Hindustan
यूजीसी कानून के खिलाफ पानी की टंकी पर चढ़े लोग
दादरी में सवर्ण समाज के लोगों ने यूजीसी कानून के खिलाफ और आरक्षण में संशोधन की मांग को लेकर पैदल मार्च निकाला। आंदोलन के दौरान, लोग बैनर और झंडे लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए और एडीसीपी को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए।
दादरी, संवाददाता। यूजीसी कानून के खिलाफ और आरक्षण में संशोधन की मांग को लेकर सवर्ण समाज के लोगों ने बुधवार को पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कई लोग बैनर, झंडे लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए। इसके बाद लोगों ने एडिशनल डीसीपी ग्रेटर नोएडा संतोष मिश्रा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। सुबह 10 बजे के करीब सैकड़ों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग सूरज फार्म में एकित्र हुए। यहां उन्होंने कोतवाली के तिराहे तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद तहसील पहुंचे। पदयात्रा में क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में अधिवक्ता और युवा भी शामिल हुए। इससे पहले गौतमबुद्धनगर के अधिवक्ताओं की ओर से भी इस आंदोलन को समर्थन देने और 16 सितंबर की पदयात्रा में शामिल होने की घोषणा की गई थी。
मार्च के कारण
मार्च की अगुवाई कर रहे पीतांबर शर्मा का कहना था कि यूजीसी एक काला कानून है जो केवल छात्रों के अध्ययन में बाधा डालने के लिए बनाया गया है। अब सरकार यह चाहती है कि समाज के बच्चे विश्वविद्यालय तक भी नहीं पहुंचे। ललित राणा ने कहा कि तुष्टीकरण की निति से एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना पूरी नहीं हो सकती है। इस मौके पर रतनवीर शर्मा , परमानंद शर्मा, रामदत्त शर्मा , रामवीर शर्मा एडवोकेट कपिल शर्मा , परमानन्द कौशिक, सतपाल राणा, बीन्नू राणा समेत सैंकड़ो लोग मौजूद रहें।
प्रदर्शन की गतिविधियाँ
झंडे लहराकर लगाए नारे
प्रदर्शन के दौरान कुछ युवा कार्यकर्ता दादरी तहसील के पास स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। युवाओं ने वहां से झंडे लहराए और आरक्षण के विरोध में नारेबाजी की। घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी सामने आई हैं। इन दृश्यों में युवाओं का जोश और प्रदर्शनकारियों की बड़ी संख्या दिखाई दे रही है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका विरोध किसी जाति अथवा धर्म के खिलाफ नहीं है। उनकी प्रमुख मांगों में आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और आर्थिक आधार को महत्व देने की मांग शामिल है।
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