सुप्रीम कोर्ट का क्या है ऐतिहासिक फैसला जिससे कराया अवगत
सुप्रीम कोर्ट ने डील के लिए कई चेक दिये जाते हैं और वे सभी बाउंस हो जाते हैं, तो हर एक चेक बाउंस होने पर अलग से स्वतन्त्र केस दर्ज किया जाएगा।

सौजन्य से:- Hindustan
चेक वांउस के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कराया अवगत
जनपद न्यायालय में बैठक करते न्यायिक अधिकारी चेक वांउस के सुप्रीम कोर्ट फैसले से कराया अवगतचेक वांउस के सुप्रीम कोर्ट फैसले से कराया अवगतचेक वांउस के स
हाथरस। जेटीआरआई. लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश विनय कुमार तृतीय की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय के समस्त न्यायिक अधिकारीगण को सतत सीखने हेतु वातावरण निर्मित किये जाने के उद्देश्य से वीडियो काॅन्फ्रेसिंग कक्ष में धारा 138 एनआई एक्ट के बारे में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्टेªट, दीपक नाथ सरस्वती द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि इस ऐेतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अगर किसी एक ही बिजनेस डील या लेन देन के लिए कई चेक दिये गये हैं और वे सभी बाउंस हो जाते है, तो हर एक चेक बाउंस होने पर अलग से स्वतन्त्र केस दर्ज किया जा कसता है।
ऐतिहासिक निर्णय
एवं किसी व्यक्ति द्वारा किसी बैंक में अपने द्वारा रखे गए खाते से किसी अन्य व्यक्ति को किसी ऋण या अन्य दायित्व के पूर्ण या आंशिक भुगतान हेतु कोई चेक जारी किया जाता है और वह चेक बैंक द्वारा अवैतनिक लौटा दिया जाता है, चाहे इसका कारण यह हो कि उस खाते में जमा राशि चेक का भुगतान करने के लिए अपर्याप्त है या वह राशि उस बैंक के साथ किए गए समझौते के अनुसार उस खाते से भुगतान की जाने वाली राशि से अधिक है, तो ऐसे व्यक्ति को अपराध का दोषी माना जाएगा। इस अवसर पर जनपद न्यायालय, हाथरस के समस्त न्यायिक अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे।
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